क्या शादी के बाद पति से पुराने रिश्तों का जिक्र करना चाहिए? जानिए प्रेमानंद महाराज का जवाब
punjabkesari.in Saturday, Mar 01, 2025 - 05:08 PM (IST)

नारी डेस्क: शादी के बाद पति और पत्नी के रिश्तों में कई बार खटास आ जाती है, और इसके कई कारण हो सकते हैं। इनमें से एक कारण यह भी हो सकता है कि शादी से पहले पति या पत्नी के किसी दूसरे व्यक्ति के साथ रिश्ते थे। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या शादी के बाद इन पुराने रिश्तों के बारे में पति से बात करनी चाहिए? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है, और इसका जवाब भी एकदम स्पष्ट नहीं होता। इस विषय पर वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने अपनी राय दी है।
प्रेमानंद महाराज का जवाब
प्रेमानंद महाराज का कहना है कि शादी के बाद पति से पुराने रिश्तों के बारे में बात नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बारे में अगर खुलासा किया गया तो यह पति के प्यार में कमी ला सकता है और रिश्ते में तनाव पैदा हो सकता है। उनका सुझाव है कि अगर कोई व्यक्ति पहले किसी से जुड़ा था और अब वह शादीशुदा है, तो उसे पुरानी बातें भूलकर नए जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।
क्या शादी के बाद पति को पुराने गलत संबंधों के बारे में बताना चाहिए? pic.twitter.com/C8omLapj8C
— Bhajan Marg (@RadhaKeliKunj) February 28, 2025
उन्होंने यह भी कहा कि जो हुआ, वह हो चुका है और अब उस बारे में कोई भी चर्चा रिश्ते को नुकसान पहुंचा सकती है। अगर किसी ने गलती की है तो उसे समझना चाहिए कि अब यह उनकी जिम्मेदारी बनती है कि भविष्य में ऐसी गलती न हो। अगर किसी कारणवश पुराने रिश्तों के बारे में पति को जानकारी मिल जाती है, तो यह परिवार को बिखेर सकता है।
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पुरुषों के लिए भी अहम सलाह
प्रेमानंद महाराज ने पुरुषों को भी सलाह दी है कि अगर वे गलती करते हैं, तो उन्हें उसे छुपा कर रखना चाहिए और अपनी पत्नी के लिए हमेशा अच्छे विचार रखना चाहिए। उनका कहना था कि विवाद होने के बाद केवल पत्नी के प्रति भावनाओं को प्राथमिकता देना चाहिए।
प्रेमानंद महाराज कौन हैं?
प्रेमानंद महाराज एक प्रसिद्ध संत हैं और वृंदावन में रहते हैं। वे राधारानी के परम भक्त हैं और उनके उपदेशों के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुआ था, और बचपन में उनका नाम अनिरुद्ध कुमार पांडे था। संन्यास लेने के बाद वे मथुरा के पास वृंदावन में निवास करते हैं। उनके शब्दों को लोग बहुत सम्मान देते हैं, और उनके जीवन में प्रेम और भक्ति का गहरा महत्व है।
प्रेमानंद महाराज का यह सुझाव है कि शादी के बाद पुराने रिश्तों को भूलकर नए रिश्ते पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। अगर किसी ने पहले गलत कदम उठाया हो तो उसे पछताना चाहिए और आगे से ऐसी गलती से बचने की कोशिश करनी चाहिए।