मोमोज की लाल चटनी सेहत के लिए कितनी खतरनाक? रिसर्च में सामने आई चौंकाने वाली बात
punjabkesari.in Tuesday, Sep 08, 2026 - 12:31 PM (IST)
नारी डेस्क : अगर मोमोज आपके पसंदीदा स्ट्रीट फूड में शामिल हैं और आप इसके साथ मिलने वाली तीखी लाल चटनी खूब खाते हैं, तो आपको इसकी फूड सेफ्टी पर भी ध्यान देना चाहिए। खासकर सड़क किनारे लंबे समय तक खुले में रखी गई चटनी में माइक्रोबियल कंटैमिनेशन का खतरा हो सकता है। एक स्ट्रीट फूड रिसर्च में दिल्ली में बिकने वाले अलग-अलग खाद्य पदार्थों के सैंपल की माइक्रोबायोलॉजिकल क्वालिटी की जांच की गई थी। इसमें मोमोज और उनके साथ परोसी जाने वाली चटनी के सैंपल भी शामिल थे। रिपोर्ट में चटनी के कुछ सैंपल की फूड सेफ्टी को लेकर चिंता सामने आई।
रिसर्च में चटनी को लेकर क्या सामने आया?
रिसर्च में दिल्ली के स्ट्रीट फूड के अलग-अलग सैंपल की जांच की गई। इसमें 20 मोमोज सैंपल में से सिर्फ 9 सैंपल खाने के लिए स्वीकार्य पाए गए, जबकि जांच किए गए 20 चटनी सैंपल में से कोई भी स्वीकार्य माइक्रोबायोलॉजिकल क्वालिटी के मानकों पर खरा नहीं उतरा। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर जगह मिलने वाली लाल चटनी खराब या संक्रमित होती है। रिसर्च में जिन खास सैंपल की जांच की गई थी, उनमें माइक्रोबियल कंटैमिनेशन की समस्या सामने आई थी।

चटनी में E. coli और Staphylococcus का खतरा
अगर चटनी को साफ-सफाई का ध्यान रखे बिना तैयार किया जाए, लंबे समय तक खुले में रखा जाए या गलत तरीके से स्टोर किया जाए, तो उसमें हानिकारक सूक्ष्मजीवों की मौजूदगी का खतरा बढ़ सकता है। इनमें E. coli और Staphylococcus जैसे बैक्टीरिया शामिल हो सकते हैं। कुछ प्रकार के E. coli और Staphylococcus खाद्य जनित बीमारी का कारण बन सकते हैं और इनके कारण पेट दर्द, उल्टी या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सिर्फ चटनी का तीखा या स्वादिष्ट होना ही पर्याप्त नहीं है। उसकी ताजगी, साफ-सफाई और स्टोरेज भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
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लाल रंग और दूसरे एडिटिव्स का क्या?
कुछ जगहों पर चटनी को ज्यादा आकर्षक दिखाने के लिए फूड कलर का इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि हर लाल चटनी में आर्टिफिशियल कलर मिलाया जाता है। इसी तरह कुछ तैयार खाद्य पदार्थों में स्वाद या टेक्सचर बनाए रखने के लिए अलग-अलग फूड एडिटिव्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। किसी एडिटिव का इस्तेमाल अपने आप में यह साबित नहीं करता कि वह खतरनाक है। उसकी सुरक्षा इस्तेमाल की गई मात्रा और खाद्य सुरक्षा नियमों पर निर्भर करती है। इसलिए समस्या किसी एक सामग्री से ज्यादा गलत या असुरक्षित तरीके से तैयार और स्टोर किए गए भोजन की हो सकती है।

खुले में रखी चटनी से क्यों बचना चाहिए?
स्ट्रीट फूड की चटनी अक्सर लंबे समय तक कमरे के तापमान पर खुली रखी जा सकती है। इस दौरान धूल, गंदे हाथ, दूषित बर्तन या आसपास के वातावरण से उसमें बैक्टीरिया पहुंच सकते हैं। अगर चटनी को सही तापमान पर स्टोर नहीं किया गया है, तो कुछ बैक्टीरिया तेजी से बढ़ भी सकते हैं। यही वजह है कि बहुत देर से खुली पड़ी, संदिग्ध तरीके से रखी गई या साफ-सफाई को लेकर लापरवाही वाली जगह की चटनी खाने से बचना बेहतर है।
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क्या हर लाल चटनी से दूरी बना लेनी चाहिए?
नहीं। घर पर साफ-सफाई के साथ ताजी सामग्री से बनाई गई चटनी और कई घंटों तक खुले में रखी गई स्ट्रीट फूड की चटनी की फूड सेफ्टी एक जैसी नहीं होती। अगर आप मोमोज बाहर खा रहे हैं, तो सिर्फ चटनी के रंग या स्वाद को देखकर उसकी गुणवत्ता का अंदाजा न लगाएं। यह भी देखें कि चटनी ढकी हुई है या नहीं और उसे किस तरह स्टोर किया जा रहा है।

मोमोज के साथ चटनी खाते समय इन बातों का रखें ध्यान
कोशिश करें कि चटनी ताजी और साफ तरीके से तैयार की गई हो।
लंबे समय से खुली रखी चटनी खाने से बचें।
जिस दुकान पर बर्तन, पानी या फूड काउंटर की साफ-सफाई संतोषजनक न लगे, वहां खाने से बचना बेहतर है।
चटनी में असामान्य गंध, रंग, स्वाद या टेक्सचर नजर आए तो उसे न खाएं।
घर पर मोमोज बना रहे हैं तो चटनी भी ताजी सामग्री से तैयार करें और उसे सही तरीके से स्टोर करें।
खाने के बाद लगातार उल्टी, दस्त, पेट दर्द या बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।
नोट: मोमोज की लाल चटनी अपने आप में खतरनाक नहीं है। खतरा उसकी तैयारी, साफ-सफाई, सामग्री और स्टोरेज के तरीके से जुड़ा हो सकता है। कुछ स्ट्रीट फूड सैंपल की जांच में चटनी की माइक्रोबायोलॉजिकल क्वालिटी को लेकर चिंता सामने आई है, इसलिए बाहर मोमोज खाते समय चटनी की फूड सेफ्टी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

