कम रोशनी में फोन यूज करने की आदत, बना सकती है आंखों को इन बीमारियों का शिकार

punjabkesari.in Monday, Feb 23, 2026 - 05:42 PM (IST)

नारी डेस्क:  आजकल बच्चे और बड़े अक्सर मोबाइल, लैपटॉप या किताबें कम रोशनी में पढ़ते हैं। हाल ही में SUNY College of Optometry के वैज्ञानिकों ने रिसर्च की है, जिसमें पता चला कि कम रोशनी में लगातार स्क्रीन देखने या पढ़ने से मायोपिया यानी नज़दीक की चीज़ें साफ न दिखने की समस्या बढ़ सकती है।

मायोपिया क्या है?

मायोपिया आंखों की एक सामान्य बीमारी है, जिसमें व्यक्ति दूर की चीजें ठीक से नहीं देख पाता। इसे “नीयरसाइटेडनेस” भी कहा जाता है। पहले माना जाता था कि ज्यादा स्क्रीन टाइम ही इसका मुख्य कारण है, लेकिन नई रिसर्च में सामने आया कि कम रोशनी में काम करना भी मायोपिया का बड़ा कारण हो सकता है। सैन्य विश्वविद्यालय (SUNY College of Optometry) की स्टडी में बताया गया कि जब कोई व्यक्ति कम रोशनी में फोन, लैपटॉप या किताब पढ़ता है, तो आंखों की रेटिना को पर्याप्त रोशनी नहीं मिलती। इससे आंखों पर प्रेशर बढ़ता है और मायोपिया का खतरा बढ़ता है। रिसर्च के अनुसार, यह बीमारी दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है।

बच्चे की सेहत की दुश्मन बनी ये Reels, एक्सपर्ट ने Parents को चेताया- सावधान हो जाओ, वरना...

वैश्विक आंकड़े

अमेरिका और यूरोप में लगभग 50% युवा मायोपिया से प्रभावित हैं। पूर्वी एशिया के कुछ देशों में यह आंकड़ा 90% तक पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब लाइफस्टाइल, गलत खानपान और पर्याप्त रोशनी न होना इस बीमारी के बढ़ने के मुख्य कारण हैं।

ये भी पढ़ें: डॉक्टरों की चेतावनी! ये 5 दवाइयां खाने से पहले सोचो, Brain पर डाल रही बुरा असर

मायोपिया के आम लक्षण

दूर की चीजें धुंधली दिखना

बार-बार सिरदर्द होना

आंखों में दर्द या थकान

कभी-कभी चीजें धुंधली या डबल दिखना

PunjabKesari

बचाव के उपाय

20-20-20 नियम: हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए दूर देखें। पढ़ाई या स्क्रीन का उपयोग हमेशा अच्छी रोशनी में करें। रोजाना कम से कम आधा घंटा एक्सरसाइज करें। मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन और आंखों के बीच उचित दूरी रखें। कम रोशनी में लंबे समय तक फोन या लैपटॉप का इस्तेमाल आपके आंखों के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए अपनी और अपने बच्चों की आंखों की सुरक्षा के लिए इन सावधानियों का पालन करना बेहद जरूरी है।  


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Priya Yadav

Related News

static