5 साल पहले अचानक मिली थी सिद्धार्थ शुक्ला के निधन की खबर, आज भी उनकी ये बातें नहीं भूले फैंस

punjabkesari.in Wednesday, Sep 02, 2026 - 02:43 PM (IST)

नारी डेस्क:  2 सितंबर 2021 को एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला के अचानक निधन की खबर ने उनके फैंस के दिलों में भावनाओं का सैलाब ला दिया। 40 साल की उम्र में गुज़रे सिद्धार्थ को आखिरी पलों में हार्ट अटैक आया था। इसके बाद उनके चाहने वालों और इंडस्ट्री के साथियों की तरफ से प्यार और दुख का इज़हार हुआ। ज़्यादातर लोग तो यकीन ही नहीं कर पा रहे थे कि सिद्धार्थ अब उनके बीच नहीं रहे। 5 साल बीतने के बाद भी फैंस उन्हें आज भी उतना याद करते हैं।  आज पांचवी पुण्यतिथि पर उनकी यादों को ताज़ा करते हैं और उन खास बातों या सीखों को याद करते हैं जो सिद्धार्थ ने समय-समय पर शेयर की थीं

PunjabKesari
खेल की भावना के बारे में

सिद्धार्थ ने माना कि आखिर में हर कोई जीतने के लिए ही खेलता है  चाहे वह कोई टास्क हो, खेल हो या ज़िंदगी लेकिन आप कैसे खेलते हैं, यह बहुत ज़रूरी है क्योंकि इसी से तय होता है कि आपको सम्मान मिलेगा या आप उसे खो देंगे। एक पब्लिक फिगर होने के नाते, दूसरों की राय से प्रभावित होना आम बात है। लेकिन सिद्धार्थ के मामले में ऐसा नहीं था। वे हमेशा खुद को वैसा ही दिखाने में यकीन रखते थे जैसे वे असल में हैं न कि दूसरों के कहने पर चलने में। उन्होंने कहा था- "दूसरों की पसंद का वर्शन न बनें, बल्कि खुद का वर्शन बनें।"


'आदर्श महिला' का भ्रम

कुछ साल पहले, एक इंटरव्यू में जब सिद्धार्थ से उनकी 'आदर्श महिला' के बारे में बताने को कहा गया, तो उन्होंने इस सोच को ही सिरे से खारिज कर दिया। इस बात पर ज़ोर देते हुए कि 'आदर्श' पैमाने रखने से इंसान की सोच संकुचित हो जाती है, उन्होंने कहा- "मुझे नहीं लगता कि अपनी आदर्श महिला कैसी होनी चाहिए, इसके लिए ऊंचे पैमाने तय करने का कोई मतलब है। यह तो मुसीबत को न्योता देने जैसा है। इससे इंसान की सोच संकुचित हो जाती है और वह अलग-अलग तरह के लोगों से मिलने के लिए तैयार नहीं रहता।"

PunjabKesari
अपनी मां के लिए अटूट प्यार

सिद्धार्थ का अपनी मां के साथ गहरा रिश्ता सभी को पता था। बिग बॉस जीतने के बाद 'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' को दिए एक इंटरव्यू में, एक्टर ने बताया था कि उनकी मां रीटा ही वो अकेली महिला थीं जिनके सामने उनका दिल पिघल जाता था। उन्होंने कहा- "लोग मुझे एक सख्त मिज़ाज वाले इंसान के तौर पर जानते हैं। लेकिन अपनी मां के सामने मेरा दिल हमेशा पिघल जाता है। मेरे जन्म के समय से ही, वह मेरी ज़िंदगी में सबसे अहम इंसान रही हैं।"


सिद्धार्थ शुक्ला के अंदाज़ में सफलता

इसमें कोई शक नहीं कि सिद्धार्थ टेलीविजन इंडस्ट्री के सबसे बड़े नामों में से एक थे। अपनी पर्सनैलिटी को निखारने के लिए उन्होंने जो सोच अपनाई, उसी से साफ़ पता चलता है कि वे इस मुकाम तक कैसे पहुंचे। महत्वाकांक्षी होना एक अच्छी खूबी है, लेकिन सिद्धार्थ को पता था कि सीमा कहाँ तय करनी है। बेतहाशा महत्वाकांक्षा से सिर्फ़ लगातार असंतोष ही मिलता है और अभिनेता को यह बात अच्छी तरह पता थी।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

vasudha

Related News

static