महंगाई का असर दवाओं पर भी, Paracetamol समेत कई जरूरी दवाएं हुईं महंगी
punjabkesari.in Thursday, Jun 04, 2026 - 12:29 PM (IST)
नारी डेस्क: दुनियाभर में बढ़ती महंगाई का असर अब सिर्फ रोजमर्रा की चीजों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा प्रभाव दवा बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। पैरासिटामोल से लेकर कई एंटीबायोटिक्स तक, जरूरी दवाओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे मरीजों की चिंता बढ़ना तय माना जा रहा है।
सप्लाई चेन और कच्चे माल की बढ़ती कीमतें बनी वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव और कच्चे माल की बढ़ती लागत है। दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (API) की कीमतों में पिछले कुछ समय में लगातार इजाफा हुआ है। इसके अलावा समुद्री परिवहन, पैकेजिंग मटेरियल और आयात लागत भी काफी महंगी हो गई है, जिसका सीधा असर फार्मा कंपनियों की उत्पादन लागत पर पड़ा है।

पैरासिटामोल और एंटीबायोटिक्स भी महंगे
रिपोर्ट्स के अनुसार पैरासिटामोल, पेनिसिलिन, सेफालोस्पोरिन और अन्य दर्द निवारक व एंटीबायोटिक दवाओं के कच्चे माल की कीमतों में 40% से 60% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी कारण बाजार में आने वाले नए स्टॉक और बैच की दवाएं पहले की तुलना में महंगी बिक रही हैं। हालांकि पुराने स्टॉक पर फिलहाल कीमतों का असर सीमित है, लेकिन आने वाले समय में स्थिति बदल सकती है।
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मरीजों की जेब पर बढ़ेगा बोझ
दवा कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर उन मरीजों पर पड़ेगा जो लंबे समय से नियमित दवाओं का सेवन कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कच्चे माल और लॉजिस्टिक्स की लागत में जल्द राहत नहीं मिलती, तो दवाओं के दाम और भी बढ़ सकते हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर लोगों का मासिक खर्च बढ़ने की संभावना है, जो पहले से ही महंगाई से जूझ रहे परिवारों के लिए एक अतिरिक्त बोझ साबित हो सकता है।

आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें
फार्मा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में अगर सप्लाई चेन और कच्चे माल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तो आने वाले महीनों में कई और जरूरी दवाओं के दाम भी बढ़ सकते हैं। ऐसे में दवा बाजार में यह स्थिति आम उपभोक्ताओं के लिए चिंता बढ़ाने वाली मानी जा रही है।

