Bhagyashree ने बताया क्यों महिलाएं चलती हैं टेढ़ा-मेढ़ा? इन 3 yoga से सुधरेगा वॉकिंग स्टाइल
punjabkesari.in Saturday, Sep 26, 2026 - 10:04 AM (IST)
नारी डेस्क: क्या आपने कभी गौर किया है कि कुछ महिलाएं चलते समय सीधी न होकर शरीर को थोड़ा एक तरफ झुकाकर या टेढ़े-मेढ़े अंदाज में चलती हैं? कई बार उम्र बढ़ने के साथ चलने का तरीका बदलने लगता है। पैरों और कूल्हों की मांसपेशियों में कमजोरी, शरीर का पोश्चर बिगड़ना या हिप्स की मूवमेंट कम होना इसकी वजह हो सकती है। इसी समस्या को लेकर एक्ट्रेस भाग्यश्री ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने पेंगुइन वॉकिंग और इसे बेहतर करने वाली कुछ आसान एक्सरसाइज के बारे में बताया।
क्या होती है पेंगुइन वॉकिंग?
पेंगुइन वॉकिंग में व्यक्ति चलते समय सामान्य तरीके से पैर रखने के बजाय शरीर को थोड़ा डगमगाते हुए या एक तरफ झुककर चल सकता है। कई लोगों में चलते समय पैरों के बीच ज्यादा दूरी नजर आती है और कूल्हों की मूवमेंट भी सामान्य नहीं रहती। भाग्यश्री के मुताबिक, शरीर के निचले हिस्से की कमजोर मांसपेशियां और हिप फ्लेक्सर्स में खिंचाव या जकड़न चलने के तरीके को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में हिप्स की ताकत और लचीलापन बनाए रखना जरूरी है। हालांकि, हर व्यक्ति में इस तरह चलने की वजह एक जैसी नहीं होती। लगातार चाल में बदलाव नजर आए, दर्द हो या संतुलन बनाने में परेशानी हो तो विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
लेटकर साइड लेग रेज
इस एक्सरसाइज में सबसे पहले जमीन पर एक करवट लेट जाएं। शरीर को सीधा रखते हुए ऊपर वाले पैर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और फिर वापस नीचे ले आएं। ध्यान रखें कि पैर को उठाते समय शरीर आगे या पीछे न झुके। एक तरफ से एक्सरसाइज पूरी करने के बाद दूसरी करवट लेटकर दूसरे पैर से भी यही प्रक्रिया दोहराएं। भाग्यश्री ने इसे दोनों तरफ 15-15 बार करने की सलाह दी है। यह एक्सरसाइज कूल्हों के आसपास की मांसपेशियों को सक्रिय करने में मदद कर सकती है।

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हिप रोटेशन
इसके लिए जमीन पर बैठकर दोनों पैरों को सामने की ओर फैलाएं। अब घुटनों को मोड़ लें और पैरों के पंजे जमीन पर टिकाएं। दोनों हाथों को पीछे जमीन पर रखकर शरीर का संतुलन बनाए रखें। अब एक पैर को दूसरे पैर की दिशा में मोड़ते हुए हिप्स को भी उसी तरफ घुमाएं। इसके बाद दूसरी तरफ से यही मूवमेंट करें। इस दौरान कोशिश करें कि मूवमेंट सिर्फ पैरों तक सीमित न रहे, बल्कि हिप्स भी आराम से घूमे। यह एक्सरसाइज हिप्स की मूवमेंट और लचीलेपन को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकती है।

सीटेड हिप मोबिलिटी
तीसरी एक्सरसाइज के लिए जमीन पर बैठें और दोनों पैरों को सामने की ओर रखें। अब एक पैर को पीछे की तरफ मोड़ें और उसे आराम से ऊपर उठाकर मूव करें। इसके बाद दूसरी तरफ मुड़कर दूसरे पैर से भी यही प्रक्रिया दोहराएं। इस एक्सरसाइज को दोनों तरफ से 15-15 बार किया जा सकता है। इसका उद्देश्य हिप्स की मोबिलिटी को बेहतर करना और शरीर के निचले हिस्से को सक्रिय रखना है।

उम्र बढ़ने के साथ पोश्चर पर दें ध्यान
उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों की ताकत और शरीर का संतुलन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में नियमित हल्की एक्सरसाइज, पर्याप्त शारीरिक गतिविधि और सही पोश्चर पर ध्यान देना फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, अगर चलने का तरीका अचानक बदल गया है, लगातार शरीर एक तरफ झुकता है, दर्द रहता है या चलने में संतुलन बिगड़ता है तो केवल एक्सरसाइज पर निर्भर न रहें और डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से जांच जरूर करवाएं।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी एक्सरसाइज को शुरू करने से पहले अपनी शारीरिक स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ या चिकित्सक की सलाह लेना बेहतर है।

