नाना पाटेकर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ मौत की वजह का खुलासा, दिल की इस बीमारी ने ली जान
punjabkesari.in Sunday, Oct 11, 2026 - 03:44 PM (IST)
नारी डेस्क: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत और उनके चाहने वालों को गहरा सदमा लगा है। 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले अभिनेता की मौत की वजह अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मौत दिल की गंभीर बीमारी और हार्ट अटैक के कारण हुई। गोवा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने इसे प्राकृतिक मौत बताया है। नाना पाटेकर का निधन 8 अक्टूबर की सुबह गोवा स्थित उनके घर पर हुआ था। उन्हें बचाने के लिए डॉक्टरों और इमरजेंसी टीम ने काफी कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। आइए जानते हैं कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया और निधन से पहले अभिनेता के साथ क्या हुआ था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई मौत की वजह
गोवा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के पैनल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, नाना पाटेकर कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) से पीड़ित थे। यह ऐसी बीमारी है, जिसमें दिल तक खून पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट आ जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके दिल की मुख्य धमनी में खून का थक्का जम गया था। इसके कारण दिल के एक बड़े हिस्से तक खून की सप्लाई बाधित हो गई और उन्हें दिल का गंभीर दौरा पड़ा। इसी स्थिति के चलते उनकी मौत हुई। डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम के बाद उनकी मौत को प्राकृतिक बताया है।

रात करीब 2:30 बजे दोस्त को किया था मैसेज
रिपोर्ट्स के मुताबिक, निधन से कुछ घंटे पहले नाना पाटेकर की तबीयत बिगड़ने लगी थी। रात करीब 2:30 बजे उन्हें सीने में दर्द और बेचैनी महसूस हुई। इस दौरान उन्होंने अपने करीबी दोस्त अमेय नाईक को वॉट्सऐप पर मैसेज किया और फोन भी किया। बताया गया है कि अमेय ने सुबह करीब 3:30 बजे उनका मैसेज देखा। इसके बाद वह तुरंत नाना पाटेकर के डोना पाउला स्थित घर पहुंचे। वहां अभिनेता सोफे पर बेहोश मिले और उनके शरीर पर काफी पसीना था।
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45 मिनट तक CPR देने के बाद भी नहीं बच सके अभिनेता
नाना पाटेकर की हालत देखकर उनके दोस्त और घर के सुरक्षा गार्ड ने एंबुलेंस बुलाने में मदद की। इमरजेंसी टीम ने उन्हें बचाने के लिए CPR देना शुरू किया। अस्पताल ले जाते समय भी उन्हें करीब 45 मिनट तक सीपीआर दिया गया। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें गुरुवार सुबह करीब 5:20 बजे मृत घोषित किया गया था।
पुलिस ने क्यों दर्ज किया अप्राकृतिक मौत का मामला
नाना पाटेकर के निधन के बाद गोवा पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया था। इसकी वजह यह थी कि अभिनेता को अस्पताल लाए जाने पर मृत घोषित किया गया था। ऐसे मामलों में मौत की परिस्थितियों की जांच करना एक मानक कानूनी प्रक्रिया है। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत मामला दर्ज किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत की वजह सामने आने के बाद डॉक्टरों ने इसे प्राकृतिक मौत बताया।

पुणे के डोंजे गांव में हुआ अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर पुणे के पास उनके पैतृक गांव डोंजे ले जाया गया। वहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने उन्हें मुखाग्नि दी। नाना पाटेकर अपने दमदार अभिनय और अलग अंदाज के लिए जाने जाते थे। हिंदी और मराठी सिनेमा में उन्होंने कई यादगार किरदार निभाए। उनके निधन से फिल्म जगत ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसकी अभिनय शैली ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी।

