नाखूनों की दी ये Warning अनदेखा ना करें, सेहत के लिए खतरे की घंटी!
punjabkesari.in Thursday, Sep 03, 2026 - 07:53 PM (IST)
नारी डेस्कः हाथ-पैरों की खूबसूरती में नाखूनों की अहम भूमिका होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नाखून सिर्फ सुंदरता ही नहीं, बल्कि आपकी सेहत से जुड़ी कई अहम बातें भी बता सकते हैं। नाखूनों के रंग, मोटाई, आकार, मजबूती और बनावट में अचानक या लगातार बदलाव कई बार शरीर में चल रही किसी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं। हालांकि हर बदलाव किसी बीमारी का पक्का संकेत नहीं होता, फिर भी लंबे समय तक बने रहने वाले असामान्य बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पीले, सफेद, नीले या असामान्य रूप से मोटे नाखूनों से लेकर काली धारियों तक, कुछ संकेत ऐसे हैं जिन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं नाखूनों में होने वाले किन बदलावों को लेकर सतर्क रहना चाहिए।
1. पीले नाखून (Yellow Nails)
नाखूनों का पीला पड़ना कई सामान्य कारणों से भी हो सकता है। लगातार नेल पेंट लगाने, नेल एक्सटेंशन या नेल आर्ट कराने से भी नाखूनों का रंग बदल सकता है। वहीं, अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के नाखून लंबे समय तक पीले बने रहें और साथ ही मोटे या धीरे-धीरे बढ़ने लगें, तो फंगल इंफेक्शन इसकी एक वजह हो सकता है। कुछ मामलों में लगातार पीले और मोटे नाखून Yellow Nail Syndrome से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसमें फेफड़ों या शरीर में सूजन से संबंधित समस्याएं देखी जा सकती हैं। इसलिए लंबे समय तक नाखूनों का रंग और बनावट बदली रहे तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
2. सफेद नाखून या सफेद धब्बे (White Nails or Spots)
नाखूनों पर छोटे सफेद धब्बे अक्सर मामूली चोट या नाखून को हुए नुकसान के कारण दिखाई दे सकते हैं और धीरे-धीरे नाखून बढ़ने के साथ आगे निकल जाते हैं। हालांकि पूरे नाखून का असामान्य रूप से सफेद पड़ना या सफेद धारियां दिखाई देना कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है।
लिवर की बीमारी, कुछ पोषण संबंधी कमियां, फंगल इंफेक्शन या कुछ दवाओं के प्रभाव में भी नाखूनों में बदलाव दिखाई दे सकते हैं। सफेद धारियों को कभी-कभी Mees' Lines कहा जाता है, जो कुछ गंभीर स्थितियों या शरीर पर विषैले पदार्थों के प्रभाव के बाद दिखाई दे सकती हैं। ऐसे बदलाव लगातार बने रहें तो मेडिकल जांच जरूरी है।

3. नीले या बैंगनी नाखून (Bluish or Purple Nails)
अगर नाखूनों का रंग नीला या बैंगनी दिखाई देने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ठंड के कारण कुछ समय के लिए नाखूनों का रंग नीला पड़ सकता है और शरीर गर्म होने पर सामान्य भी हो सकता है लेकिन अगर नाखून लगातार नीले बने रहें और इसके साथ सांस फूलना, कमजोरी, चक्कर या होंठों का रंग भी नीला पड़ना जैसे लक्षण हों, तो शरीर में ऑक्सीजन की कमी या हृदय और फेफड़ों से जुड़ी समस्या की जांच जरूरी हो सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
4. नाखूनों का असामान्य रूप से उभरना या मोटा होना (Clubbing Nails)
अगर नाखून और उंगली का सिरा धीरे-धीरे सामान्य आकार से अलग होकर उभरने लगे और नाखून अधिक घुमावदार दिखाई दें, तो इसे Nail Clubbing कहा जाता है। यह हमेशा किसी गंभीर बीमारी के कारण नहीं होता, लेकिन कुछ मामलों में यह लंबे समय से चली आ रही फेफड़ों या हृदय संबंधी बीमारियों से जुड़ा हो सकता है इसलिए अगर नाखूनों का आकार धीरे-धीरे बदल रहा है, उंगलियों के सिरे मोटे लगने लगे हैं या नाखून असामान्य रूप से घुमावदार हो रहे हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
5. रूखे और चमकविहीन नाखून (Dry and Brittle Nails)
नाखूनों का रूखा, कमजोर या आसानी से टूटना कई कारणों से हो सकता है। बार-बार पानी में हाथ डालना, साबुन और केमिकल का अधिक इस्तेमाल, नेल पॉलिश रिमूवर या नाखूनों की ठीक से देखभाल न करना भी इसकी वजह बन सकता है। इसके अलावा आयरन की कमी, थायरॉइड से जुड़ी समस्या या शरीर में पोषण की कमी जैसी स्थितियों में भी नाखून कमजोर हो सकते हैं। अगर नाखून लंबे समय तक रूखे और कमजोर बने रहें, तो सिर्फ ब्यूटी प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने के बजाय इसके कारण की जांच कराना बेहतर है।
6. चम्मच जैसे नाखून (Spoon-shaped Nails / Koilonychia)
जब नाखून सामान्य रूप से बाहर की ओर उभरे होने के बजाय बीच से अंदर की तरफ धंसने लगें और उनका आकार चम्मच जैसा दिखाई दे, तो इसे Koilonychia कहा जाता है। इस तरह के नाखून खासतौर पर आयरन की कमी और आयरन-डिफिशिएंसी एनीमिया से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि इसके पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं। यदि नाखूनों का आकार लगातार बदल रहा है, साथ ही थकान, कमजोरी या चक्कर जैसे लक्षण भी हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेकर आवश्यक जांच कराना उचित है।
7. काली या भूरी धारियां और धब्बे (Dark Lines or Patches)
नाखून पर काली या भूरी लाइन चोट, खून जमा होने या अन्य सामान्य कारणों से भी हो सकती है। लेकिन अगर बिना किसी चोट के नाखून पर नई काली या भूरी सीधी पट्टी दिखाई दे और वह समय के साथ चौड़ी होती जाए या रंग नाखून के आसपास की त्वचा तक फैलने लगे, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। दुर्लभ मामलों में ऐसी पिगमेंटेड लाइन Melanoma, यानी एक प्रकार के त्वचा कैंसर, से जुड़ी हो सकती है। इसलिए बिना चोट के दिखाई देने वाली नई या बदलती हुई काली लाइन की त्वचा रोग विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।
8. नाखूनों का बार-बार टूटना (Brittle or Weak Nails)
अगर नाखून बार-बार टूट जाते हैं या उनमें परतें निकलने लगती हैं, तो इसके पीछे सिर्फ कैल्शियम की कमी ही जिम्मेदार नहीं होती। लगातार पानी और केमिकल के संपर्क में रहने, नेल पॉलिश या रिमूवर के ज्यादा इस्तेमाल से भी नाखून कमजोर हो सकते हैं। इसके अलावा आयरन की कमी, थायरॉइड की समस्या, पोषण की कमी और कुछ त्वचा संबंधी स्थितियां भी नाखूनों की मजबूती को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए लगातार समस्या रहने पर डॉक्टर से कारण की जांच करवाना बेहतर है।
9. नाखूनों की ऐसे करें देखभाल
नाखूनों में बदलाव को समय रहते पहचानने के लिए उनकी नियमित देखभाल के साथ-साथ उन पर नजर रखना भी जरूरी है।
सप्ताह में एक बार नाखूनों का रंग और बनावट जरूर देखें।
नाखूनों में अचानक आए बदलाव को नजरअंदाज न करें।
हाथों को साफ रखने के साथ नाखूनों को लंबे समय तक पानी में भिगोने से बचें।
सफाई करते समय जरूरत हो तो ग्लव्स का इस्तेमाल करें।
संतुलित डाइट लें, जिसमें पर्याप्त प्रोटीन, आयरन, जिंक, विटामिन B12 और अन्य पोषक तत्व शामिल हों।
बिना डॉक्टर की सलाह के किसी विटामिन या सप्लीमेंट की हाई डोज न लें।
नाखूनों में लगातार बदलाव, दर्द, सूजन या रंग में असामान्य परिवर्तन हो तो डॉक्टर से सलाह लें।
ध्यान रखेंः नाखूनों में बदलाव शरीर की किसी समस्या का संकेत हो सकता है, लेकिन केवल नाखून देखकर किसी बीमारी का पक्का निदान नहीं किया जा सकता। कई बार नाखूनों में बदलाव चोट, नेल पेंट, फंगल इंफेक्शन या रोजमर्रा की आदतों के कारण भी होता है। इसलिए अगर कोई असामान्य बदलाव लंबे समय तक बना रहे, तेजी से बढ़े या उसके साथ दूसरे लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर से जांच करवाना सबसे सही कदम है।

