हेल्दी खाने के बाद भी रहती है कमजोरी? डाइट में इस जरूरी पोषक तत्व कमी
punjabkesari.in Sunday, Sep 20, 2026 - 08:55 AM (IST)
नारी डेस्क: आजकल फिट और हेल्दी रहने के लिए लोग घर का बना खाना खाने, फल-सब्जियां बढ़ाने, तली हुई चीजों से दूरी बनाने और चीनी कम करने पर काफी ध्यान देते हैं। यह अच्छी आदतें हैं, लेकिन सिर्फ इतना करना ही पर्याप्त नहीं है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खाने में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स का सही संतुलन होना भी जरूरी है। कई बार हमारी डाइट बाहर से काफी हेल्दी नजर आती है, लेकिन उसमें कुछ जरूरी पोषक तत्व कम हो जाते हैं। खासकर वजन कम करने या फिट रहने के चक्कर में लोग कार्बोहाइड्रेट और वसा को पूरी तरह कम कर देते हैं। वहीं कुछ लोग दिनभर सलाद, फल या जूस पर निर्भर रहने लगते हैं। ऐसी डाइट से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा और जरूरी पोषण नहीं मिल पाता। इसका असर थकान, कमजोरी, सुस्ती और ध्यान लगाने में परेशानी के रूप में दिखाई दे सकता है।
शरीर को ऊर्जा देने के लिए जरूरी है कार्बोहाइड्रेट
कार्बोहाइड्रेट को लेकर अक्सर लोगों के मन में यह गलतफहमी रहती है कि इसे खाने से वजन बढ़ता है। जबकि शरीर के लिए कार्बोहाइड्रेट ऊर्जा का एक प्रमुख स्रोत है। खासकर दिमाग और शरीर को रोजाना काम करने के लिए ऊर्जा की जरूरत होती है। इसलिए डाइट से कार्बोहाइड्रेट को पूरी तरह हटाने के बजाय इसके बेहतर स्रोतों को खाने में शामिल करना चाहिए। साबुत अनाज, ओट्स, ब्राउन राइस, दालें, मोटे अनाज और सब्जियां इसके अच्छे स्रोत हो सकते हैं। इनसे शरीर को ऊर्जा के साथ-साथ फाइबर भी मिलता है।
हर मुख्य भोजन में प्रोटीन होना जरूरी

प्रोटीन शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह मांसपेशियों के निर्माण और उनकी मरम्मत में मदद करता है। इसके अलावा शरीर में एंजाइम और हार्मोन बनाने में भी इसकी भूमिका होती है। अगर खाने में प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में नहीं है तो खाना खाने के बाद भी जल्दी भूख लग सकती है और समय के साथ मांसपेशियों में कमजोरी महसूस हो सकती है। प्रोटीन के लिए दाल, चना, राजमा, बीन्स, सोया, अंडे, दूध और दूसरे डेयरी उत्पाद, मछली और चिकन जैसे खाद्य पदार्थ लिए जा सकते हैं। शाकाहारी लोग दालों, फलियों, सोया, पनीर, दूध और दही से अपनी जरूरत के मुताबिक प्रोटीन ले सकते हैं।
वसा को पूरी तरह बंद करना भी सही नहीं
स्वस्थ रहने के लिए वसा की भी जरूरत होती है। समस्या तब होती है जब खाने में बहुत ज्यादा या बार-बार तली हुई और अस्वास्थ्यकर वसा शामिल हो जाए। वहीं शरीर को कुछ जरूरी फैटी एसिड की आवश्यकता होती है।नट्स, बीज, एवोकाडो और उचित मात्रा में वनस्पति तेल जैसे स्रोत डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। वसा शरीर में कुछ विटामिनों के अवशोषण में भी मदद करती है। इसलिए वजन कम करने के चक्कर में वसा को पूरी तरह बंद करने के बजाय इसकी सही मात्रा और बेहतर स्रोतों पर ध्यान देना चाहिए।
लगातार थकान हो तो आयरन और विटामिन B12 पर भी ध्यान दें
हर समय थकान और कमजोरी महसूस होना सिर्फ कम खाना खाने की वजह से नहीं होता। कई बार शरीर में आयरन, विटामिन B12 या फोलिक एसिड की कमी भी इसकी वजह हो सकती है। आयरन शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए जरूरी है। इसकी कमी होने पर थकान, कमजोरी, सांस फूलना और ध्यान लगाने में परेशानी जैसी शिकायतें हो सकती हैं। वहीं विटामिन B12 की कमी में थकान के साथ हाथ-पैर में झुनझुनी या सुन्नपन जैसी समस्या भी हो सकती है। जो लोग पूरी तरह शाकाहारी या वीगन डाइट लेते हैं, उन्हें विटामिन B12 के पर्याप्त स्रोत पर खास ध्यान देना चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेकर जांच भी कराई जा सकती है।
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सिर्फ जंक फूड छोड़ना ही संतुलित डाइट नहीं
संतुलित डाइट का मतलब केवल पिज्जा, बर्गर, चिप्स, मिठाई या दूसरी अस्वास्थ्यकर चीजों से दूरी बनाना नहीं है। शरीर को हर दिन पर्याप्त ऊर्जा और अलग-अलग पोषक तत्वों की जरूरत होती है। कोशिश करें कि हर मुख्य भोजन में प्रोटीन के साथ साबुत अनाज या दूसरे जटिल कार्बोहाइड्रेट, अलग-अलग रंगों की सब्जियां और उचित मात्रा में स्वस्थ वसा शामिल हो। फल भी डाइट का हिस्सा होने चाहिए। यानी प्लेट में सिर्फ सलाद भर लेने के बजाय ऐसा खाना चुनें जिससे शरीर को ऊर्जा, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स सभी मिल सकें।

पानी और नींद को भी नजरअंदाज न करें
हेल्दी डाइट के साथ पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने पर थकान, सिरदर्द और ध्यान लगाने में परेशानी हो सकती है। हालांकि हर व्यक्ति को कितने पानी की जरूरत है, यह उसके शरीर के आकार, शारीरिक गतिविधि, मौसम और स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करता है। इसी तरह अच्छी नींद भी शरीर के लिए जरूरी है। अगर खान-पान ठीक होने के बावजूद नींद पूरी नहीं हो रही है, तनाव ज्यादा है या शारीरिक गतिविधि बहुत कम है, तो भी लगातार थकान महसूस हो सकती है।
हर थकान को पोषण की कमी न समझें
लगातार थकान को केवल डाइट की कमी मानना सही नहीं है। एनीमिया, थायरॉयड की समस्या, डायबिटीज, नींद से जुड़ी परेशानियां, संक्रमण और दूसरी स्वास्थ्य स्थितियां भी इसकी वजह हो सकती हैं। कुछ दवाओं के कारण भी थकान महसूस हो सकती है। इसलिए अगर पर्याप्त खाना खाने, पानी पीने और अच्छी नींद लेने के बावजूद लंबे समय तक थकान और कमजोरी बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेकर सही कारण की जांच कराना बेहतर है।
ध्यान रखें: स्वस्थ डाइट का मतलब कम खाना या किसी एक पोषक तत्व को पूरी तरह छोड़ना नहीं है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भोजन में अलग-अलग पोषक तत्वों का संतुलन और पर्याप्त मात्रा में खाना सबसे जरूरी है।

