थायराइड की वजह से शरीर के इन हिस्सों में होता है दर्द, तुरंत करा लें ब्लड टेस्ट
punjabkesari.in Wednesday, Apr 02, 2025 - 12:02 PM (IST)

नारी डेस्क: आजकल थायराइड एक आम समस्या बन चुकी है। यह शरीर के कई हिस्सों में दर्द और असहजता का कारण बन सकती है। खराब खानपान और जीवनशैली के कारण यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। जब थायराइड हार्मोन का स्तर असंतुलित हो जाता है, तो यह कई तरह की समस्याओं को जन्म देता है, जिनमें शरीर के विभिन्न हिस्सों में दर्द भी शामिल है। अगर आपको लगता है कि आपके शरीर में कुछ हिस्सों में दर्द हो रहा है, तो यह थायराइड से जुड़ी समस्या हो सकती है।
थायराइड होने के कारण
थायराइड की समस्या तब होती है जब थायराइड ग्रंथि, जो गले में स्थित होती है, अपने हार्मोन का सही मात्रा में उत्पादन नहीं कर पाती। थायराइड ग्रंथि T3 (Triiodothyronine) और T4 (Thyroxine) हार्मोन का उत्पादन करती है, जो शरीर की ऊर्जा, मेटाबोलिज्म (चयापचय), और विभिन्न शारीरिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। जब यह हार्मोन असंतुलित होते हैं, तो इससे थायराइड की समस्या उत्पन्न होती है।
थायराइड होने के कुछ प्रमुख कारण
Genetic Factors: थायराइड की समस्याएं परिवार में भी चली आ सकती हैं। अगर किसी के परिवार में थायराइड की बीमारी है, तो इसका खतरा बढ़ सकता है।
हॉर्मोनल असंतुलन: महिलाओं में हार्मोनल बदलाव जैसे गर्भावस्था, मेनोपॉज, या जन्म नियंत्रण गोलियों का सेवन भी थायराइड पर असर डाल सकता है।
आईोडीन की कमी: अगर आहार में आईोडीन की कमी होती है, तो थायराइड ग्रंथि ठीक से काम नहीं कर पाती, जिससे हाइपोथायरायडिज़्म (कम थायराइड हार्मोन) हो सकता है।
ऑटोइम्यून डिसऑर्डर: कुछ मामलों में, शरीर की इम्यून सिस्टम थायराइड ग्रंथि पर हमला कर देती है, जिससे हैशिमोटो रोग (Hypothyroidism) या ग्रेव्स रोग (Hyperthyroidism) जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
तनाव (Stress): मानसिक और शारीरिक तनाव भी थायराइड के स्तर को प्रभावित कर सकता है और इसके असंतुलन का कारण बन सकता है।
पुरानी बीमारी या दवाइयां: कुछ बीमारियां, जैसे डायबिटीज, और कुछ दवाइयाँ भी थायराइड पर असर डाल सकती हैं।
खराब आहार और जीवनशैली: अत्यधिक जंक फूड, कम पोषण, और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली भी थायराइड की समस्याओं का कारण बन सकती है।
आइए, अब जानते हैं कि थायराइड के बढ़ने से शरीर के कौन-कौन से हिस्सों में दर्द होता है
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पीठ और कंधों में दर्द
थायराइड हार्मोन का असंतुलन शरीर की ऊर्जा को प्रभावित करता है, जिसके कारण मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इससे पीठ और कंधों में दर्द हो सकता है। यह दर्द लगातार महसूस हो सकता है, खासकर यदि हार्मोन का स्तर ज्यादा बढ़ जाए।
मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
जब थायराइड हार्मोन असंतुलित होता है, तो शरीर में मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द और अकड़न हो सकती है। यह दर्द खासकर पैरों, हाथों, कंधों और घुटनों में महसूस होता है। जोड़ों में जकड़न भी हो सकती है, जो चलने-फिरने में दिक्कत पैदा करती है।
पैरों और टखनों में सूजन व दर्द
थायराइड हार्मोन का असंतुलन शरीर में तरल पदार्थ की मात्रा बढ़ा सकता है, जिससे टखनों और पैरों में सूजन और दर्द हो सकता है। यह समस्या ज्यादा बढ़ने पर चलने में भी कठिनाई पैदा कर सकती है।
गर्दन में सूजन और दर्द
थायराइड ग्रंथि गले के बीच स्थित होती है, और जब यह ग्रंथि प्रभावित होती है, तो गले में सूजन और दर्द होने लगता है। धीरे-धीरे यह दर्द गर्दन के बाकी हिस्सों तक फैल सकता है और आराम से मुड़ने या सिर घुमाने में दिक्कत पैदा कर सकता है।
सिरदर्द और माइग्रेन
हाइपोथायरायडिज्म (थायराइड की कमी) के कारण रक्त संचार धीमा हो जाता है, जिससे सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है। यह दर्द दिनभर में कभी भी और किसी भी समय हो सकता है, और यह बहुत अधिक तकलीफदेह हो सकता है।
क्या करें अगर इन हिस्सों में दर्द हो?
अगर आपको इन हिस्सों में लगातार दर्द महसूस हो रहा है, तो तुरंत थायराइड फंक्शन टेस्ट (जैसे T3, T4, TSH) कराएं। इस टेस्ट से आपको यह पता चल जाएगा कि आपका थायराइड सामान्य है या नहीं। अगर थायराइड असंतुलित पाया जाता है, तो समय पर इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
सही इलाज और समय पर जांच से थायराइड की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है, और इससे जुड़े दर्द में भी आराम मिल सकता है।
इसलिए, यदि आपको इन लक्षणों का सामना हो रहा है, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी सेहत का ध्यान रखें।