क्या किसी का भी खिसक सकता है कंधा? कभी भी घर पर ना करें हड्डी के हिलने का इलाज

punjabkesari.in Monday, Feb 09, 2026 - 07:02 PM (IST)

नारी डेस्क:  अगर कंधा खिसक जाए (Shoulder Dislocation) तो उसका दर्द वाकई असहनीय हो सकता है। कंधा शरीर का सबसे ज़्यादा मूव करने वाला जोड़ है, इसलिए यह जल्दी खिसक भी जाता है। एक बार कंधे की हड्डी खिसक जाने के बाद, दोबारा हड्डी खिसकने का खतरा बहुत अधिक होता है। कंधे की हड्डी खिसकने की घटना जितनी कम उम्र में होती है, दोबारा हड्डी खिसकने का खतरा उतना ही अधिक होता है।
 

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कंधा खिसकने का  कारण

गिरना या चोट लगना: हाथ के बल गिरना, सीढ़ियों से फिसलना, सड़क हादसा।

खेल के दौरान चोट: क्रिकेट, कबड्डी, कुश्ती, बैडमिंटन, वेटलिफ्टिंग जैसे खेल में चोट लगने का खतरा ज्यादा होता है ।

अचानक झटका या मरोड़: हाथ को ज़ोर से खींचना, भारी सामान उठाने से भी कंधे पर जोर पड़ता है।

पुरानी चोट या कमजोरी: एक बार कंधा खिसक जाए तो दोबारा खिसकने का खतरा बढ़ जाता है।

जोड़ों की ढीलापन (Hypermobility): कुछ लोगों में लिगामेंट्स ढीले होते हैं, जिस कारण कंधे खिसकने का खत्रा बना रहता है। 

पहले भी कंधा खिसक चुका हो: एक बार कंधा खिसकने के बाद वह बार-बार खिसकने की आशंका बढ़ जाती है।


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कंधा खिसकने के लक्षण

-तेज़ और असहनीय दर्द

-हाथ हिलाने में असमर्थता

-कंधे का आकार बिगड़ा हुआ दिखना

-सूजन, सुन्नपन या झनझनाहट

-हाथ लटका हुआ महसूस होना


कंधा खिसक जाए तो क्या करें?

 खुद से कंधा बैठाने की कोशिश न करें, यह नसों और हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकता है। तुरंत डॉक्टर को दिखाएं वह एक्स-रे के बाद सही तरीके से कंधा बैठाते हैं। दर्द और सूजन कम करने की दवाएं दी जाती हैं। कुछ समय के लिए स्लिंग या पट्टी लगाई जाती है


इन लोगों को ज्यादा खतरा

खिलाड़ी (Sports Person), 8–30 साल के युवा, जिनका  जिनका पहले कंधा खिसक चुका हो, जोड़ों में ढीलापन वाले लोग, भारी काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरुरत होती है। इससे बचने के लिए कंधे की एक्सरसाइज़ और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते रहें। अचानक झटकों से बचें, भारी वजन उठाते समय सही तकनीक अपनाएं। अगर कंधा बार-बार खिसकता है और इलाज नहीं कराया गया, तो भविष्य में स्थायी कमजोरी और दर्द हो सकता है। सही समय पर इलाज और फिजियोथेरेपी से कंधा फिर से मजबूत बन सकता है।


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Content Writer

vasudha

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