चाय -कॉफी पीने से भी खराब हो सकती है Kidney, इन लोगों को अलर्ट रहने की ज्यादा जरूरत

punjabkesari.in Monday, Oct 19, 2026 - 05:05 PM (IST)

नारी डेस्क: कई लोगों के लिए दिन की शुरुआत बिना  चाय या कॉफी के होती ही नहीं । पर वह इस बात से अनजान होते हैं कि इसकी ज्यादा लत किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है। स्वस्थ लोगों के लिए इनका सीमित मात्रा में सेवन आमतौर पर सुरक्षित होता है, लेकिन इनकी मात्रा इन्हें बनाने के तरीके और पहले से मौजूद स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां यह तय कर सकती हैं कि ये पेय पदार्थ किडनी की सेहत पर कैसा असर डालते हैं। कैफीन, हाइड्रेशन और किडनी के काम करने की प्रक्रिया को समझते हैं विस्तार से।


कैफीन और किडनी के बीच संबंध

गुर्दा रोग विशेषज्ञ ने बताया कि कैफीन का हल्का 'डाययुरेटिक' (diuretic) असर होता है। इसका मतलब है कि यह कुछ समय के लिए पेशाब बनने की मात्रा को बढ़ा सकता है, खासकर उन लोगों में जो इसके सेवन के आदी नहीं हैं।हालांकि, चाय और कॉफी का सीमित मात्रा में सेवन करने से शरीर में तरल पदार्थ (fluid) की मात्रा बढ़ती है, और इससे अपने आप डिहाइड्रेशन नहीं होता। ज्यादातर स्वस्थ वयस्कों के लिए, सीमित मात्रा में इन पेय पदार्थों का सेवन करने से किडनी को नुकसान पहुंचने की संभावना नहीं होती है।ख्य चिंता का विषय अक्सर कैफीन का अत्यधिक सेवन और व्यक्ति की अपनी शारीरिक संवेदनशीलता होती है। कैफीन की अधिक मात्रा अस्थायी रूप से ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है, जबकि लंबे समय तक अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर क्रोनिक किडनी डिसीज (गुर्दे की दीर्घकालिक बीमारी) के लिए एक बड़ा जोखिम कारक है।


इन लोगों को सावधान रहने की जरूरत

डॉक्टर ने सलाह दी- "जिन लोगों को पहले से ही हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) या किडनी से जुड़ी समस्याएं हैं, उन्हें अपने कैफीन सेवन के बारे में अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।" एक और चिंता का विषय किडनी स्टोन (पथरी) का बनना है। दरसअल चाय में ऑक्सालेट होते हैं - ये प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले यौगिक हैं। अगर कोई व्यक्ति इनका अधिक मात्रा में सेवन करता है, तो उनमें कैल्शियम ऑक्सालेट स्टोन बनने का खतरा हो सकता है।  यह जोखिम व्यक्ति के खान-पान, तरल पदार्थों के सेवन और पहले कभी पथरी होने के इतिहास पर निर्भर करता है।  चाय और कॉफी में बहुत अधिक चीनी, फ्लेवर्ड सिरप या मीठी क्रीम मिलाने से वजन बढ़ सकता है और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ सकता है।


 रोज़ाना कितनी पी सकते हैं कॉफी?

डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर, दोनों ही क्रॉनिक किडनी डिसीज (लंबे समय तक चलने वाली किडनी की बीमारी) के प्रमुख कारण हैं।  किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों को, उनकी पोषण संबंधी जरूरतों और लैब टेस्ट के नतीजों के आधार पर, दूध और अन्य चीजों के सेवन को लेकर अलग-अलग डाइट सलाह की जरूरत पड़ सकती है। एस फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के अनुसार, ज़्यादातर वयस्कों के लिए रोज़ाना 400 मिलीग्राम कैफ़ीन का सेवन करने से आमतौर पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता, हालांकि हर व्यक्ति की सहनशक्ति अलग-अलग हो सकती है। इसके साथ ही, शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना, चीनी का सेवन कम रखना, और ब्लड प्रेशर तथा ब्लड ग्लूकोज़ को नियंत्रित रखना भी उतना ही ज़रूरी है।"
 


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vasudha

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