भारतीयों के Kidney और Heart फेल होने के बड़े कारण, अनदेखी जान पर भारी
punjabkesari.in Friday, Jan 02, 2026 - 07:48 PM (IST)
नारी डेस्कः भारत में हार्ट अटैक और किडनी फेल होने के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। बदलती जीवनशैली, अस्वस्थ खान-पान, लंबे समय तक शारीरिक निष्क्रियता, बढ़ता तनाव, और ब्लड प्रेशर या डायबिटीज जैसी बीमारियाँ इसके मुख्य कारण बन रही हैं। धूम्रपान, शराब का सेवन और पानी की कमी जैसी आदतें भी हृदय और किडनी पर दबाव डालती हैं। अक्सर लोग शुरुआती लक्षणों की अनदेखी कर देते हैं, जिससे छोटी समस्याएँ समय के साथ गंभीर स्वास्थ्य संकट में बदल जाती हैं। इसलिए जागरूकता, सही जीवनशैली और नियमित स्वास्थ्य जांच इन गंभीर बीमारियों से बचाव में बेहद महत्वपूर्ण हैं।
हार्ट अटैक के कारण
अनियमित और अस्वस्थ भोजन
तली‑भुनी चीज़ें, फास्ट फूड, जंक फूड और अधिक तेल‑मसाले का सेवन।
शुगर और मैदा से भरपूर डाइट, जो रक्त में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ाता है।
बहुत ज्यादा स्ट्रेस
काम का दबाव, घरेलू समस्याएँ और मानसिक तनाव दिल की धड़कन पर असर डालते हैं।
लंबे समय तक तनाव रहने से हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ता है।
शारीरिक निष्क्रियता
रोज़ाना व्यायाम न करना, लंबे समय तक बैठना।
मांसपेशियों और हृदय की ताकत कमजोर होती है।
धूम्रपान और शराब
धूम्रपान धमनियों को नुकसान पहुँचाता है।
शराब का अत्यधिक सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ाता है।
ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़
हाई ब्लड प्रेशर और शुगर की समस्या दिल पर दबाव डालती है।
भारतीयों में ये समस्याएँ बहुत आम हैं।
किडनी फेल होने के कारण
ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़
डायबिटीज़ (मधुमेह) और हाई ब्लड प्रेशर किडनी की नली और फिल्टर को नुकसान पहुँचाते हैं।
अस्वस्थ खान-पान
अधिक नमक, प्रोसेस्ड फूड और पेट्रोलियम उत्पाद किडनी को कमजोर करते हैं।
पानी की कमी
कम पानी पीना किडनी स्टोन और संक्रमण का कारण बन सकता है।
दवाओं का गलत इस्तेमाल
पेनकिलर और कुछ एंटीबायोटिक दवाओं का लंबे समय तक सेवन।
अनुवांशिक कारण
परिवार में डायबिटीज़, ब्लड प्रेशर या किडनी की समस्या होना जोखिम बढ़ाता है।
हार्ट अटैक से बचाव
संतुलित और हेल्दी डाइट
तली‑भुनी चीज़ें, जंक फूड और ज्यादा तेल/मसाले से बचें।
हरी सब्ज़ियाँ, फल, ओट्स, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त भोजन लें।
नियमित व्यायाम
रोजाना कम से कम 30 मिनट चलना, योग या हल्का व्यायाम करें।
इससे हृदय मजबूत होता है और ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है।
ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल
नियमित जांच कराएँ और डॉक्टर की सलाह से दवाइयाँ लें।
नमक और मीठा कम करें।
तनाव कम करें
ध्यान (Meditation), गहरी साँस लेना और पर्याप्त नींद लें।
धूम्रपान और शराब से दूरी
ये दोनों सीधे हृदय को नुकसान पहुंचाते हैं।
किडनी फेल होने से बचाव
पर्याप्त पानी पिएं।
रोजाना 2–3 लीटर पानी पिएं, ताकि किडनी स्वस्थ रहे।
नमक और प्रोसेस्ड फूड कम करें।
अधिक नमक और जंक फूड किडनी पर दबाव डालता है।
ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल।
डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें।
दवाओं का सही इस्तेमाल
पेनकिलर और एंटीबायोटिक दवाओं का लंबे समय तक बिना डॉक्टर की सलाह से इस्तेमाल न करें।
हर 6–12 महीने में ब्लड और यूरिन टेस्ट कराएँ।

