PM मोदी के BRICS डिनर में छाई हिमालयी गुच्छी, जानें क्यों इतनी महंगी है ये खास मशरूम

punjabkesari.in Sunday, Sep 13, 2026 - 01:19 PM (IST)

नारी डेस्क : विदेशी मेहमानों के लिए भारत मंडपम में आयोजित गाला डिनर का मेन्यू भारतीय स्वाद और क्षेत्रीय पाक परंपराओं से भरपूर रहा। खंडवी मिले-फॉय से लेकर खुम्ब गलौटी, पनीर लबाबदार और मिलेट पुलाव तक कई खास व्यंजन मेहमानों को परोसे गए। इन्हीं में 'गुच्छी मार्मिक' ने खास ध्यान खींचा। हिमालयी इलाकों में मिलने वाले इस मोरल मशरूम को इसकी सीमित उपलब्धता और बाजार में ऊंची कीमत के लिए जाना जाता है। आखिर गुच्छी इतनी खास क्यों है और इसकी कीमत कितनी होती है? आइए जानते हैं।

क्या है हिमालयी गुच्छी?

गुच्छी को Morel Mushroom के नाम से जाना जाता है और यह Morchella जीनस से संबंधित जंगली मशरूम है। यह हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड समेत हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है। इसकी टोपी की जालीदार, छत्ते जैसी बनावट इसे दूसरे मशरूम से अलग पहचान देती है। गुच्छी की खासियत यह है कि इसे आम मशरूम की तरह बड़े पैमाने पर आसानी से उगाना मुश्किल है। जंगली गुच्छी को प्राकृतिक इलाकों से इकट्ठा किया जाता है और इसकी उपलब्धता भी मौसम पर निर्भर करती है। यही वजह है कि बाजार में इसकी कीमत सामान्य मशरूम की तुलना में काफी ज्यादा हो सकती है।

PunjabKesari

क्यों इतनी महंगी होती है गुच्छी?

गुच्छी की कीमत उसकी क्वालिटी, ग्रेड, मौसम और उपलब्धता के आधार पर काफी बदल सकती है। खासकर सूखी गुच्छी बाजार में प्रीमियम कीमत पर बिकती है। कुछ बाजार रिपोर्टों में इसकी कीमत दसियों हजार रुपये प्रति किलो बताई गई है, हालांकि किसी एक तय कीमत को पूरे बाजार के लिए मानना सही नहीं होगा। इसकी सीमित उपलब्धता, जंगली स्रोत और इसे इकट्ठा करने में लगने वाली मेहनत इसकी ऊंची कीमत की प्रमुख वजहों में शामिल हैं।

यें भी पढ़ें : सोते समय अचानक शरीर में लगते हैं झटके, जानिए क्यों होता है Hypnic Jerk

BRICS डिनर में कैसे परोसी गई गुच्छी?

BRICS गाला डिनर के मेन कोर्स में 'गुच्छी मार्मिक' को शामिल किया गया था। गुच्छी की कीमत उसकी क्वालिटी, ग्रेड और उपलब्धता के अनुसार बदलती है. 2026 के कुछ मार्केट सोर्स के मुताबिक, अच्छी क्वालिटी की सूखी गुच्छी करीब 25,000 से 40,000 रुपये प्रति किलो तक बिक सकती है, जबकि कुछ रिपोर्टों में प्रीमियम गुच्छी की कीमत 30,000 से 50,000 रुपये प्रति किलो बताई गई है। उपलब्ध मेन्यू रिपोर्टों के अनुसार, इस डिश में हिमालयी गुच्छी के साथ शतावरी, केसर, किशमिश और मामरा बादाम का इस्तेमाल किया गया था। इस तरह गुच्छी को सिर्फ एक महंगे इंग्रीडिएंट के तौर पर नहीं, बल्कि भारतीय क्षेत्रीय स्वाद और आधुनिक प्रेजेंटेशन के साथ विदेशी मेहमानों के सामने पेश किया गया।

PunjabKesari

सेहत के लिए भी फायदेमंद है गुच्छी?

मोरल मशरूम में प्रोटीन, फाइबर और कुछ विटामिन व मिनरल्स पाए जाते हैं। मशरूम की कई किस्मों की तरह इसमें भी ऐसे पोषक तत्व और बायोएक्टिव कंपाउंड पाए जाते हैं जिन पर वैज्ञानिक शोध हुआ है। हालांकि, गुच्छी को कोलेस्ट्रॉल कम करने, एनीमिया ठीक करने या इम्यूनिटी बढ़ाने वाली दवा कहना सही नहीं होगा। इसके संभावित स्वास्थ्य लाभों पर शोध जारी है और इसे संतुलित डाइट का हिस्सा माना जाना चाहिए, किसी बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं।

यें भी पढ़ें : नाखून चबाने की आदत पड़ी भारी! 21 साल की महिला की उंगली में हुआ गंभीर इंफेक्शन

मेन्यू में और क्या था खास?

गुच्छी मार्मिक के अलावा गाला डिनर के मेन्यू में खंडवी मिले-फॉय, खुम्ब गलौटी, पनीर लबाबदार, कैरट बीन पोरियाल, ठक्काली बेले सारू, मिलेट पुलाव और बीटरूट रायता जैसे व्यंजन शामिल थे। डेजर्ट में ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम विद जलेबी और शहतूत फिरनी परोसी गई। यानी इस खास डिनर में भारत के अलग-अलग क्षेत्रों के स्वाद को एक ही मेन्यू में समेटकर विदेशी मेहमानों के सामने देश की समृद्ध पाक विरासत पेश की गई।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Monika

Related News

static