H1N1 वायरस के बाद अब इस नए वायरस का फैला खतरा, समय रहते पहचाने लक्षण

punjabkesari.in Tuesday, Sep 22, 2026 - 07:30 PM (IST)

नारी डेस्क : झारखंड के सिमडेगा जिले में रूबेला यानी जर्मन खसरा का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग निगरानी बढ़ा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ठेठईटांगर प्रखंड की 10 वर्षीय बच्ची में रूबेला संक्रमण की पुष्टि हुई है। यह इस सीजन में राज्य में सामने आया पहला रिपोर्टेड मामला बताया जा रहा है। रूबेला आमतौर पर बच्चों और वयस्कों में हल्का संक्रमण करता है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान इसका संक्रमण गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

क्या है रूबेला वायरस?

रूबेला एक संक्रामक वायरल इंफेक्शन है, जिसे आम बोलचाल में जर्मन खसरा कहा जाता है। हालांकि, यह खसरा पैदा करने वाले वायरस से अलग है। संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली सांस की बूंदों के जरिए फैलता है। ज्यादातर बच्चों और वयस्कों में बीमारी हल्की रहती है और कुछ संक्रमित लोगों में कोई स्पष्ट लक्षण भी नहीं दिखाई देते। CDC के अनुसार, करीब 25 से 50 प्रतिशत संक्रमित लोगों में लक्षण दिखाई नहीं देते, फिर भी वे वायरस दूसरे लोगों तक पहुंचा सकते हैं।

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रूबेला के लक्षण कैसे पहचानें?

रूबेला के लक्षण हर व्यक्ति में एक जैसे नहीं होते। बच्चों में अगर लक्षण दिखाई दें तो चेहरे से शुरू होकर शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैलने वाले लाल चकत्ते आम संकेतों में शामिल हैं।
इसके अलावा ये लक्षण भी हो सकते हैं
हल्का बुखार और सिरदर्द होना
गले में खराश और नाक बहना
आंखों में लालिमा
शरीर में सामान्य कमजोरी या असहजता
कान के पीछे और गर्दन के आसपास लिम्फ नोड्स में सूजन
रूबेला का रैश आमतौर पर चेहरे से शुरू होकर तेजी से शरीर के दूसरे हिस्सों में फैल सकता है और करीब तीन दिनों तक रह सकता है। हालांकि, केवल दाने देखकर रूबेला की पुष्टि नहीं की जा सकती, क्योंकि कई दूसरी बीमारियों में भी इसी तरह के रैश दिखाई दे सकते हैं। संदिग्ध मामले में डॉक्टर की सलाह और जरूरत के अनुसार लैब टेस्ट से स्थिति स्पष्ट की जाती है।

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गर्भवती महिलाओं के लिए क्यों गंभीर है रूबेला?

रूबेला का सबसे बड़ा स्वास्थ्य जोखिम गर्भावस्था के दौरान होता है। अगर गर्भवती महिला को शुरुआती गर्भावस्था में रूबेला संक्रमण होता है, तो वायरस गर्भ में पल रहे बच्चे तक पहुंच सकता है। इससे गर्भपात, भ्रूण की मृत्यु और Congenital Rubella Syndrome (CRS) का खतरा बढ़ सकता है। CRS में बच्चे को सुनने की क्षमता में कमी, आंखों और दिल से जुड़ी जन्मजात समस्याएं तथा अन्य विकास संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। WHO के अनुसार गर्भावस्था के शुरुआती चरण, खासकर पहली तिमाही में संक्रमण होने पर जोखिम सबसे ज्यादा होता है। इसलिए गर्भधारण की योजना बना रही महिलाओं के लिए रूबेला से प्रतिरक्षा की स्थिति जानना महत्वपूर्ण है।

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रूबेला कितने समय तक फैल सकता है?

रूबेला संक्रमित व्यक्ति से सांस की बूंदों और श्वसन स्राव के संपर्क से फैल सकता है। CDC के अनुसार संक्रमित व्यक्ति दाने निकलने से करीब 7 दिन पहले से लेकर दाने आने के 7 दिन बाद तक वायरस फैला सकता है। इसलिए बिना लक्षण वाले व्यक्ति से भी संक्रमण फैलने की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। किसी इलाके में एक मामला सामने आने का मतलब यह नहीं है कि वायरस वहीं से पैदा हुआ है। संक्रमण किसी दूसरे स्थान से भी व्यक्ति तक पहुंच सकता है। किसी मरीज को संक्रमण कहां से मिला, यह जानने के लिए स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की जांच और संपर्क में आए लोगों की निगरानी जरूरी होती है।

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रूबेला से बचाव कैसे करें?

रूबेला से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका टीकाकरण है। रूबेला की वैक्सीन आमतौर पर MMR (Measles, Mumps and Rubella) वैक्सीन के रूप में दी जाती है। CDC के अनुसार MMR की एक डोज रूबेला से बचाव में करीब 97 प्रतिशत प्रभावी है। बच्चों का टीकाकरण निर्धारित समय पर पूरा कराना जरूरी है। अगर आपको या आपके बच्चे को टीकाकरण की स्थिति के बारे में जानकारी नहीं है, तो डॉक्टर या स्थानीय स्वास्थ्य विभाग से सलाह लें। खासकर गर्भधारण की योजना बना रही महिलाओं को अपनी रूबेला इम्युनिटी के बारे में डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
ध्यान दें: रूबेला वैक्सीन गर्भावस्था के दौरान नहीं दी जाती। अगर गर्भवती महिला को अपनी इम्युनिटी को लेकर संदेह है, तो खुद से वैक्सीन लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

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क्या रूबेला का कोई खास इलाज है?

रूबेला को तुरंत खत्म करने वाली कोई विशेष एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। ज्यादातर मामलों में इलाज लक्षणों को नियंत्रित करने और आराम पर केंद्रित रहता है। अगर किसी व्यक्ति में रूबेला जैसे लक्षण दिखाई दें या वह संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया हो, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। खासतौर पर गर्भवती महिला में रूबेला के संपर्क या संक्रमण का संदेह हो तो तुरंत स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि शुरुआती गर्भावस्था में संक्रमण का असर गंभीर हो सकता है।


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Monika

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