आम बीमारियों जैसे होते है ब्लड कैंसर के लक्षण, हमेशा पेट खराब रहना भी चिंता की बात
punjabkesari.in Saturday, Sep 26, 2026 - 01:03 PM (IST)
नारी डेस्क: ब्लड कैंसर की शुरुआत हमेशा किसी बड़े या साफ संकेत के साथ नहीं होती। अक्सर इसकी शुरुआत चुपचाप होती है जैसे थकान जो आराम करने पर भी ठीक न हो, बार-बार इन्फेक्शन होना, बिना किसी साफ़ वजह के बुखार आना, बिना किसी चोट के शरीर पर निशान पड़ना या लिम्फ नोड का सूजा हुआ रहना। इन लक्षणों को अक्सर तनाव, भाग-दौड़ भरी दिनचर्या या आम बीमारी से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन जब शरीर में कोई बदलाव उम्मीद से ज़्यादा समय तक बना रहे, बार-बार हो, या दूसरे लक्षणों के साथ दिखे, तो डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी हो जाता है।
ब्लड कैंसर के लक्षण पहचानना जरूरी
डॉक्टर ने समझाया कि- "ब्लड कैंसर के मामले में यह पहचानना कि आपके साथ कुछ असामान्य हो रहा है, बीमारी का पता लगाने की दिशा में एक अहम पहला कदम हो सकता है। ल्यूकेमिया, लिम्फोमा और मल्टीपल मायलोमा जैसे ब्लड कैंसर, खून, बोन मैरो या लिम्फैटिक सिस्टम को प्रभावित करते हैं। चूंकि ये सिस्टम ब्लड सेल्स बनाने, इन्फेक्शन से लड़ने और शरीर के सामान्य कामकाज को बनाए रखने में भूमिका निभाते हैं, इसलिए इनके लक्षण शरीर के कई हिस्सों में दिख सकते हैं और ये किसी खास बीमारी की ओर इशारा नहीं करते।" डॉक्टर के अनुसार, पहला लक्षण जिस पर ध्यान देना चाहिए, वह है बिना किसी साफ़ वजह के शरीर पर नील पड़ना या ब्लीडिंग होना।
ज्यादा थकान भी खतरे की निशानी
बिना किसी साफ़ वजह के नील पड़ना, बार-बार नाक से खून आना, मसूड़ों से खून आना या पीरियड्स के दौरान बहुत ज़्यादा ब्लीडिंग होना, कभी-कभी प्लेटलेट काउंट कम होने का संकेत हो सकता है। कुछ तरह के ब्लड कैंसर में, बोन मैरो में असामान्य सेल्स हेल्दी ब्लड सेल्स (जिनमें प्लेटलेट्स भी शामिल हैं) के बनने में रुकावट डालते हैं। प्लेटलेट्स ही खून को ठीक से जमने में मदद करते हैं। अगला लक्षण है लगातार थकान महसूस होना। डॉक्टर समझाते हैं- दिन भर के काम के बाद थकान महसूस होने और ऐसी थकान में फ़र्क होता है जो काफ़ी आराम करने के बाद भी दूर नहीं होती, या जो रोज़मर्रा के कामों में भी रुकावट डालने लगती है। इसका एक संभावित कारण एनीमिया है, जो तब होता है जब शरीर में काफ़ी मात्रा में स्वस्थ रेड ब्लड सेल्स नहीं बन पाते; यह ब्लड कैंसर का शुरुआती लक्षण भी है।
डॉक्टर से कब करवाएं जांच?
बार-बार या बहुत लंबे समय तक रहने वाला इन्फेक्शन, बिना किसी साफ़ वजह के बुखार आना, रात में बहुत ज़्यादा पसीना आना, बिना कोशिश के वज़न कम होना, लिम्फ नोड्स में लगातार सूजन रहना, हड्डियों में दर्द, पेट में बेचैनी या पेट भरा-भरा महसूस होना, इन लक्षणों का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को कैंसर है। ये लक्षण कई अन्य अक्सर ज़्यादा आम मेडिकल स्थितियों में भी हो सकते हैं। इन्हें पहचानने का मकसद खुद से बीमारी का पता लगाना नहीं है, बल्कि यह जानना है कि कब डॉक्टर से जांच करवाने की ज़रूरत है। बीमारी का पता सही मेडिकल जांच और टेस्ट के बाद ही चलता है। लक्षणों को जानने से बस समय पर मदद लेने में मदद मिलती है।
नोट: यह लेख सिर्फ़ जानकारी देने के मकसद से है । किसी भी बीमारी का खुद से इलाज करने से बेहतर पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प लें।

