लड्डू और फल नहीं, इन मंदिरों में देवी को लगता है पिज्जा, बर्गर और पानी-पुरी का भोग!
punjabkesari.in Thursday, Nov 27, 2025 - 12:25 PM (IST)
नारी डेस्क : भारत में कुछ ऐसे देवी मंदिर हैं, जहां पारंपरिक प्रसाद की बजाय भक्त माता को पिज्जा, बर्गर, सैंडविच और पानी-पुरी जैसी चीजें अर्पित करते हैं। भक्तों की आस्था इतनी गहरी होती है कि वे पूजा-पाठ और व्रत-उपवास करते हैं। आम तौर पर भगवान भक्तों का भाव देखते हैं, लेकिन फिर भी श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार भोग चढ़ाते हैं। परंपरागत रूप से लड्डू, पेड़ा, खीर, हलवा, मेवे और फल मंदिरों में भोग के रूप में लगाए जाते हैं, लेकिन कुछ मंदिरों में इसे यूनिक और मॉर्डन तरीके से बदल दिया गया है।
भारत के कुछ अनोखे मंदिर
भारत में ऐसे मंदिर केवल एक-दो नहीं बल्कि कई हैं। इनमें से राजकोट का रापूताना जीविका माताजी मंदिर और चेन्नई का पड़प्पाई जय दुर्गा पीठम मंदिर सबसे चर्चित हैं। ये मंदिर भक्तों के लिए गहरी आस्था का केंद्र माने जाते हैं।
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बच्चों के लिए विशेष प्रसाद (राजकोट)
रापूताना में जीविका माताजी का मंदिर लगभग 65-70 साल पुराना है। यहां भक्त विशेष रूप से अपने बच्चों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के लिए आते हैं। मंदिर के आचार्य बताते हैं कि पहले केवल नारियल और साकार प्रसाद चढ़ाया जाता था। लेकिन अब बच्चों की पसंद के अनुसार बर्गर, पिज्जा और सैंडविच जैसे व्यंजन भी भोग में लगाए जाते हैं। मंदिर की दान राशि भी सामाजिक कार्यों में खर्च होती है।
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मॉर्डनाइज्ड (Modernized) प्रसाद (चेन्नई)
चेन्नई के पड़प्पाई में स्थित जय दुर्गा पीठम मंदिर में भी भक्त पिज्जा, बर्गर, सैंडविच अर्पित करते हैं। इस मंदिर की स्थापना हर्बल ऑन्कॉलॉजिस्ट के. श्री श्रीधर ने की थी। मंदिर में प्रसाद को मॉर्डनाइज करने का मुख्य कारण यह बताया गया है कि अनोखे प्रसाद के कारण मंदिर में दूर-दूर से टूरिस्ट आते हैं। यहां भक्त अपनी जन्मतिथि दर्ज करा सकते हैं और जन्मदिन पर उन्हें केक का प्रसाद भी मिलता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि सभी प्रसाद पूरे पवित्र भाव से और पवित्र रसोई में बनाए जाते हैं, और FSSAI से प्रमाणित होते हैं।

