पितृ पक्ष शुरू होने से पहले घर से बाहर कर दें ये 4 चीजें!
punjabkesari.in Friday, Sep 25, 2026 - 05:54 PM (IST)
नारी डेस्क : पितृ पक्ष को हिंदू धर्म में पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का विशेष समय माना जाता है। 2026 में 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध है, जबकि पितृ पक्ष के प्रतिपदा श्राद्ध की शुरुआत 27 सितंबर से होगी और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ इसका समापन होगा। इन दिनों लोग पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान और दान-पुण्य करते हैं। धार्मिक और वास्तु मान्यताओं में पितृ पक्ष से पहले घर की साफ-सफाई और अनावश्यक सामान को हटाने पर जोर दिया जाता है। माना जाता है कि घर का शांत और व्यवस्थित वातावरण धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अनुकूल होता है। इसी वजह से कुछ चीजों को घर से हटाने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं वे 4 चीजें कौन-सी हैं।
टूटी मूर्तियां और खराब धार्मिक तस्वीरें
धार्मिक मान्यताओं में पूजा स्थान पर टूटी या खंडित मूर्तियां रखना उचित नहीं माना जाता। इसी तरह बहुत खराब हो चुकी धार्मिक तस्वीरों को भी सम्मानपूर्वक हटाने की परंपरा है। अगर घर के मंदिर में कोई मूर्ति टूट गई है या तस्वीर बहुत ज्यादा क्षतिग्रस्त हो गई है, तो उसे फेंकने के बजाय स्थानीय धार्मिक परंपरा के अनुसार सम्मानपूर्वक विसर्जित या निस्तारित किया जा सकता है। इसके बाद पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ करके व्यवस्थित करें।

बंद या खराब घड़ी
वास्तु से जुड़ी कुछ मान्यताओं में बंद घड़ी को घर में ठहराव का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि खराब घड़ी को यूं ही दीवार पर लटकाकर रखने की बजाय उसे ठीक करा लेना या हटा देना बेहतर है। पितृ पक्ष से पहले घर की सफाई करते समय अगर कोई घड़ी लंबे समय से बंद पड़ी है, तो उसे ठीक करा लें। अगर वह काम के लायक नहीं है, तो उसे घर में बेवजह रखने की जरूरत नहीं।
टूटे-चटके बर्तन
रसोई में रखे टूटे, चटके या बेकार बर्तनों को भी अनावश्यक सामान में शामिल किया जाता है। धार्मिक और वास्तु मान्यताओं में ऐसे सामान को घर में जमा करके रखने से बचने की सलाह दी जाती है। पितृ पक्ष से पहले रसोई और स्टोर की सफाई करते समय ऐसे बर्तनों को अलग कर दें। इससे घर व्यवस्थित रहेगा और रोजमर्रा के इस्तेमाल में भी परेशानी नहीं होगी।
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फटे और बेकार जूते-चप्पल
घर के दरवाजे, सीढ़ियों या किसी कोने में पड़े पुराने और खराब जूते-चप्पल अक्सर घर में यूं ही जमा होते रहते हैं। वास्तु से जुड़ी मान्यताओं में इन्हें भी अव्यवस्था का कारण माना जाता है। पितृ पक्ष से पहले ऐसे जूते-चप्पलों को छांटकर जो इस्तेमाल के लायक नहीं हैं, उन्हें हटा दें। जो जूते उपयोग में हैं, उन्हें साफ करके व्यवस्थित जगह पर रखें।

पितृ पक्ष से पहले घर की सफाई क्यों करें?
पितृ पक्ष के दौरान घर में धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं, इसलिए कई परिवार इस समय घर को साफ और व्यवस्थित रखने पर विशेष ध्यान देते हैं। हाल की वास्तु सलाह में भी पितृ पक्ष से पहले अनावश्यक सामान हटाने, लंबे समय से खराब पड़ी चीजों को ठीक करने और घर में शांत वातावरण बनाने की बात कही गई है। इस दौरान घर की सफाई के साथ पूजा स्थान को व्यवस्थित करना, पुराने और खराब सामान को अलग करना और पितरों के लिए निर्धारित श्राद्ध कर्म की तैयारी करना एक सामान्य धार्मिक परंपरा है।
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पितरों के लिए क्या करें?
धार्मिक मान्यता के अनुसार पितृ पक्ष में पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध, पिंडदान और दान-पुण्य किया जाता है। कई परिवार जरूरतमंदों को भोजन कराते हैं और अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार अन्य धार्मिक कर्म भी करते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि पितृ पक्ष को केवल डर या दोष से जोड़कर न देखें। यह समय अपने पूर्वजों को याद करने, उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने और परिवार की परंपराओं को निभाने का अवसर भी माना जाता है।

