मोरिंगा पराठे से मखाने तक, PM मोदी की डाइट में शामिल हैं ये 8 देसी चीजें
punjabkesari.in Thursday, Sep 17, 2026 - 12:07 PM (IST)
नारी डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनकी फिटनेस के साथ-साथ उनकी सादगी और अनुशासित लाइफस्टाइल भी अक्सर चर्चा में रहती है। पीएम मोदी कई मौकों पर अपने खान-पान को लेकर बात कर चुके हैं और भारतीय खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देते नजर आए हैं। मखाना, मिलेट्स, मोरिंगा पराठा और खिचड़ी जैसे देसी फूड्स का जिक्र उनके सार्वजनिक बयानों में मिलता रहा है। हालांकि, पीएम मोदी यह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि उनकी कोई एक तय डाइट नहीं है और वह उपलब्धता के अनुसार शाकाहारी भोजन लेते हैं।
मखाना
मखाना पीएम मोदी से जुड़े खान-पान में सबसे ज्यादा चर्चित चीजों में से एक है। बिहार के भागलपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया था कि वह साल में करीब 300 दिन मखाना खाते हैं। उन्होंने मखाने को ‘सुपरफूड’ बताते हुए इसके किसानों और वैश्विक बाजार की संभावनाओं पर भी बात की थी। मखाने को आमतौर पर भूनकर स्नैक के तौर पर खाया जाता है। इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और कुछ जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। हालांकि, किसी भी फूड की तरह इसे भी संतुलित मात्रा में खाना बेहतर होता है।

मोरिंगा पराठा
मोरिंगा यानी सहजन की पत्तियों का पराठा भी पीएम मोदी की पसंद से जुड़ा चर्चित फूड है। वह सोशल मीडिया पर मोरिंगा पराठे को लेकर अपनी पसंद का जिक्र कर चुके हैं। सहजन की पत्तियों में फाइबर, विटामिन और कई एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। भारतीय खान-पान में इसका इस्तेमाल सब्जी और अन्य व्यंजनों के रूप में लंबे समय से होता रहा है।
ढोकला
गुजरात का पारंपरिक ढोकला भी पीएम मोदी से जुड़ी खान-पान की चर्चाओं में शामिल रहा है। बेसन से बनने वाला ढोकला आमतौर पर भाप में पकाया जाता है, इसलिए इसे कई तले हुए स्नैक्स की तुलना में हल्का विकल्प माना जाता है। हालांकि, इसकी पौष्टिकता इस बात पर भी निर्भर करती है कि इसे कितने तेल, तड़के और चटनी के साथ खाया जा रहा है।
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खिचड़ी
खिचड़ी भारतीय घरों का बेहद सादा और लोकप्रिय भोजन है। पीएम मोदी भी कई मौकों पर इसका जिक्र कर चुके हैं। 2026 में ‘परीक्षा पे चर्चा’ के दौरान उन्होंने अपने शुरुआती दिनों के खान-पान से जुड़ी बातें साझा करते हुए बताया था कि वह उपलब्ध शाकाहारी भोजन खाते थे और कभी-कभी खुद खिचड़ी भी बनाते थे। दाल और चावल से बनी खिचड़ी में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का मेल मिलता है। इसमें सब्जियां और अन्य पौष्टिक सामग्री मिलाकर इसे और संतुलित बनाया जा सकता है।

भाखरी-दाल
भाखरी-दाल गुजरात की पारंपरिक थाली का हिस्सा है। भाखरी आमतौर पर ज्वार या बाजरे जैसे अनाजों के आटे से तैयार की जाती है और इसे दाल के साथ खाया जाता है। दाल से प्रोटीन मिलता है, जबकि ज्वार और बाजरा फाइबर समेत कई पोषक तत्वों के स्रोत हैं। यही वजह है कि यह पारंपरिक भोजन स्वाद के साथ पोषण भी प्रदान कर सकता है।
इंडियन एवोकाडो
2 सितंबर को पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए भारतीय एवोकाडो का जिक्र किया था। उन्होंने बताया कि पहले इस फल के बारे में बहुत कम लोग जानते थे, लेकिन अब इसकी लोकप्रियता बढ़ रही है। एवोकाडो में हेल्दी फैट, फाइबर और कई माइक्रोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं। हालांकि, इसे पीएम मोदी की नियमित डाइट का हिस्सा बताने के बजाय भारतीय एवोकाडो को लेकर उनके सार्वजनिक उल्लेख के रूप में देखना ज्यादा सही है।
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ब्लैक राइस
ब्लैक राइस यानी काले चावल भी पीएम मोदी कई मौकों पर चर्चा में ला चुके हैं। उन्होंने मणिपुर और ओडिशा के ब्लैक राइस उगाने वाले किसानों की सराहना की है। काले चावल में एंथोसायनिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। इसमें फाइबर भी मौजूद होता है। हालांकि, किसी एक खाद्य पदार्थ को ब्लड शुगर या हृदय संबंधी समस्या का इलाज मानना सही नहीं है। इसका फायदा संतुलित डाइट का हिस्सा होने पर ही देखा जाना चाहिए।

मिलेट्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंबे समय से मिलेट्स यानी मोटे अनाजों को बढ़ावा देने की बात करते रहे हैं। बाजरा, ज्वार और रागी जैसे मिलेट्स भारतीय खान-पान का पारंपरिक हिस्सा रहे हैं और इनमें फाइबर, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। मिलेट्स को डाइट में शामिल करने का तरीका व्यक्ति की जरूरत और पूरी डाइट पर निर्भर करता है। इन्हें संतुलित भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है।
पीएम मोदी की डाइट से क्या सीखें?
पीएम मोदी के खान-पान से जुड़ी सार्वजनिक जानकारियों में एक बात साफ नजर आती है। भारतीय पारंपरिक खाद्य पदार्थों पर जोर। लेकिन किसी व्यक्ति की डाइट को देखकर उसे सभी के लिए एक जैसा फिटनेस फॉर्मूला नहीं माना जा सकता। आपकी उम्र, स्वास्थ्य, शारीरिक गतिविधि और पोषण संबंधी जरूरतों के हिसाब से डाइट अलग हो सकती है।
नोट: अपनी डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले, खासकर किसी स्वास्थ्य समस्या या दवा के सेवन की स्थिति में, डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह लें।

