2040 तक मौत का 5वां सबसे बड़ा कारण बनेगी Kidney की बीमारी! रिपोर्ट में हुआ खुलासा
punjabkesari.in Saturday, Jun 06, 2026 - 12:32 PM (IST)
नारी डेस्क: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग दिल, डायबिटीज और मोटापे जैसी बीमारियों को लेकर तो सतर्क रहते हैं, लेकिन किडनी की सेहत को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर समस्या बन सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी की बीमारी धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है और शुरुआती चरण में इसके संकेत भी आसानी से समझ नहीं आते। यही वजह है कि इसे "साइलेंट डिजीज" कहा जाता है। हाल ही में प्रकाशित एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट ने किडनी रोग को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार आने वाले वर्षों में यह बीमारी दुनिया में मौत के प्रमुख कारणों में शामिल हो सकती है।
तेजी से बढ़ रही है किडनी रोग की समस्या
मेडिकल जर्नल द लैंसेट में प्रकाशित शोध के अनुसार, दुनियाभर में करोड़ों लोग क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) से प्रभावित हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो वर्ष 2040 तक यह बीमारी वैश्विक स्तर पर मृत्यु के पांचवें सबसे बड़े कारण के रूप में उभर सकती है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली, खराब खानपान और बढ़ती स्वास्थ्य समस्याएं इसके पीछे बड़ी वजह बन रही हैं।

किडनी हमारे शरीर के लिए क्यों है इतनी जरूरी
किडनी शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को साफ करने का काम करती है। यह शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकालने, तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने और हड्डियों को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाती है। जब किडनी की कार्यक्षमता कम होने लगती है तो शरीर पर इसका असर धीरे-धीरे दिखाई देता है, लेकिन कई बार नुकसान काफी बढ़ जाने तक कोई स्पष्ट लक्षण सामने नहीं आते।
किन कारणों से बढ़ रहा है किडनी रोग
विशेषज्ञों के मुताबिक डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और हृदय रोग किडनी खराब होने के सबसे बड़े कारणों में शामिल हैं। इसके अलावा लगातार जंक फूड खाना, शारीरिक गतिविधियों की कमी, पर्याप्त पानी न पीना और बढ़ती उम्र भी किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है। यही कारण है कि आज युवा वर्ग में भी किडनी संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
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समय रहते पहचान क्यों है जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किडनी रोग का शुरुआती चरण में पता चल जाए तो इसकी गति को काफी हद तक धीमा किया जा सकता है। आजकल कई आधुनिक जांच तकनीकें उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से किडनी की कार्यक्षमता का आकलन किया जा सकता है। इनमें ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और अन्य एडवांस जांच शामिल हैं। नियमित हेल्थ चेकअप से बीमारी को गंभीर होने से पहले पहचाना जा सकता है।
महिलाओं और पुरुषों में अलग हो सकता है असर
रिसर्च में यह भी सामने आया है कि किडनी रोग का प्रभाव महिलाओं और पुरुषों में समान नहीं होता। दोनों के शरीर की बनावट, बीमारी की प्रगति और इलाज के प्रति प्रतिक्रिया अलग-अलग हो सकती है। इसलिए भविष्य में मरीज की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार इलाज तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

नई दवाओं से बढ़ी उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में किडनी रोग के इलाज में काफी प्रगति हुई है। कई नई दवाएं किडनी की कार्यक्षमता को लंबे समय तक बनाए रखने और बीमारी की रफ्तार को कम करने में मददगार साबित हो रही हैं। इसके अलावा ये उपचार हृदय स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने में सहायक माने जा रहे हैं, जिससे मरीजों को दोहरा लाभ मिल सकता है।
किडनी खराब होने के शुरुआती संकेतों को न करें नजरअंदाज
किडनी रोग अक्सर बिना लक्षणों के शुरू होता है, लेकिन कुछ संकेत ऐसे हैं जिन्हें गंभीरता से लेना चाहिए।
हाथों, पैरों या आंखों के आसपास सूजन आना
पेशाब की मात्रा या रंग में बदलाव होना
पेशाब में झाग बनना
लगातार थकान महसूस होना
भूख कम लगना
मुंह में धातु जैसा स्वाद आना
रात में मांसपेशियों में ऐंठन होना
अगर इनमें से कोई भी लक्षण लगातार दिखाई दे रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

खानपान की गलतियां भी बढ़ा सकती हैं खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार जरूरत से ज्यादा नमक, चीनी और अस्वस्थ वसा का सेवन किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। वहीं बिना विशेषज्ञ की सलाह के हाई-प्रोटीन डाइट लेना भी कई लोगों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। किडनी को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त पानी और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है।
सेहतमंद किडनी के लिए आज ही अपनाएं सावधानी
किडनी की बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है, लेकिन इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं। अच्छी बात यह है कि समय पर पहचान और सही जीवनशैली अपनाकर इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को नजरअंदाज न करें और नियमित स्वास्थ्य जांच को अपनी आदत बनाएं।

