10 साल की सजा, 10 करोड़ जुर्माना! पेपर लीक पर सरकार का बड़ा फैसला
punjabkesari.in Friday, Jul 24, 2026 - 05:29 PM (IST)
नारी डेस्क : देशभर में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का गुस्सा लगातार सड़कों पर देखने को मिला। कई राज्यों में युवाओं ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए, जिनमें पुलिस के साथ झड़पें हुईं और कई छात्र व आम लोग घायल भी हुए। लगातार बढ़ते विरोध और परीक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच अब केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पेपर लीक विधेयक (संशोधन) को मंजूरी दे दी गई। प्रस्तावित कानून में पेपर लीक के दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल, 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान किया गया है। सरकार इस विधेयक को अगले सप्ताह, 27 जुलाई (संभावित सोमवार) को संसद में पेश कर सकती है।
पेपर लीक पर अब होगी कड़ी कार्रवाई
सरकार के प्रस्तावित कानून के तहत पेपर लीक को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा।
नए प्रावधानों के अनुसार, दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल हो सकती है।
10 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट को कानूनी आधार दिया जाएगा।
इन अदालतों को तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला देने का लक्ष्य दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इससे पेपर लीक माफिया पर प्रभावी रोक लगेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता मजबूत होगी।

पीएम मोदी ने पहले ही दिए थे सख्त संकेत
कैबिनेट की मंजूरी से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक को गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा बताया था। उन्होंने कहा था कि यह केवल परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा विषय है।प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई महीनों में सरकार ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। साथ ही छात्रों का शैक्षणिक वर्ष खराब न हो, इसलिए कम समय में करीब 22 लाख छात्रों की परीक्षा दोबारा कराई गई और 19 जुलाई को परिणाम भी घोषित किए गए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि सरकार केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।
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27 जुलाई को संसद में पेश हो सकता है विधेयक
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पेपर लीक विधेयक (संशोधन) को 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है। कानून बनने के बाद फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी और पेपर लीक से जुड़े मामलों का तेजी से निपटारा किया जाएगा। बता दें की पेपर लीक के मुद्दे पर शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने सरकार को घेरा, जबकि सरकार ने सख्त कानून लाने की बात दोहराई। हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही रविवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक बदलाव
इसी बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में भी बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। 1994 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। वह विनीत जोशी का स्थान लेंगे।
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फास्ट ट्रैक कोर्ट का पहले ही हो चुका था ऐलान
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को ही पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की थी और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। वहीं, नीट पेपर लीक मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 26 दिनों से अनशन पर थे, जिसे उन्होंने गुरुवार को समाप्त कर दिया। दूसरी ओर, इस मुद्दे को लेकर विभिन्न संगठनों द्वारा दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन भी जारी रहा।

