पानी किस बर्तन में पीना सबसे सही? स्टील-ग्लास या तांबे के बर्तन में !
punjabkesari.in Thursday, Mar 12, 2026 - 11:33 AM (IST)
नारी डेस्क : पानी पीना हमारे शरीर के लिए उतना ही जरूरी है जितना खाना। यह शरीर को हाइड्रेट रखता है, पाचन को बेहतर बनाता है और शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकालने में मदद करता है। लेकिन अक्सर लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते कि पानी किस बर्तन में पीना ज्यादा सुरक्षित और सेहत के लिए बेहतर होता है। घर में आमतौर पर स्टील, कांच (ग्लास) और तांबे (कॉपर) के बर्तन इस्तेमाल किए जाते हैं। इन तीनों के अपने अलग-अलग फायदे और सीमाएं हैं। इसलिए यह समझना जरूरी है कि कौन सा बर्तन रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए सही माना जाता है।
स्टील के बर्तन में पानी पीने के फायदे
आजकल ज्यादातर घरों में स्टेनलेस स्टील की बोतल या गिलास का इस्तेमाल किया जाता है।
स्टील मजबूत और टिकाऊ होता है।
इसमें जंग लगने की संभावना बहुत कम होती है।
यह पानी के साथ किसी तरह का खतरनाक केमिकल रिएक्शन नहीं करता।
इसे साफ करना आसान होता है।
लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर भी इसकी गुणवत्ता बनी रहती है।
इसी वजह से डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट रोजमर्रा में स्टील के बर्तन को सबसे सुरक्षित विकल्पों में से एक मानते हैं।

यें भी पढ़ें : पुरुषों की इन आदतों से महिलाओं में बढ़ रहा सर्वाइकल कैंसर का खतरा
कांच (ग्लास) के गिलास में पानी पीने के फायदे
कांच यानी ग्लास भी पानी पीने के लिए एक अच्छा विकल्प माना जाता है।
कांच एक न्यूट्रल मटेरियल होता है।
इससे पानी के स्वाद, गंध या गुणवत्ता में कोई बदलाव नहीं होता।
इसमें किसी तरह के केमिकल नहीं मिलते।
कई हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कांच में रखा पानी सबसे शुद्ध स्वाद देता है।
हालांकि कांच का बर्तन थोड़ा नाजुक होता है और गिरने पर टूट सकता है, इसलिए इसे सावधानी से इस्तेमाल करना पड़ता है।

यें भी पढ़ें : रोज इस तरीके से पिएं मेथी का पानी, नसों में जमा गंदा कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे होगा साफ
तांबे (कॉपर) के बर्तन में पानी पीने की परंपरा
भारत में तांबे के बर्तन में पानी पीने की परंपरा सदियों पुरानी है। आयुर्वेद में इसे काफी फायदेमंद माना गया है।
तांबे में हल्के एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं।
यह पानी में मौजूद कुछ हानिकारक बैक्टीरिया को कम करने में मदद कर सकता है।
आयुर्वेद के अनुसार तांबे के पात्र में रखा पानी पाचन और इम्यूनिटी के लिए फायदेमंद माना जाता है।
आमतौर पर तांबे के बर्तन में पानी को 6–8 घंटे रखने के बाद पीना बेहतर माना जाता है।
लेकिन इसका ज्यादा इस्तेमाल भी सही नहीं माना जाता, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही पीना चाहिए।

आखिर सबसे सुरक्षित कौन सा है?
अगर रोजमर्रा के इस्तेमाल की बात करें तो स्टील और कांच दोनों ही पानी पीने के लिए सुरक्षित माने जाते हैं।
रोजाना इस्तेमाल के लिए स्टील सबसे ज्यादा प्रैक्टिकल है।
शुद्ध स्वाद के लिए कांच अच्छा विकल्प हो सकता है।
जबकि तांबे का पानी सीमित मात्रा में और सही तरीके से पीना चाहिए।
सबसे जरूरी बात यह है कि जिस भी बर्तन में पानी पिएं, वह साफ और स्वच्छ होना चाहिए। साफ बर्तन और शुद्ध पानी ही शरीर को सही तरीके से हाइड्रेट रखते हैं और अच्छी सेहत बनाए रखने में मदद करते हैं।

