अगर आपको भी है बार-बार भूलने की आदत तो कहीं इस बीमारी का संकेत तो नहीं!

punjabkesari.in Monday, Sep 21, 2026 - 01:00 PM (IST)

नारी डेस्क : हम सभी कभी न कभी छोटी-छोटी बातें भूल जाते हैं। कभी चाबी या मोबाइल रखकर याद नहीं रहता कि कहां रखा था, तो कभी किसी का नाम कुछ देर के लिए याद नहीं आता। आमतौर पर ऐसी भूलने की समस्या सामान्य हो सकती है। लेकिन अगर याददाश्त कमजोर होने लगे और इसका असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।अल्जाइमर्स बीमारी का एक ऐसा रूप है जिसमें समय के साथ याददाश्त, सोचने-समझने और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS), यूके के अनुसार, अल्जाइमर्स धीरे-धीरे बढ़ने वाली बीमारी है और इसके लक्षण समय के साथ गंभीर हो सकते हैं। हालांकि, हर बार भूलने का मतलब अल्जाइमर्स नहीं होता। कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी याददाश्त को प्रभावित कर सकती हैं।

अल्जाइमर्स के शुरुआती लक्षण

अल्जाइमर्स के शुरुआती दौर में व्यक्ति को खासतौर पर हाल की घटनाओं और नई जानकारी को याद रखने में परेशानी हो सकती है। इसके कुछ संकेत इस तरह दिखाई दे सकते हैं
अभी-अभी हुई बातचीत या घटना भूल जाना
सामान रखकर भूल जाना और उसे ढूंढने में परेशानी होना
परिचित लोगों के नाम या जगहों के नाम बार-बार भूलना
एक ही सवाल बार-बार पूछना
बातचीत के दौरान सही शब्द याद करने में परेशानी होना
नई चीज सीखने या नए काम को करने में झिझक महसूस करना
रोजमर्रा के कामों को पूरा करने में पहले से ज्यादा परेशानी होना
अगर ऐसे बदलाव लगातार दिखाई दे रहे हैं और व्यक्ति की सामान्य दिनचर्या प्रभावित होने लगी है, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

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बीमारी बढ़ने पर दिख सकते हैं ये लक्षण

अल्जाइमर्स आगे बढ़ने पर याददाश्त के साथ-साथ सोचने, निर्णय लेने और अपनी देखभाल करने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।
इस दौरान व्यक्ति परिचित जगहों पर भी रास्ता भूल सकता है
समय, तारीख या आसपास की परिस्थितियों को लेकर भ्रमित हो सकता है
निर्णय लेने या किसी काम की योजना बनाने में परेशानी महसूस कर सकता है
बोलने या सही शब्द चुनने में कठिनाई महसूस कर सकता है
अकेले बाहर जाने या सामान्य काम करने में परेशानी महसूस कर सकता है
व्यक्तिगत देखभाल में मदद की जरूरत पड़ सकती है
नींद के पैटर्न में बदलाव महसूस कर सकता है
बेचैनी, चिंता या मूड में बदलाव का अनुभव कर सकता है
कुछ मामलों में ऐसी चीजें देखने या सुनने की शिकायत कर सकता है जो वास्तव में मौजूद नहीं हैं।

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गंभीर अवस्था में क्या हो सकता है?

बीमारी की गंभीर अवस्था में व्यक्ति को रोजमर्रा के लगभग सभी कामों के लिए दूसरे व्यक्ति की सहायता की जरूरत पड़ सकती है। 
इस दौरान व्यवहार में ज्यादा बदलाव और चिड़चिड़ापन दिखाई दे सकता है
बेचैनी या असामान्य रूप से उत्तेजित रहने की समस्या हो सकती है
एक ही सवाल या बात बार-बार दोहराई जा सकती है
बोलने और दूसरों की बात समझने में परेशानी बढ़ सकती है
खाने या निगलने में दिक्कत हो सकती है
चलने-फिरने और खुद की देखभाल करने में सहायता की जरूरत पड़ सकती है
पेशाब या मल पर नियंत्रण कम हो सकता है
वजन कम हो सकता है
याददाश्त बहुत ज्यादा प्रभावित हो सकती है।

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किन लोगों में जोखिम ज्यादा हो सकता है?

अल्जाइमर्स का एक ही कारण नहीं माना जाता। उम्र बढ़ना इसका सबसे बड़ा ज्ञात जोखिम कारक है, लेकिन कुछ अन्य कारक भी जोखिम से जुड़े हो सकते हैं। इनमें परिवार में अल्जाइमर्स या अन्य डिमेंशिया का इतिहास, सिर में गंभीर चोट, हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याएं, सुनने की क्षमता में कमी, सामाजिक अलगाव और अवसाद जैसे कारक शामिल हो सकते हैं।
डाउन सिंड्रोम वाले लोगों में भी अल्जाइमर्स का जोखिम सामान्य आबादी की तुलना में अधिक हो सकता है।

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हर बार भूलने का मतलब अल्जाइमर्स नहीं

कभी-कभार किसी का नाम भूल जाना, सामान रखकर कुछ देर बाद याद न आना या किसी काम की तारीख भूल जाना अपने आप में अल्जाइमर्स का संकेत नहीं है। चिंता तब ज्यादा होती है जब भूलने की समस्या बार-बार होने लगे, लगातार बढ़ती जाए और व्यक्ति की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे।
नोट: अगर आपको या आपके किसी करीबी को याददाश्त में लगातार बदलाव नजर आ रहे हैं, तो खुद से बीमारी का निष्कर्ष निकालने के बजाय डॉक्टर से जांच करवाना बेहतर है। 


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Content Editor

Monika

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