Mushtaq Khan की 56 साल की उम्र में इस गंभीर बीमारी ने ली जान, समय रहते पहचानें इसके लक्षण
punjabkesari.in Saturday, Sep 26, 2026 - 05:37 PM (IST)
नारी डेस्क : हिंदी सिनेमा के जाने-माने अभिनेता मुश्ताक खान के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। ‘वेलकम’, ‘हेरा फेरी’, ‘गदर: एक प्रेम कथा’ और ‘स्त्री 2’ जैसी फिल्मों में अपने यादगार किरदारों से पहचान बनाने वाले अभिनेता ने 24 सितंबर 2026 को मुंबई में अंतिम सांस ली। वह 56 वर्ष के थे। उनके बिजनेस पार्टनर शिवम ने उनकी बीमारी और आखिरी दिनों से जुड़ी जानकारी साझा की है। उनके मुताबिक, मुश्ताक को पहले कैंसर हुआ था और इलाज के बाद वह ठीक हो गए थे, लेकिन निधन से करीब आठ दिन पहले बीमारी दोबारा उभर आई और उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई।
8 दिन पहले दोबारा उभरा था कैंसर
मुश्ताक खान के बिजनेस पार्टनर शिवम ने बताया कि अभिनेता का निधन 24 सितंबर की शाम करीब 7 बजे हुआ। उनके मुताबिक, मुश्ताक को पहले लंग कैंसर हुआ था और इलाज के बाद वह ठीक हो गए थे। हालांकि, निधन से लगभग आठ दिन पहले बीमारी दोबारा सामने आई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। शिवम ने यह भी बताया कि दोबारा बीमारी सामने आने के बाद डॉक्टरों ने इसे कैंसर की आखिरी स्टेज बताया था। मुश्ताक की हालत गंभीर होने के बाद उनका मुंबई के नानावती अस्पताल में इलाज चल रहा था।

लंबे समय से फिल्मों में सक्रिय थे मुश्ताक खान
मुश्ताक खान ने हिंदी सिनेमा में कई दशक तक काम किया। वह मुख्य भूमिकाओं के बजाय अपने सहायक और चरित्र किरदारों के लिए ज्यादा पहचाने गए। उनकी फिल्मोग्राफी में ‘अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है’, ‘आशिकी’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘हेरा फेरी’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘राउडी राठौर’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्में शामिल हैं। इसके अलावा वह ‘गदर: एक प्रेम कथा’ में भी नजर आए थे और बाद में ‘गदर 2’ में अपने किरदार को दोबारा निभाया। उनकी हाल की फिल्मों में ‘बधाई दो’ और ‘स्त्री 2’ भी शामिल हैं।
‘वेलकम’ का वह किरदार आज भी याद किया जाता है
मुश्ताक खान को 2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’ के बल्लू के किरदार के लिए खास तौर पर याद किया जाता है। फिल्म में उनका एक छोटा-सा कॉमिक सीन दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था। निर्देशक अनीस बज्मी ने उनके निधन के बाद बताया कि फिल्म में उनका मशहूर संवाद शूटिंग के दौरान ही तैयार हुआ था। मुश्ताक का यह किरदार इतना लोकप्रिय हुआ कि बाद में यह संवाद उनकी पहचान का हिस्सा बन गया।
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फिल्मों के साथ टीवी पर भी किया काम
मुश्ताक खान ने सिर्फ फिल्मों तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने टेलीविजन पर भी कई धारावाहिकों में काम किया। ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’, ‘अदालत’ और ‘चमत्कार’ जैसे टीवी शो में भी वह नजर आए। उनके अभिनय की खासियत यह थी कि वह छोटे से छोटे किरदार में भी अपनी अलग छाप छोड़ जाते थे।

कैंसर को लेकर रिपोर्ट्स में अंतर
मुश्ताक खान की बीमारी को लेकर सामने आई शुरुआती रिपोर्ट्स में कुछ अंतर भी देखने को मिला है। Hindustan Times ने उनके बिजनेस पार्टनर के हवाले से लंग कैंसर की जानकारी दी है, जबकि India Today की रिपोर्ट में लिवर कैंसर का उल्लेख किया गया है। दोनों रिपोर्ट्स में यह बात सामने आती है कि अभिनेता पहले कैंसर का इलाज करा चुके थे और हाल में बीमारी दोबारा उभरने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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फेफड़ों के कैंसर के लक्षण
3 हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रहने वाली खांसी या पुरानी खांसी का लगातार बढ़ना
खांसी के साथ खून आना
सांस फूलना या सांस लेने में परेशानी
सीने या कंधे में दर्द, खासकर खांसने या गहरी सांस लेने पर
बार-बार छाती में संक्रमण या निमोनिया होना
बिना वजह वजन कम होना या भूख कम लगना
लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
आवाज में लगातार भारीपन या बदलाव
कुछ मामलों में चेहरे/गर्दन में सूजन या उंगलियों के आकार में बदलाव भी हो सकता है।

ध्यान रखें: इनमें से कोई भी लक्षण होने का मतलब सीधे तौर पर फेफड़ों का कैंसर होना नहीं है। ये लक्षण कई दूसरी बीमारियों में भी हो सकते हैं। लेकिन लगातार 3 हफ्ते से खांसी, खांसी में खून, सांस लेने में दिक्कत या बिना वजह वजन कम होने जैसी समस्या हो तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। खांसी में खून आना खास तौर पर जल्द चिकित्सकीय जांच की वजह है।
मुश्ताक खान के निधन के बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कलाकार और उनके प्रशंसक सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उनके यादगार किरदार और खास कॉमिक अंदाज लंबे समय तक दर्शकों की यादों में बने रहेंगे।

