ब्रेकअप के बाद गर्लफ्रेंड से मांगे ₹3.5 करोड़! CEO बोला- गिफ्ट नहीं दिया हुआ लोन था, कोर्ट ने सुनाया फैसला

punjabkesari.in Friday, Sep 18, 2026 - 04:36 PM (IST)

नारी डेस्क : रिश्ते के दौरान महंगे गिफ्ट देना, विदेश यात्राओं का खर्च उठाना या पार्टनर के लिए शॉपिंग करना आम बात लग सकती है। लेकिन अगर रिश्ता खत्म होने के बाद वही खर्च लोन बताकर वापस मांगा जाए, तो मामला काफी पेचीदा हो सकता है। ऐसा ही एक मामला सिंगापुर हाई कोर्ट पहुंचा, जहां TCI Express के CEO और MD चंदर अग्रवाल ने अपनी पूर्व गर्लफ्रेंड फेलिशिया ली से करीब S$468,090 यानी लगभग ₹3.5 करोड़ वापस मांगे। उनका दावा था कि यह रकम ब्याज-मुक्त लोन के तौर पर दी गई थी, जबकि ली का कहना था कि ये रिश्ते के दौरान दिए गए गिफ्ट और अपनी मर्जी से किए गए खर्च थे। 9 सितंबर 2026 को सिंगापुर हाई कोर्ट ने अग्रवाल का दावा खारिज कर दिया।

फ्लाइट में हुई थी पहली मुलाकात

कोर्ट में सामने आई जानकारी के मुताबिक, चंदर अग्रवाल और फेलिशिया ली की मुलाकात 2019 में एक फ्लाइट के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आए और मुलाकातें शुरू हुईं। सितंबर 2022 में दोनों के बीच रोमांटिक रिश्ता शुरू हुआ, जो दिसंबर 2023 के आसपास खत्म हो गया। रिश्ता शुरू होने से पहले भी अग्रवाल ली पर खर्च कर रहे थे और डेटिंग के दौरान यह खर्च काफी बढ़ गया। बाद में यही खर्च दोनों के बीच कानूनी विवाद की वजह बन गया।

PunjabKesari

महंगे गिफ्ट से लेकर लग्जरी ट्रिप तक हुआ खर्च

रिपोर्टों के अनुसार, विवादित रकम में कई तरह के खर्च शामिल थे। इनमें महंगे ब्रांड्स की खरीदारी, क्रेडिट कार्ड के खर्च, विदेश यात्राएं, बीमा और अन्य सेवाओं से जुड़े भुगतान शामिल थे। अदालत के सामने जिन खर्चों का जिक्र हुआ, उनमें करीब S$206,000 क्रेडिट कार्ड खर्च, S$129,000 विदेश यात्राओं पर और करीब S$17,000 फेंग शुई विशेषज्ञ की सेवाओं पर खर्च शामिल था। इसके अलावा Stanford-NUS executive programme की फीस के लिए भी करीब S$30,000 का भुगतान किया गया था। रिपोर्टों में Hermès, Dior और Prada जैसे लग्जरी ब्रांड्स से जुड़ी खरीदारी का भी उल्लेख है।

यें भी पढ़ें : सोते समय अचानक शरीर में लगते हैं झटके, जानिए क्यों होता है Hypnic Jerk

ब्रेकअप के बाद बदल गया मामला

दिसंबर 2023 में रिश्ता खत्म होने के बाद इन खर्चों को लेकर विवाद शुरू हुआ। मार्च 2024 में अग्रवाल ने सिंगापुर में कानूनी कार्रवाई की और करीब S$468,090 की रकम वापस मांगी। अग्रवाल का कहना था कि यह रकम उन्होंने ब्याज-मुक्त लोन के रूप में दी थी और इसे वापस किया जाना था। दूसरी ओर, ली ने इस दावे से इनकार किया। उनका पक्ष था कि रिश्ते के दौरान किए गए खर्च और दिए गए गिफ्ट उनकी मर्जी से थे और दोनों के बीच इन्हें वापस करने की कोई सहमति नहीं हुई थी।

PunjabKesari

कोर्ट में सबसे बड़ा सवाल क्या था?

मामले में मुख्य सवाल यह था कि पैसे देते समय उनकी प्रकृति क्या थी गिफ्ट या लोन? सिंगापुर हाई कोर्ट के सीनियर जज ली सियू किन ने कहा कि यह तय करने में अहम बात यह है कि रकम देते समय देने वाले की मंशा क्या थी। बाद में रिश्ता खत्म होने के बाद किसी गिफ्ट को सिर्फ दावा करने से लोन में नहीं बदला जा सकता। अदालत ने यह भी पाया कि अग्रवाल ऐसे ठोस सबूत पेश नहीं कर सके, जिनसे यह साबित हो कि ली ने इन रकम को लोन के तौर पर मांगा था या उन्हें वापस करने पर सहमति जताई थी। कोर्ट ने यह बात भी ध्यान में रखी कि दोनों के बीच बड़ी संख्या में WhatsApp messages हुए थे, फिर भी कथित लोन की वापसी को लेकर स्पष्ट लिखित सबूत सामने नहीं आया।

यें भी पढ़ें : ‘दूधिया बदन’ वाले बयान पर फिर बोले Annu Kapoor, तमन्ना भाटिया को लेकर कही ये बड़ी बात

कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?

9 सितंबर 2026 को सिंगापुर हाई कोर्ट ने अग्रवाल का दावा खारिज कर दिया। अदालत ने पाया कि विवादित रकम का अधिकांश हिस्सा रिश्ते के दौरान दिए गए गिफ्ट और स्वेच्छा से किए गए खर्च की प्रकृति का था, न कि वापस किए जाने वाले लोन की। अग्रवाल द्वारा कुछ अन्य रकम के बारे में किए गए दावे भी अदालत में साबित नहीं हो सके। कोर्ट ने इसलिए उनसे जुड़ा दावा भी स्वीकार नहीं किया।

₹3.5 करोड़ नहीं मिले वापस

इस फैसले के बाद चंदर अग्रवाल को वह करीब ₹3.5 करोड़ की रकम वापस नहीं मिली, जिसे वह अपनी पूर्व गर्लफ्रेंड से वसूलना चाहते थे। रिपोर्टों के मुताबिक, अदालत ने उन्हें फेलिशिया ली के कानूनी खर्चों का भुगतान करने का भी आदेश दिया।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Monika

Related News

static