Pasta से लेकर Beans तक हमेशा के लिए डायबिटीज का मरीज बनाने से आपको बचा सकती हैं ये चीजें

punjabkesari.in Tuesday, Sep 29, 2026 - 10:51 AM (IST)

नारी डेस्क: प्री-डायबिटिक होने का मतलब है कि आपके ब्लड शुगर का लेवल सामान्य से ज़्यादा है, लेकिन इतना ज़्यादा नहीं कि इसे टाइप 2 डायबिटीज माना जाए।  5.7% से 6.4% के बीच A1C टेस्ट, या 100 से 125 mg/dL के बीच फ़ास्टिंग ब्लड ग्लूकोज़ लेवल प्री-डायबिटीज़ का संकेत देता है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि अपनी जीवनशैली की आदतों में बदलाव करके आप प्री-डायबिटीज़ को कंट्रोल कर सकते हैं या उसे ठीक कर सकते हैं। आज हम उन चीजों के बारे में बताएंगे जो  प्री-डायबिटिक लोगों को अपनी रसोई में रखनी चाहिए।


 बीन्स और ओट्स 

डॉक्टर  चावल या पास्ता डिश में बीन्स या दालें मिलाने, या टोस्ट के साथ बीन्स खाने का सुझाव देते हैं, क्योंकि इनमें कॉम्प्लेक्स फ़ाइबर और रेजिस्टेंट स्टार्च होते हैं जो ब्लड ग्लूकोज़ के अवशोषण (absorption) को कम करने में मदद करते हैं। अपनी डाइट में ओट्स शामिल करें, क्योंकि ये बीटा-ग्लूकेन प्रीबायोटिक फाइबर होते हैं जो आपकी आंत में जेल बनाते हैं और ब्लडस्ट्रीम में शुगर के जाने की रफ़्तार को धीमा करते हैं। 


नट्स भी है बेहद काम के

डॉक्टर अक्सर  दोपहर या शाम के स्नैक्स की क्रेविंग होने पर बिस्कुट के बजाय मुट्ठी भर नट्स खाने की सलाह देते हैं, क्योंकि ये इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाते हैं।  एक अध्ययन में पाया गया कि नट्स ने इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाया है। इनसे फास्टिंग ग्लूकोज या HbA1c कम नहीं हुआ। लेकिन इंसुलिन रेजिस्टेंस प्री-डायबिटीज का एक मुख्य कारण है।


साबुत अनाज से डायबिटीज़ का ख़तरा होता है कम

डॉक्टर  रिफाइंड खाने की चीज़ों के बजाय साबुत अनाज वाले चावल, ब्रेड और पास्ता खाने की सलाह देते हैं। रोज़ाना 15 ग्राम ज़्यादा साबुत अनाज खाने से टाइप 2 डायबिटीज़ का ख़तरा 12% कम हो जाता है।  एक स्टडी में भी यही बात सामने आई थी, जिसमें कार्बोहाइड्रेट की क्वालिटी और सेहत के बीच संबंध की जांच की गई थी। इस स्टडी में पाया गया कि सबसे ज़्यादा डाइटरी फ़ाइबर लेने वालों और सबसे कम लेने वालों की तुलना करने पर, सभी कारणों से होने वाली मौत और दिल की बीमारियों से जुड़ी मौत, कोरोनरी हार्ट डिज़ीज़, स्ट्रोक, टाइप 2 डायबिटीज़ और कोलोरेक्टल कैंसर के मामलों में 15 से 30% की कमी देखी गई।


पास्ता का विकल्प

डॉक्टर  चने और दाल से बने पास्ता खाने का सुझाव देते हैं  क्योंकि इनमें रेगुलर पास्ता के मुकाबले ज़्यादा प्रोटीन और दोगुने से भी ज़्यादा फ़ाइबर होता है, साथ ही कार्ब्स भी कम होते हैं। प्रोटीन और फ़ाइबर खाने के बाद ब्लड शुगर में होने वाली तेज़ी को कम करते हैं। खाने की ये चीज़ें बदलने का तरीका प्री-डायबिटिक मरीज़ों के लिए फ़ायदेमंद है क्योंकि फ़ाइबर पेट खाली होने की रफ़्तार को धीमा कर देता है, जिससे शुगर धीरे-धीरे ब्लडस्ट्रीम में पहुंचती है। 


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vasudha

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