मेरठ नीला ड्रम कांड: क्या मुस्कान और उसके प्रेमी को मिलेगी फांसी की सजा? कोर्ट जल्द सुनाएगा फैसला
punjabkesari.in Thursday, Oct 01, 2026 - 04:43 PM (IST)
नारी डेस्क: सौरभ राजपूत मर्डर केस (जिसे 'ब्लू ड्रम मर्डर केस' के नाम से भी जाना जाता है) की बहुप्रतीक्षित सुनवाई में, बुधवार को मेरठ की एक अदालत ने दोनों आरोपियों - मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्लाको हत्या और सौरभ राजपूत के शव को छिपाने का दोषी ठहराया। इस मामले में 126 बार सुनवाई और गवाही हुई, जिसमें अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष ने ज़िला जज अरविंद कुमार मिश्रा के सामने अपनी दलीलें पेश कीं। अभियोजन पक्ष ने दोनों के लिए मौत की सज़ा की मांग की है।
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22 गवाहियां की गई पेश
बताया जा रहा है किजिला जज द्वारा दोषी ठहराए जाने की जानकारी मिलते ही मुस्कान और साहिल रोने लगे। मुस्कान दुपट्टे से बार-बार अपने आंसू पोंछती दिखी। इसी बीच अभियोजक विजय बहादुर ने बताया कि- "अदालत ने दोनों आरोपियों, मुस्कान और साहिल, को हत्या और सौरभ के शव को छिपाने का दोषी पाया। हमने अलग-अलग मौकों पर 22 गवाहियां पेश की थीं। यह मामला परिस्थितिजन्य सबूतों पर आधारित था। हमने परिस्थितियों को एक क्रम में पेश किया था। सभी गवाहियों ने अभियोजन पक्ष के मामले की पुष्टि की। हालांकि यह अदालत का फैसला है, लेकिन हम मौत की सज़ा की मांग करेंगे। आम तौर पर, ऐसे मामलों में कम से कम सज़ा उम्रकैद और ज़्यादा से ज़्यादा सजा मौत होती है।"
दोनों को मौत की सजा देने की मांग
स्थानीय दुकानदारों ने गवाही दी कि उन्होंने हत्या से पहले रस्तोगी और शुक्ला को वह खास नीला प्लास्टिक ड्रम, सीमेंट की बोरियां, रेत, क्लीवर (बड़ा चाकू) और रेज़र बेचे थे। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल सिग्नल टावर की लोकेशन से पता चला कि अपराध के समय शुक्ला घर पर ही मौजूद था और दोनों की संयुक्त गतिविधियों से हिमाचल के शिमला और मनाली के होटलों में उनके ठहरने का पता चला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि चाकू घोंपकर उसकी हत्या की गई थी। इससे पहले, सौरभ के बड़े भाई राहुल ने कहा, "हम बस एक ही चीज़ चाहते हैं: उन्होंने मेरे भाई के साथ जो किया, वही उनके साथ भी होना चाहिए।"
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यह मामला 17 मार्च 2025 को अदालत में पेश किया गया था, जबकि मुस्कान और साहिल को दो दिन बाद मेरठ जेल भेज दिया गया था। मुकदमे को जुलाई 2025 में ज़िला जज की अदालत में ट्रांसफर कर दिया गया और लगभग 13 महीनों तक बहस चलती रही। इस मामले में 126 बार सुनवाई और गवाही हुई, जिसमें अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष ने ज़िला जज अरविंद कुमार मिश्रा के सामने अपनी दलीलें पेश कीं। अभियोजन पक्ष ने दोनों के लिए मौत की सज़ा की मांग की है। पुलिस जांच के अनुसार, 3 मार्च 2025 को मुस्कान रस्तोगी ने अपने पति सौरभ राजपूत को घर पर खाने में नशीली चीज़ मिलाकर बेहोश कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद उसका प्रेमी साहिल शुक्ला वहां पहुंचा और दोनों ने मिलकर सौरभ राजपूत की चाकू मारकर हत्या कर दी, फिर बाथरूम में उसकी लाश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। जांच से पता चला है कि लाश के सड़ने से उठने वाली बदबू को छिपाने के लिए, उन्होंने शरीर के कटे हुए हिस्सों को एक बड़े नीले प्लास्टिक के ड्रम में भरा, उसमें रेत, पानी और सीमेंट का ताज़ा गीला मिश्रण डाला और ड्रम को सील कर दिया।

