इन 5 गलत आदतों से बढ़ता है ब्लड कैंसर का खतरा, जानें बचाव के तरीके
punjabkesari.in Thursday, Feb 26, 2026 - 11:56 AM (IST)
नारी डेस्क : कैंसर का नाम सुनते ही मन में डर बैठ जाता है। आज के समय में ब्लड कैंसर (Blood Cancer) एक गंभीर और तेजी से बढ़ती बीमारी बनता जा रहा है। यह बीमारी खून बनाने वाली कोशिकाओं को प्रभावित करती है, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। हालांकि ब्लड कैंसर के पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन कुछ गलत आदतों और जोखिम कारकों से बचकर इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
ब्लड कैंसर क्या होता है?
ब्लड कैंसर वह स्थिति है, जिसमें बोन मैरो में बनने वाली रक्त कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं। ये खराब कोशिकाएं धीरे-धीरे स्वस्थ कोशिकाओं की जगह ले लेती हैं, जिससे शरीर संक्रमण से लड़ने में कमजोर हो जाता है।
ब्लड कैंसर मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है।
ल्यूकेमिया (Leukemia)
लिम्फोमा (Lymphoma)
मायलोमा (Myeloma)।

ब्लड कैंसर के सामान्य लक्षण
लगातार थकान महसूस होना
बार-बार बुखार या संक्रमण
अचानक वजन कम होना
शरीर पर आसानी से चोट या खून बहना
गर्दन, बगल या जांघ में लिम्फ नोड्स का सूजना।
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ब्लड कैंसर होने के प्रमुख कारण
कमजोर इम्यून सिस्टम
आनुवंशिक (जेनेटिक) बदलाव
अधिक रेडिएशन का संपर्क
हानिकारक केमिकल्स के संपर्क में आना
पहले किसी अन्य कैंसर का इलाज (कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी)।

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ब्लड कैंसर से बचाव के लिए इन 5 चीजों से करें परहेज
धूम्रपान और तंबाकू: तंबाकू में मौजूद जहरीले तत्व कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं।
प्रोसेस्ड और जंक फूड: ज्यादा प्रोसेस्ड फूड शरीर में सूजन बढ़ाता है और इम्यूनिटी कमजोर करता है, जिससे कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है।
केमिकल्स का संपर्क: पेंट, पेट्रोलियम और इंडस्ट्रियल केमिकल्स के संपर्क में काम करने वालों को खास सावधानी बरतनी चाहिए।
ज्यादा रेडिएशन: बार-बार एक्स-रे या अनावश्यक रेडिएशन टेस्ट कराने से बचना चाहिए।
अनहेल्दी लाइफस्टाइल: कम नींद, ज्यादा तनाव, शारीरिक गतिविधि की कमी और मोटापा भी ब्लड कैंसर के खतरे को बढ़ा सकते हैं।

ब्लड कैंसर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन सही समय पर सावधानी और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसके जोखिम को कम किया जा सकता है। अगर लंबे समय तक कोई लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। समय पर जांच और जागरूकता ही इस बीमारी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।

