कम उम्र में भी हो सकता है Brain Aneurysm, जानें इसके लक्षण

punjabkesari.in Saturday, Oct 24, 2026 - 01:31 PM (IST)

नारी डेस्क : आजकल 20 से 30 साल की उम्र के युवाओं में सिरदर्द की समस्या आम हो गई है। देर रात तक जागना, काम का तनाव, नींद की कमी, शरीर में पानी की कमी या माइग्रेन को अक्सर इसका कारण माना जाता है। लेकिन अगर सिरदर्द अचानक शुरू हो और कुछ ही सेकंड या मिनटों में असहनीय हो जाए, तो इसे सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। यह Brain Aneurysm जैसी गंभीर स्थिति का संकेत भी हो सकता है। हालांकि, हर तेज सिरदर्द का कारण ब्रेन एन्यूरिज्म नहीं होता, लेकिन कुछ चेतावनी संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है।

क्या होता है Brain Aneurysm?

ब्रेन एन्यूरिज्म एक ऐसी स्थिति है, जिसमें दिमाग तक खून पहुंचाने वाली किसी रक्त वाहिका की दीवार का कमजोर हिस्सा फूलकर गुब्बारे जैसा बन जाता है। कई मामलों में इसका पता लंबे समय तक नहीं चलता, क्योंकि शुरुआत में कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। हालांकि, जब एन्यूरिज्म बड़ा होने लगता है, तो यह आसपास की नसों पर दबाव डाल सकता है। सबसे गंभीर स्थिति तब होती है, जब एन्यूरिज्म फट जाता है और दिमाग के आसपास खून बहने लगता है। इसे Subarachnoid Hemorrhage कहा जाता है। यह जानलेवा मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है और ऐसे में तुरंत इलाज की जरूरत होती है।

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Brain Aneurysm के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

ब्रेन एन्यूरिज्म के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि वह फटा है या नहीं। कुछ लोगों में लंबे समय तक कोई लक्षण नहीं दिखता, जबकि एन्यूरिज्म फटने पर अचानक गंभीर लक्षण सामने आ सकते हैं।

अचानक असहनीय सिरदर्द होना

ब्रेन एन्यूरिज्म फटने का सबसे प्रमुख चेतावनी संकेत अचानक शुरू होने वाला बेहद तेज सिरदर्द हो सकता है। दर्द कुछ सेकंड या मिनटों में चरम पर पहुंच सकता है। कई लोग इसे अपनी जिंदगी का सबसे तेज सिरदर्द बताते हैं। ऐसे दर्द में तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता लें।

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आंखों से जुड़ी परेशानियां

कुछ एन्यूरिज्म बड़े होकर आंखों की नसों पर दबाव डाल सकते हैं। इससे दोहरा दिखाई देना, पलक झुकना, आंख के आसपास दर्द या नजर में बदलाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अचानक नजर में बदलाव होने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

गर्दन में अकड़न और उल्टी

अचानक तेज सिरदर्द के साथ गर्दन में अकड़न, मतली या उल्टी होना भी गंभीर संकेत हो सकते हैं। खासकर जब ये लक्षण अचानक शुरू हों या सामान्य सिरदर्द से अलग महसूस हों, तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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बेहोशी, भ्रम या दौरे पड़ना

एन्यूरिज्म फटने पर कुछ लोगों को बेहोशी, भ्रम, दौरे पड़ने या होश में बदलाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ये गंभीर चेतावनी संकेत हैं और इनके लिए तुरंत इमरजेंसी सहायता लेनी चाहिए।

शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी

अचानक चेहरे, हाथ या पैर में कमजोरी, बोलने में परेशानी या शरीर के संतुलन में बदलाव भी मस्तिष्क से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को केवल थकान या कमजोरी समझकर टालना सही नहीं है।

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क्या युवाओं को भी हो सकता है Brain Aneurysm?

ब्रेन एन्यूरिज्म का खतरा केवल अधिक उम्र के लोगों तक सीमित नहीं है। यह युवाओं में भी हो सकता है, हालांकि हर युवा को तेज सिरदर्द होने का मतलब यह नहीं कि उसे एन्यूरिज्म है। कई एन्यूरिज्म बिना लक्षणों के रहते हैं और कुछ का पता जांच के दौरान ही चलता है।
इसका जोखिम कुछ स्थितियों में बढ़ सकता है, जैसे:
परिवार में करीबी सदस्यों को ब्रेन एन्यूरिज्म होने का इतिहास।
हाई ब्लड प्रेशर की समस्या।
धूम्रपान या तंबाकू का सेवन।
कुछ आनुवंशिक बीमारियां, जो रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकती हैं।
यदि परिवार में इस बीमारी का इतिहास है, तो डॉक्टर से व्यक्तिगत जोखिम और जांच की जरूरत के बारे में सलाह लेनी चाहिए।

Brain Aneurysm का पता कैसे लगाया जाता है?

लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर डॉक्टर जरूरी जांच की सलाह दे सकते हैं। इनमें शामिल हैं
CT Scan: दिमाग में रक्तस्राव का पता लगाने में मदद करता है।
CT Angiography (CTA): दिमाग की रक्त वाहिकाओं और एन्यूरिज्म की स्थिति देखने के लिए इस्तेमाल की जाती है।
MR Angiography (MRA): रक्त वाहिकाओं की विस्तृत तस्वीर लेने में मदद करती है।
Digital Subtraction Angiography (DSA): कुछ मामलों में रक्त वाहिकाओं की अधिक विस्तृत जांच के लिए की जा सकती है।
कौन-सी जांच जरूरी है, यह मरीज के लक्षणों और स्थिति पर निर्भर करता है। अचानक असहनीय सिरदर्द होने पर घर पर जांच कराने का इंतजार न करें, बल्कि सीधे इमरजेंसी विभाग में जाएं।

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Brain Aneurysm का इलाज कैसे होता है?

इलाज का फैसला एन्यूरिज्म के आकार, स्थान, बनावट, फटने के जोखिम और मरीज की स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाता है। कुछ मामलों में नियमित इमेजिंग के जरिए निगरानी की जा सकती है, जबकि दूसरे मामलों में उपचार जरूरी होता है। एन्यूरिज्म के इलाज में मुख्य रूप से दो प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है
Endovascular Treatment: रक्त वाहिका के रास्ते कैथेटर पहुंचाकर एन्यूरिज्म का उपचार किया जाता है। कॉइलिंग जैसी तकनीक कुछ मरीजों में इस्तेमाल की जा सकती है।
Surgical Clipping: सर्जरी के जरिए एन्यूरिज्म के आधार पर एक छोटी क्लिप लगाई जाती है, ताकि उसमें खून का प्रवाह रोका जा सके। हर मरीज के लिए एक ही उपचार सही नहीं होता। विशेषज्ञ डॉक्टर जांच के बाद सबसे उपयुक्त विकल्प तय करते हैं।

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हर सिरदर्द में Brain Scan जरूरी नहीं, लेकिन इन संकेतों पर तुरंत लें मदद

सामान्य सिरदर्द के कई कारण हो सकते हैं और हर बार ब्रेन स्कैन कराने की जरूरत नहीं होती। लेकिन यदि सिरदर्द अचानक शुरू हो, असहनीय हो या उसके साथ बेहोशी, गर्दन में अकड़न, उल्टी, दौरे, कमजोरी अथवा बोलने और देखने में परेशानी हो, तो तुरंत इमरजेंसी मेडिकल सहायता लें।


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Content Editor

Monika

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