पित्त की पथरी से हैं परेशान तो डाइट में शामिल करें ये चीजें!
punjabkesari.in Monday, Sep 28, 2026 - 11:33 AM (IST)
नारी डेस्क : पित्त की पथरी यानी Gallbladder Stones होने पर पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, भारीपन, मतली या उल्टी जैसी परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में खान-पान का ध्यान रखना जरूरी है। संतुलित और कम वसा वाली डाइट कुछ लोगों में लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है। हालांकि, सिर्फ डाइट से पित्त की पथरी खत्म नहीं होती और लगातार दर्द या दूसरे गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
इन चीजों का करें सेवन
फाइबर से भरपूर खाना: डाइट में ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस, साबुत अनाज और दालों को शामिल करें। फाइबर से भरपूर भोजन पाचन को बेहतर रखने में मदद करता है।
फल और सब्जियां: सेब, नाशपाती, संतरा, पपीता, गाजर, पालक और अन्य हरी सब्जियां डाइट का हिस्सा बनाएं। इनमें फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं।
कम वसा वाले डेयरी प्रोडक्ट्स: अगर दूध या डेयरी प्रोडक्ट्स से परेशानी नहीं होती तो कम वसा वाला दूध, दही या छाछ लिया जा सकता है।
पर्याप्त मात्रा में पानी: दिनभर पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। पानी के अलावा सूप जैसे हल्के तरल पदार्थ भी डाइट में शामिल किए जा सकते हैं।

किन चीजों का करें परहेज?
तला-भुना और ज्यादा वसा वाला खाना: समोसा, कचौरी, फ्रेंच फ्राइज, पूरी, चिप्स और बहुत ज्यादा तेल या घी में बने भोजन से बचना बेहतर है। हाई-फैट खाना कुछ लोगों में पित्त की पथरी से जुड़े दर्द को ट्रिगर कर सकता है।
भारी और बहुत मसालेदार खाना: बहुत ज्यादा मसालेदार या गरिष्ठ भोजन खाने के बाद अगर आपको दर्द या पेट की परेशानी बढ़ती है तो इसे सीमित करें।
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पैक्ड और प्रोसेस्ड फूड: पेस्ट्री, कुकीज, केक, चिप्स और दूसरे हाई-फैट प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन कम करें।
वसायुक्त मांस: फैटी मीट और प्रोसेस्ड मीट में वसा अधिक हो सकती है, इसलिए इनका सेवन सीमित करना बेहतर है। अंडा या चिकन हर व्यक्ति में समस्या पैदा करे, यह जरूरी नहीं है; अगर इन्हें खाने के बाद लक्षण बढ़ते हैं तो डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से मात्रा तय करें।
शराब और ज्यादा कैफीन: अगर शराब या ज्यादा चाय-कॉफी लेने से आपको पेट की परेशानी बढ़ती है तो इनका सेवन कम करें या बचें।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से या बीच में तेज और लगातार दर्द हो, दर्द पीठ या कंधे तक जाए, बार-बार उल्टी हो, बुखार आए या आंखों और त्वचा में पीलापन दिखाई दे तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षणों में जल्द डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

