Alia Bhatt को हुई ADHD बीमारी! दिमाग हो जाता हाइपर एक्टिव, साथ ही भूलने की बीमारी

punjabkesari.in Wednesday, Sep 30, 2026 - 09:55 PM (IST)

नारी डेस्कः मशहूर बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट ADHD डिस्ऑर्डर की शिकार है ये बात खुद आलिया भट्ट ने एक इंटरव्यू में बताई थी कि वह काफी समय इन तकलीफों से गुजर रही थी और एंजाइटी और दिमागी परेशानियों को मैनेज कर उन्होंने इस्से उभरना भी सीखा है। 

बता दें कि एडीएचडी (ADHD) यानी अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर की बात करें तो ये एक न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर (What is ADHD) है जो किसी को भी हो सकता है। इस बीमारी में व्यक्ति फोकस नहीं कर पाते और अपने इमोशन पर कंट्रोल नहीं रख पाता  वैसे तो यह समस्या किसी को भी हो सकती है लेकिन बच्चे व महिलाएं में इसकी ज्यादा शिकार है। चलिए आज जानते हैं कि एडीएचडी क्या है, इसके लक्षण और कैसे मैनेज (how to manage ADHD) करने के तरीके आपको बताते हैं।

क्या है एडीएचडी  (What is ADHD)?

ये न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर नर्वस सिस्टम को डिस्टर्ब करता है जिसका पता आमतौर पर बचपन में ही चल जाता है लेकिन अगर समय रहते इसकी पहचान ना हो तो  ये वयस्कों की लाइफ को बुरी तरह प्रभावित करता है। आमतौर पर ये जन्म के समय ही डिटेक्ट हो जाता है लेकिन कई बार बच्चे के जन्म कुछ समय बाद इसका पता चलता है। आनुवांशिक कारण के साथ साथ इसके कुछ एनवायरमेंटल और नर्वस सिस्टम से संबंधित कारण भी हो सकते हैं। 
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एडीएचडी मुख्य रूप से व्यक्ति के दिमाग और उसके काम करने के तरीके को प्रभावित करता है। इससे व्यक्ति अपने मूड और आवेगों यानी इमोशन पर काबू नहीं कर पाता है। व्यक्ति किसी काम पर फोकस नहीं कर पाता है और किसी भी काम पर देर तक ध्यान लगाना उसके लिए मुश्किल हो जाता है।

बार बार गुस्सा आना और चिंता होना आम हो जाता है, उनके दिमाग में हर वक्त विचार आते रहते हैं। ऐसे लोग एक्स्ट्रा एक्टिव हो जाते हैं। वो हर वक्त कुछ करने के लिए उतावले दिखते हैं। चेहरे पर हर वक्त बेचैनी, चिंता, घबराहट, जल्दबाजी दिखती है।

कैसे दिखते हैं एडीएचडी के लक्षण (Symptoms of ADHD)

एडीएचडी के लक्षण किसी चंचल बच्चे की तरह दिखते हैं।
व्यक्ति शांत रहने की कोशिश करने पर भी शांत नहीं रह पाता है।
उसे फोकस करने में परेशानी होने लगती है, पढ़ाई लिखाई पर भी फोकस नहीं हो पाता है, व्यक्ति अक्सर चीजें रखकर भूल जाता है।
एडीएचडी से पीड़ित मरीज चीजों को मैनेज करने में दिक्कत महसूस करने लगता है।
लंबे समय तक चलने वाले किसी भी काम में वो टिक नहीं पाता है।
उसके कामकाज में हाइपरएक्टिविटी दिखती है, यानी वो हर काम में हाइपर एक्टिव तरीके से करता है।

वो बेचैन दिखता है, कभी एकदम चुप हो जाता है और कभी लगातार बोलता रहता है। वो बिना सोचे समझे बातों के जवाब देता रहता है, उसके हाव भाव में जल्दबाजी दिखती है।
उसका मूड स्विंग होता रहता है।

कैसे कर सकते हैं एडीएचडी को मैनेज (How to Manage ADHD)?

एडीएचडी के अधिकतर केसेज में हेल्थ केयर प्रोफेशनल की मदद ली जाती है।
इस बीमारी के इलाज के लिए बिहेवियर थेरेपी की जरूरत होती है।
इसके लक्षणों को मैनेज करने के लिए खास तौर पर बिहेवियर थेरेपी की वकालत की जाती है।
थेरेपी के अलावा कुछ दवाएं और लाइफस्टाइल में बदलाव के जरिए भी इसे रोका जा सकता है।
इसके अलावा मरीज को पर्याप्त नींद लेनी चाहिए।
डेली एक्सरसाइज और फिजिकल एक्टिविटी भी एडीएचडी के इलाज में शामिल हैं।
इस दौरान परिवार में लोगों का सहयोग मरीज के लिए पॉजिटिव असर करता है।
मनोचिकित्सक के साथ कंसल्टेंसी की भी जरूरत पड़ती है।
 


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Content Writer

Vandana

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