कई बीमारियों का इलाज है नाभि में डाला ये तेल, बिना दवाई के मिलेगा आराम

punjabkesari.in Friday, Oct 09, 2026 - 08:12 PM (IST)

नारी डेस्कः नाभि शरीर का वो अंग है जिसके साथ शरीर के सारे अंगों का कनेक्शन जुड़ा है। भारतीय घरों में नाभि में तेल लगाने की परंपरा काफी पुरानी है। आपने भी सुना होगा कि नाभि में नारियल तेल डालने से होंठ मुलायम होते हैं, सरसों का तेल लगाने से जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है और बादाम का तेल त्वचा के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन क्या इन दावों के पीछे वैज्ञानिक प्रमाण भी हैं? नाभि में तेल लगाने से आसपास की त्वचा को नमी मिल सकती है, लेकिन यह दावा कि नाभि के रास्ते तेल शरीर के दूसरे अंगों तक पहुंचकर बीमारियां ठीक करता है, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है।

नाभि में कौन-सा तेल लगाने के क्या फायदे बताए जाते हैं?

1. नारियल का तेल

नाभि के आसपास की रूखी त्वचा को मुलायम रखने में मदद कर सकता है।
त्वचा की नमी बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
होंठों या चेहरे की रूखी त्वचा पर इसका उपयोग अलग से किया जा सकता है, लेकिन नाभि में लगाने से होंठ मुलायम होने का प्रमाण नहीं है।

2. सरसों का तेल

त्वचा की मालिश के लिए कुछ लोग इसका इस्तेमाल करते हैं।
नाभि में लगाने से जोड़ों का दर्द, पेट की गैस या पाचन संबंधी समस्याएं ठीक होने का पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
संवेदनशील त्वचा पर इससे जलन या एलर्जी हो सकती है।
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3. बादाम का तेल

त्वचा को मुलायम रखने में मदद कर सकता है।
नाभि के आसपास की रूखी त्वचा में उपयोगी हो सकता है।
नाभि में लगाने से याददाश्त बढ़ने, आंखों की रोशनी बेहतर होने या बालों का झड़ना रुकने के दावे प्रमाणित नहीं हैं।

4. अरंडी का तेल

इसका इस्तेमाल कुछ त्वचा संबंधी उत्पादों और मालिश में किया जाता है।
नाभि में डालने से कब्ज, हार्मोन संबंधी समस्याएं या मासिक धर्म की अनियमितता ठीक होने के ठोस प्रमाण नहीं हैं।
इसे बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी बीमारी के उपचार के रूप में इस्तेमाल न करें।

5. जैतून का तेल

त्वचा की बाहरी परत को नमी देने में मदद कर सकता है।
नाभि के आसपास रूखापन हो तो थोड़ी मात्रा में बाहरी त्वचा पर लगाया जा सकता है।
नाभि में डालने से शरीर की अंदरूनी सफाई या वजन कम होने का प्रमाण नहीं है।

नाभि में तेल लगाने से पहले इन बातों का ध्यान रखें

तेल को नाभि के अंदर गहराई तक डालने के बजाय जरूरत हो तो साफ, सूखी बाहरी त्वचा पर थोड़ी मात्रा लगाएं।
नाभि में घाव, लालिमा, खुजली, दुर्गंध या स्राव हो तो तेल न डालें और डॉक्टर से सलाह लें।
सुगंधित तेल या आवश्यक तेल सीधे लगाने से जलन हो सकती है।
पेट दर्द, कब्ज, हार्मोन संबंधी समस्या या मासिक धर्म की परेशानी का इलाज नाभि में तेल डालकर न करें।

याद रखेंः नाभि में तेल लगाने का सबसे संभावित फायदा आसपास की त्वचा को नमी देना है। अलग-अलग तेलों से शरीर के अंदरूनी अंगों को विशेष लाभ मिलने के दावों के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।


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Content Writer

Vandana

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