1 साल 7 महीने की दुआ, मां दीपिका फिर प्रेग्नेंट, क्या इतना Age Gap सही? एक्सपर्ट से जानें
punjabkesari.in Friday, Apr 24, 2026 - 04:52 PM (IST)
नारी डेस्क: बॉलीवुड की मशहूर Actress Deepika Padukone दूसरी बार मां बनने वाली है। दीपिका ने सोशल मीडिया के जरिए इस बात की जानकारी अपने फैंस को दी तो फैंस ने बधाईंयों का तांता लगा दिया। दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की पहले एक बेटी, दुआ (Dua) है। दुआ अभी 1 साल से अधिक की है। उनका जन्म 8 सितंबर, 2024 को हुआ था। इसी बीच Actress फिर मां बनने वाली है। अब यहां सवाल ये है कि क्या दोनों बच्चों में इतना गैप होना सही है। मां और बच्चे की सेहत पर इसका क्या असर होगा? अगर आप भी दूसरी बार मां बनने वाली है या मां बनने का सोच रही है तो आज हम आपको बताएंगे कि इस बारे में डॉक्टर का क्या कहना है।

बता दें कि एक से अधिक बच्चों की प्लानिंग करना धैर्य, समझदारी और सही फैसलों की मांग करता है। हर परिवार के लिए बच्चों के बीच गैप अलग हो सकता है, लेकिन सही जानकारी के आधार पर निर्णय लेना बेहद जरूरी है। बच्चों के जन्म के बीच सही अंतर रखना मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक बच्चे के जन्म के बाद दूसरे बच्चे की योजना बनाने से पहले कम से कम 2 से 3 साल का गैप होना चाहिए। इससे मां का शरीर पूरी तरह रिकवर हो पाता है और पहले बच्चे को भी सही देखभाल और समय मिल पाता है।

रिसर्च के अनुसार बच्चों में कितना होना चाहिए गैप
2018 की एक स्टडी के अनुसार, अगर डिलीवरी के बाद 12 महीने से कम समय में दोबारा प्रेग्नेंसी हो जाती है, तो इससे मां और बच्चे दोनों के लिए जोखिम बढ़ सकता है। इसमें बीमारी, समय से पहले जन्म (प्रिमेच्योर डिलीवरी) और कुछ गंभीर समस्याओं का खतरा शामिल है।
सही गैप कितना होना चाहिए?
एक्सपर्ट के मुताबिक, बच्चे के जन्म के बाद कम से कम 18 महीने का अंतर रखना बेहतर माना जाता है। वहीं 12 से 24 महीने के बीच का समय सुरक्षित रेंज माना जाता है। बच्चों के जन्म के बीच सही अंतर रखना मां और बच्चे दोनों की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार 2 से 3 साल का गैप सबसे बेहतर माना जाता है। अगर यह अंतर सही रखा जाए, तो मां का शरीर पूरी तरह से रिकवर हो पाता है और बच्चों का विकास भी बेहतर होता है।

मां की सेहत पर असर
कम गैप होने पर मां में कमजोरी, खून की कमी और थकान बढ़ सकती है। इससे बच्चे और मां दोनों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। वहीं, अगर सही अंतर हो तो मां के शरीर को पोषण वापस पाने और मानसिक रूप से मजबूत होने का समय मिलता है।
बच्चों की सेहत पर असर
कम अंतर में जन्मे बच्चों में कम वजन, कमजोर इम्यूनिटी और विकास में देरी का खतरा बढ़ जाता है। सही गैप होने पर बच्चे को पूरा ध्यान, पोषण और देखभाल मिलती है, जिससे उसका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है।

