घर बैठे ऐसे रखें फेफड़ों को हेल्दी, रोज पिएं ये ड्रिंक

punjabkesari.in Monday, Sep 07, 2026 - 10:38 AM (IST)

 नारी डेस्क: आज के समय में धूल, धुआं और बढ़ता प्रदूषण हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। इसके अलावा स्मोकिंग और तंबाकू के धुएं के संपर्क में आने से भी फेफड़ों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। ऐसे में बहुत से लोग फेफड़ों को ‘डिटॉक्स’ करने के लिए तरह-तरह की ड्रिंक्स और घरेलू नुस्खे आजमाते हैं। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि फेफड़ों को साफ करने के लिए कोई एक खास ड्रिंक या घरेलू उपाय वैज्ञानिक तौर पर ‘डिटॉक्स’ का काम नहीं करता। हमारे फेफड़ों में धूल और दूसरी अनचाही चीजों को बाहर निकालने की प्राकृतिक प्रक्रिया होती है। हां, पर्याप्त पानी पीना, पौष्टिक भोजन लेना और धुएं से दूरी बनाना सांस की सेहत को जरूर सपोर्ट कर सकता है।अगर आप अपनी रोज की दिनचर्या में कुछ आसान और हेल्दी चीजें शामिल करना चाहते हैं, तो इन विकल्पों पर ध्यान दे सकते हैं।

गुनगुना पानी रखेगा शरीर को हाइड्रेट

फेफड़ों और सांस की नली की सेहत के लिए शरीर का पर्याप्त हाइड्रेटेड रहना जरूरी है। गुनगुना पानी पीने से शरीर में पानी की कमी पूरी करने में मदद मिलती है और यह गले तथा सांस की नली में मौजूद बलगम को पतला रखने में सहायक हो सकता है। इससे खांसी के दौरान बलगम को बाहर निकालना कुछ आसान हो सकता है। इसलिए किसी खास ‘डिटॉक्स ड्रिंक’ पर निर्भर रहने के बजाय दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की आदत डालना ज्यादा उपयोगी है।

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अदरक की ड्रिंक भी हो सकती है अच्छा विकल्प

अदरक का इस्तेमाल लंबे समय से घरेलू खान-पान में किया जाता रहा है। इसमें कुछ ऐसे प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं जिनमें सूजनरोधी गुण होते हैं। अदरक को गुनगुने पानी में डालकर पीने से गले में आराम महसूस हो सकता है। खासकर मौसम बदलने पर गले में खराश या हल्की असहजता होने पर अदरक वाली गर्म ड्रिंक राहत देने वाली लग सकती है। हालांकि, इसे फेफड़ों की सफाई करने वाली दवा या इलाज समझना सही नहीं होगा।

नींबू पानी से मिलेगी हाइड्रेशन और विटामिन C

नींबू पानी भी रोज की डाइट में शामिल किया जा सकता है। नींबू में विटामिन C पाया जाता है, जो शरीर के सामान्य इम्यून फंक्शन को सपोर्ट करता है। वहीं, पानी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। अच्छी हाइड्रेशन शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली के लिए जरूरी है और सांस की नली में मौजूद स्राव को बहुत गाढ़ा होने से बचाने में मदद कर सकती है। इसलिए नींबू पानी को फेफड़ों के लिए किसी ‘क्लीनिंग ड्रिंक’ की तरह नहीं, बल्कि एक आसान और हेल्दी हाइड्रेशन विकल्प के तौर पर देखना बेहतर है।

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भाप लेने से मिल सकती है राहत

गर्म पानी की भाप लेने से नाक और ऊपरी सांस की नली में जमा स्राव कुछ ढीला हो सकता है। इससे बंद नाक या गले की परेशानी में थोड़ी देर के लिए राहत महसूस हो सकती है और बलगम निकालना आसान लग सकता है। हालांकि, भाप सीधे फेफड़ों से विषैले पदार्थों को बाहर निकालती है, ऐसा दावा करना सही नहीं है। भाप लेते समय बहुत गर्म पानी से जलने का खतरा भी रहता है, इसलिए सावधानी जरूरी है।

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फेफड़ों को हेल्दी रखने के लिए धुएं से बनाएं दूरी

फेफड़ों की सेहत बनाए रखने के लिए सबसे अहम कदम उन्हें नुकसान पहुंचाने वाले धुएं से बचाना है। सिगरेट और तंबाकू के धुएं से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। अगर आसपास वायु प्रदूषण ज्यादा हो तो बाहर निकलते समय उपयुक्त मास्क का इस्तेमाल भी मददगार हो सकता है। इसके साथ रोजाना थोड़ी शारीरिक गतिविधि करना, संतुलित और पौष्टिक खाना खाना तथा पर्याप्त पानी पीना भी अच्छी आदतें हैं। ये उपाय फेफड़ों को किसी एक दिन में ‘डिटॉक्स’ नहीं करते, लेकिन लंबे समय तक बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है

अगर लगातार खांसी, सांस फूलना, सीने में दर्द, सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज या खांसी में खून आने जैसी समस्या हो, तो केवल घरेलू ड्रिंक या भाप पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। कुल मिलाकर, फेफड़ों को स्वस्थ रखने का सबसे बेहतर तरीका किसी खास डिटॉक्स ड्रिंक की तलाश करने के बजाय धुएं और प्रदूषण से बचाव, पर्याप्त हाइड्रेशन, पौष्टिक खान-पान और नियमित शारीरिक गतिविधि जैसी आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना है। 

 
 
 


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Content Editor

Priya Yadav

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