गोविंदपुरी आग हादसे में साड़ी से बचाई जलते हुए लोगों की जान ... अभी भी कानों में गूंज रही ''बचाओ-बचाओ'' की चीखें
punjabkesari.in Friday, Jun 12, 2026 - 02:57 PM (IST)
नारी डेस्क: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के गोविंदपुरी में वीरवार देर रात पांच मंजिला एक रिहायशी इमारत में लगी आग के दौरान घने धुएं और आग की लपटों के बीच कुछ निवासी साड़ियों के सहारे खिड़कियों से बाहर निकले जबकि कुछ ने बचने की हताश कोशिश में छत से मदद के लिए आवाज लगाई। पुलिस ने बताया कि तुगलकाबाद एक्सटेंशन स्थित रिहायशी इमारत में देर रात करीब ढाई बजे लगी आग में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए।

लोगों ने खिड़कियों से बाहर निकलकर बचाई अपनी जान
पड़ोसियों ने आग लगने के दौरान मची घबराहट, दहशत और हताशा के मंजर को बयां किया। पास ही रहने वाले राजन ने बताया कि सबसे पहले देर रात करीब दो बजे धुआं दिखाई दिया और जल्द ही तंग गली में फैल गया। उन्होंने बताया- "हमने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन इमारत के अंदर खड़े दोपहिया वाहन पहले ही आग की चपेट में आ चुके थे। पड़ोसियों ने बताया कि जैसे-जैसे इमारत में धुआं तेजी से फैला अंदर फंसे लोगों के पास बाहर निकलने के लिए दूसरे रास्ते खोजने के अलावा कोई चारा नहीं बचा था। राजन ने बताया- "लोगों ने साड़ियों का इस्तेमाल कर खिड़कियों से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। " ग्राउंड फ्लोर पर बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से आग शुरू हुई थी। वहीं पर एक इलेक्ट्रिक स्कूटर चार्जिंग पर लगा हुआ था। शॉर्ट सर्किट के बाद आग ने तुरंत रफ्तार पकड़ी और वहां पार्क किए गए ई-स्कूटर समेत कुल सात दोपहिया वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया।
हर तरफ फैल गई आग
एक अन्य पड़ोसी सुमन ने बताया कि जैसे-जैसे आग की लपटें तेज हुईं, छत से लोगों के मदद के लिए चिल्लाने की आवाजें सुनाई देने लगीं। उन्होंने बताया- "वे छत से 'हमें बचाओ' चिल्ला रहे थे लेकिन कोई भी इमारत के अंदर नहीं जा सका क्योंकि आग पूरी तरह फैल चुकी थी।" पुलिस के मुताबिक- "गोविंदपुरी थाने को देर रात करीब दो बजकर 31 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली। जब इमारत में घना धुआं भर गया और कई लोग अंदर फंस गए, तो उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक साथ मिलकर कोशिशें शुरू की गईं।" पुलिस ने बताया कि आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल और एम्स के ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान पंकज (28), उनकी मां गुड्डी (50) और बहन सोनी (20) के तौर पर हुई है।

घरों से बाहर भागे लोग
पुलिस ने बताया कि ये सभी इमारत की तीसरी मंजिल पर रहते थे और परिवार के दो अन्य सदस्य 18 साल की एक युवती और उनकी 70 साल की नानी को गंभीर चोटें आईं। इलाके की एक अन्य निवासी नीलू देवी ने बताया कि घने धुएं के कारण इलाके में कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था और धुआं आस-पास की इमारतों तक भी फैल गया। उन्होंने बताया- "धुआं हमारी इमारत में भी घुस गया था। जैसे ही हमें इसका पता चला हम अपने घरों से बाहर भाग निकले।" नीलू ने बताया- "इस इमारत में रहने वाले ज्यादातर लोगों के अपने फ्लैट हैं। हो सकता है कि कुछ किराएदार भी हों, लेकिन ज्यादातक लोग अपने घरों के मालिक हैं।" पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया कि आग शायद इमारत के भूतल पर बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी और आग लगने की असली वजह का पता लगाया जा रहा है।

