रात में देर से खाना खाते हैं तो हो जाएं सावधान, सेहत को हो सकते हैं ये 4 नुकसान
punjabkesari.in Friday, Sep 18, 2026 - 11:52 AM (IST)
नारी डेस्क : आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोगों का डिनर का समय तय नहीं रहता। ऑफिस का काम, देर से घर पहुंचना या रात में कुछ खाने की आदत के कारण लोग अक्सर 10 या 11 बजे तक खाना खाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि रोजाना देर रात खाना खाने की आदत शरीर पर किस तरह असर डाल सकती है? अच्छी सेहत के लिए सिर्फ यह मायने नहीं रखता कि आप क्या खा रहे हैं, बल्कि कब खा रहे हैं, यह भी महत्वपूर्ण हो सकता है। रिसर्च में भोजन के समय और शरीर की आंतरिक जैविक घड़ी के बीच संबंध देखा गया है। ऐसे में रात का खाना लगातार बहुत देर से खाने की आदत को नजरअंदाज करना सही नहीं है।
समय पर खाना क्यों है जरूरी?
हमारे शरीर की अपनी एक जैविक घड़ी यानी सर्केडियन रिदम होती है, जो नींद, हार्मोन, भूख और मेटाबॉलिज्म जैसी कई प्रक्रियाओं को प्रभावित करती है। भोजन का समय भी इन प्रक्रियाओं के साथ जुड़ा हुआ है। रिसर्च के अनुसार, खाने की मात्रा और गुणवत्ता के साथ भोजन का समय भी मेटाबॉलिक हेल्थ पर असर डाल सकता है। हालांकि, ऐसा कोई एक तय समय नहीं है जो हर व्यक्ति के लिए डिनर का सही समय हो। आपकी दिनचर्या, सोने का समय और स्वास्थ्य स्थिति भी इसमें मायने रखते हैं। आम तौर पर सोने से ठीक पहले भारी भोजन करने से बचना बेहतर माना जाता है।

देर रात खाना क्यों हो सकता है नुकसानदायक?
कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि देर से खाना खाने का संबंध वजन, मेटाबॉलिज्म और भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन में बदलाव से हो सकता है। एक अध्ययन में देर से खाना खाने वालों में कैलोरी बर्न होने की दर कम और भूख से जुड़े हार्मोन में बदलाव देखे गए। इससे शरीर में फैट जमा होने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
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बढ़ सकता है वजन
रात में देर से खाना और वजन बढ़ने के बीच संबंध कई अध्ययनों में देखा गया है। देर से खाने पर शरीर की कैलोरी खर्च करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन भी बदल सकते हैं। इसके अलावा देर रात खाना अक्सर ज्यादा कैलोरी वाले स्नैक्स या भारी भोजन से जुड़ा होता है, जो वजन बढ़ने का कारण बन सकता है।

ब्लड शुगर पर पड़ सकता है असर
देर से खाना खाने और शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता के बीच संबंध पाया गया है। लंबे समय तक अनियमित और देर से खाने की आदत मेटाबॉलिक हेल्थ को प्रभावित कर सकती है। इससे कुछ लोगों में टाइप-2 डायबिटीज जैसे मेटाबॉलिक रोगों का जोखिम बढ़ने से जुड़ा संबंध देखा गया है। हालांकि, डायबिटीज का कारण सिर्फ देर रात खाना नहीं होता; खान-पान, वजन, शारीरिक गतिविधि और आनुवंशिक कारण भी महत्वपूर्ण हैं।
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दिल की सेहत पर पड़ सकता है अप्रत्यक्ष असर
अगर देर रात खाना लगातार अधिक कैलोरी लेने, वजन बढ़ने और ब्लड शुगर में गड़बड़ी से जुड़ा हो, तो लंबे समय में यह हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले जोखिम कारकों से जुड़ सकता है। इसलिए नियमित रूप से बहुत देर से और भारी भोजन करने की आदत को कम करना फायदेमंद हो सकता है।

गैस और एसिडिटी की समस्या
देर रात खाना खाने के बाद तुरंत बिस्तर पर जाने से कुछ लोगों को एसिडिटी, सीने में जलन, गैस या अपच की समस्या हो सकती है। खासतौर पर बहुत तला-भुना, मसालेदार या ज्यादा मात्रा में खाना खाने के बाद यह परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए डिनर और सोने के बीच पर्याप्त अंतर रखना बेहतर होता है।
तो रात में कब खाएं खाना?
हर व्यक्ति के लिए डिनर का समय अलग हो सकता है। कोशिश करें कि खाना सोने से कुछ घंटे पहले खा लिया जाए और रात में बहुत भारी भोजन करने से बचें। अगर आपको अक्सर रात में एसिडिटी, सीने में जलन या अपच की समस्या रहती है, तो देर रात खाने की आदत पर ध्यान देना जरूरी है।
नोट : देर रात खाना अकेले मोटापा, डायबिटीज या हृदय रोग का कारण नहीं माना जा सकता। आपकी पूरी डाइट, शारीरिक गतिविधि, नींद, वजन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारक भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लगातार एसिडिटी या अन्य लक्षण बने रहें तो डॉक्टर से सलाह लें।

