Survey: नशा कर रहा देश का नाश, पुरुषों से ज्यादा तो महिलाएं पी रही सिगरेट

punjabkesari.in Monday, Jun 22, 2026 - 12:25 PM (IST)

नारी डेस्क:  पहले के जमाने में शराब और सिगरेट को सिर्फ पुरुषों के साथ ही जोड़ा जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। महिलाएं अब इन मामलों में भी पुरुषाें को खूब टक्कर दे रही हैं। हाल ही में रिपोर्ट में इस बात का दावा किया गया है। NFHS-6 (2023-24) के डेटा के अनुसार, बिहार समेत कई राज्यों में पुरुषों के शराब पीने की आदत बढ़ी है, जबकि भारत में ज़्यादा से ज़्यादा महिलाएं तंबाकू का सेवन कर रही हैं।

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पुरुषों में तंबाकू का इस्तेमाल घटा

तेलंगाना और यूपी समेत 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में, नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 (2019-21) की तुलना में 15 साल और उससे ज़्यादा उम्र की महिलाओं में किसी भी तरह के तंबाकू के इस्तेमाल में बढ़ोतरी देखी गई है। यह तब हो रहा है जब राष्ट्रीय स्तर पर किसी भी तरह का तंबाकू इस्तेमाल करने वाली महिलाओं की संख्या में मामूली कमी (8.9% से 8.4%) आई है। पुरुषों के मामले में भी यही स्थिति है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 के अनुसार पुरुषों में तंबाकू का इस्तेमाल 38.0% से घटकर 36.3% हो गया है। हालांकि, कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पुरुषों और महिलाओं दोनों में तंबाकू का इस्तेमाल ज़्यादा है।


तंबाकू से होती है ये बीमारियां

 इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च (ICMR-NICPR), नोएडा की डायरेक्टर डॉ. शालिनी सिंह के अनुसार, भारत में तंबाकू से होने वाली सभी मौतों में से 48% मौतें कार्डियोवैस्कुलर बीमारी (CVD) के कारण होती हैं, जिससे CVD देश में तंबाकू से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण बन गया है। चिंता की बात यह है कि महिलाओं में तंबाकू का इस्तेमाल बढ़ा है, यह एक खामोश त्रासदी है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में तंबाकू से होने वाली लगभग आधी मौतें हार्ट अटैक या स्ट्रोक के कारण होती हैं। बिना धुएं वाले तंबाकू का सीधा संबंध मुंह के कैंसर, ओरोफरीनक्स, हाइपोफरीनक्स और एसोफैगस (भोजन नली) के कैंसर से है।

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ग्रामीण महिलाएं भी नहीं पीछे

दुनिया भर में मुंह के कैंसर के कुल मामलों में से लगभग एक-तिहाई मामले भारत में होते हैं, और इसका मुख्य कारण बिना धुएं वाला तंबाकू है। कई राज्यों में ग्रामीण महिलाएं भी आगे है । हालांकि, ऐसा नहीं है कि पुरुष स्मोकिंग नहीं कर रहे हैं। UP और उत्तराखंड समेत 10 राज्यों में, राष्ट्रीय औसत की तुलना में ज़्यादा पुरुष धूम्रपान कर रहे हैं। शराब पीने वालों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है - राष्ट्रीय स्तर पर (18.7% से 18.9%) और आंध्र, केरल और तेलंगाना समेत 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में। नेशनल फ़ैमिली हेल्थ सर्वे-6 के अनुसार, पुरुषों में तंबाकू का इस्तेमाल 38.0% से घटकर 36.3% हो गया है।


सिर्फ गुजरात में शराब की खपत हुइ कम

तंबाकू से होने वाले कैंसर सभी तरह के कैंसर का 27-30% हैं, और ज़्यादा असर वाले इलाकों में पुरुषों में यह आंकड़ा 40-50% से भी ज़्यादा है। तंबाकू से जुड़ी अन्य सभी बीमारियों की तुलना में CVD (दिल की बीमारी) से ज़्यादा तंबाकू इस्तेमाल करने वालों की मौत होती है। तंबाकू से होने वाली मौतों में 23% मौतें क्रोनिक रेस्पिरेटरी बीमारियों (सांस की पुरानी बीमारियों) से होती हैं, और कैंसर से 10% मौतें होती हैं। बिहार, नागालैंड और मिज़ोरम जैसे शराब-मुक्त राज्यों में इसकी खपत बढ़ी है। प्रतिबंध का असर सिर्फ़ गुजरात में देखा जा सकता है, जहां पुरुषों और महिलाओं दोनों में इसकी खपत में कमी आई है। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं में शराब की खपत थोड़ी कम हुई है (1.3% से 1.1%), लेकिन आंध्र प्रदेश, केरल और तेलंगाना समेत आठ राज्यों में यह बढ़ी है।
 


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Content Writer

vasudha

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