साइलेंट किलर बीमारियों से बचना है तो 40 के बाद हर पुरुष को करवाने चाहिए ये 4 जरूरी टेस्ट
punjabkesari.in Friday, Jun 19, 2026 - 12:40 PM (IST)
नारी डेस्क : 40 की उम्र पार करते ही शरीर में कई ऐसे बदलाव शुरू हो जाते हैं जो बाहर से नजर नहीं आते, लेकिन अंदर ही अंदर सेहत को प्रभावित कर सकते हैं। इस उम्र में मेटाबॉलिज्म धीमा होने लगता है, हार्मोनल बदलाव होते हैं और सालों से चली आ रही जीवनशैली का असर भी दिखने लगता है। विशेषज्ञों का मानना है कि कई गंभीर बीमारियां शुरुआती चरण में कोई लक्षण नहीं दिखातीं, इसलिए नियमित हेल्थ चेकअप बेहद जरूरी हो जाता है।
40 के बाद क्यों बढ़ जाता है स्वास्थ्य जोखिम?
विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ती उम्र के साथ डायबिटीज, हृदय रोग, विटामिन की कमी, प्रोस्टेट और किडनी संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। खासकर भारतीयों में आनुवंशिक कारणों और तनावपूर्ण जीवनशैली की वजह से ये जोखिम और अधिक हो जाते हैं।

HbA1c टेस्ट (डायबिटीज स्क्रीनिंग)
डायबिटीज को अक्सर "साइलेंट डिजीज" कहा जाता है क्योंकि यह लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। केवल फास्टिंग ब्लड शुगर टेस्ट ही पर्याप्त नहीं होता। HbA1c टेस्ट पिछले 2 से 3 महीनों के औसत ब्लड शुगर स्तर की जानकारी देता है और प्रीडायबिटीज या डायबिटीज के जोखिम का बेहतर आकलन करने में मदद करता है।
लिपिड प्रोफाइल और ब्लड प्रेशर टेस्ट
दिल की बीमारियां कई बार बिना किसी चेतावनी के विकसित होती रहती हैं। ऐसे में लिपिड प्रोफाइल टेस्ट शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर की जांच करता है, जबकि नियमित ब्लड प्रेशर चेकअप हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम को पहचानने में मदद करता है।
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विटामिन D और विटामिन B12 टेस्ट
अगर आपको लगातार थकान, मांसपेशियों में कमजोरी, शरीर में दर्द या ध्यान केंद्रित करने में परेशानी महसूस होती है, तो इसके पीछे विटामिन D या B12 की कमी हो सकती है। ये दोनों पोषक तत्व हड्डियों, नसों और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

प्रोस्टेट, लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट
40 वर्ष के बाद पुरुषों को प्रोस्टेट हेल्थ पर विशेष ध्यान देना चाहिए। प्रोस्टेट से जुड़ी कई समस्याएं शुरुआती दौर में कोई लक्षण नहीं दिखातीं। इसके अलावा लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) और किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) भी करवाना जरूरी है, क्योंकि फैटी लिवर और किडनी की कई बीमारियां लंबे समय तक चुपचाप बढ़ती रहती हैं।
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किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
बार-बार थकान महसूस होना
अचानक वजन बढ़ना या घटना
बार-बार पेशाब आना
सीने में भारीपन या सांस फूलना
मांसपेशियों में कमजोरी
एकाग्रता में कमी।

स्वस्थ रहने के लिए क्या करें?
नियमित जांच के साथ-साथ संतुलित आहार, रोजाना व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित रखना भी बेहद जरूरी है। समय पर किए गए हेल्थ टेस्ट कई गंभीर बीमारियों को शुरुआती चरण में पकड़ने और उनका इलाज आसान बनाने में मदद कर सकते हैं।

