लालबागचा राजा समेत मुंबई के इन 5 गणपति पंडालों में दिखी आस्था और भव्यता की झलक

punjabkesari.in Monday, Sep 14, 2026 - 04:53 PM (IST)

नारी डेस्क: गणेश चतुर्थी के साथ ही मुंबई एक बार फिर गणपति बप्पा की भक्ति में डूब गई है। 14 सितंबर से शुरू हुआ गणेश उत्सव 25 सितंबर यानी अनंत चतुर्दशी तक चलेगा। इन 10 दिनों में मुंबई की गलियां गणपति पंडालों, रोशनी और भक्तों की भीड़ से गुलजार रहती हैं। शहर के बड़े-बड़े पंडाल हर साल अपनी अलग थीम और भव्य सजावट के लिए चर्चा में रहते हैं। इस बार कहीं भगवान शिव की झलक दिखाई दे रही है तो कहीं अयोध्या के राम मंदिर और महाराष्ट्र की वारकरी परंपरा को खूबसूरती से दिखाया गया है। आइए जानते हैं मुंबई के उन 5 मशहूर गणपति पंडालों के बारे में, जहां इस बार का नजारा देखने लायक है।

लालबागचा राजा

मुंबई के सबसे लोकप्रिय गणपति पंडालों की बात हो और लालबागचा राजा का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। हर साल यहां बप्पा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार लालबागचा राजा के दरबार और पंडाल की सजावट भगवान शिव की थीम पर की गई है। पंडाल के एंट्री गेट से लेकर मुख्य मंडप तक भगवान शिव से जुड़े प्रतीकों और सजावट को जगह दी गई है। गणेश चतुर्थी से शुरू हुआ यह उत्सव 25 सितंबर तक चलेगा। बप्पा के दर्शन के साथ इस बार श्रद्धालुओं को पंडाल में शिव थीम की भव्य झलक भी देखने को मिल रही है।

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जीएसबी सेवा मंडल

किंग सर्कल का जीएसबी सेवा मंडल मुंबई के सबसे चर्चित गणपति पंडालों में शामिल है। इस साल मंडल अपना 72वां गणेश उत्सव मना रहा है। इसे देश के सबसे महंगे गणपति पंडालों में गिना जाता है। इसकी सुरक्षा के लिए इस बार 703 करोड़ रुपये का बीमा कराया गया है। जीएसबी सेवा मंडल की सबसे खास बात यहां की गणपति प्रतिमा है। बप्पा को हर साल सोने और चांदी के आभूषणों से सजाया जाता है। इस बार गणेश जी की प्रतिमा को करीब 66 किलो सोने और 335 किलो चांदी से सजाया गया है। यही वजह है कि यहां का गणपति पंडाल हर साल लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना रहता है।

मुंबईचा राजा

मुंबई के मशहूर गणपति पंडालों में शामिल मुंबईचा राजा में इस बार महाराष्ट्र की पुरानी और समृद्ध वारकरी परंपरा को थीम बनाया गया है। यहां करीब 22 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा के साथ पंढरपुर की वारी, संत परंपरा, अभंग और वारकरियों की भक्ति को सजावट के जरिए दिखाया गया है। पूरे पंडाल में महाराष्ट्र की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलती है। श्रद्धालुओं के लिए यह सिर्फ गणपति दर्शन का स्थान नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की भक्ति परंपरा को करीब से देखने का मौका भी बन गया है।

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खेतवाड़ीचा गणराज

मुंबई का खेतवाड़ीचा गणराज अपनी विशाल गणेश प्रतिमा और शानदार सजावट के लिए काफी मशहूर है। हर साल की तरह इस बार भी यहां की भव्यता श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रही है। खेतवाड़ी की अलग-अलग गलियों में धार्मिक और सांस्कृतिक थीम पर सजावट की गई है। इन गलियों में भगवान विठ्ठल, नरसिंह और हनुमानजी से जुड़ी खूबसूरत झलकियां देखने को मिल रही हैं। हालांकि, खेतवाड़ी की 12वीं लेन में विराजमान खेतवाड़ीचा गणराज सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां भक्ति के साथ कला और महाराष्ट्र की धार्मिक परंपराओं का सुंदर मेल देखने को मिल रहा है।

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अंधेरीचा राजा

पश्चिम मुंबई के मशहूर गणपति पंडाल अंधेरीचा राजा को 'नवसाचा राजा' के नाम से भी जाना जाता है। इस बार पंडाल की थीम अयोध्या के भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर पर आधारित है। पंडाल को राम मंदिर की वास्तुकला और भव्यता की झलक देने वाले अंदाज में सजाया गया है। यहां मंदिर के स्तंभ, शिखर, मंडप और नक्काशीदार सजावट देखने को मिलती है। पंडाल में पहुंचने पर श्रद्धालुओं को अयोध्या के राम मंदिर जैसा एहसास कराने की कोशिश की गई है।

गणेश उत्सव के इन 10 दिनों में मुंबई के ये पंडाल श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बने हुए हैं। अलग-अलग थीम, भव्य सजावट और सालों पुरानी परंपराओं के कारण इन पंडालों में गणपति दर्शन का अनुभव हर साल कुछ अलग नजर आता है।
 

 


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Content Editor

Priya Yadav

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