सावधान! मिट्टी वाली सरसों के बाद अब 'सीमेंट वाला जीरा', ब्रांड के पैकेट में हो रहा सप्लाई
punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 12:37 PM (IST)
नारी डेस्क: मिलावटखोरों ने अब हदें पार कर दी हैं। पहले सागर में मिट्टी मिली सरसों का मामला सामने आया था, अब ग्वालियर में जीरे में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक कोल्ड स्टोरेज से 46 बोरियां नकली जीरे बरामद की गई हैं। जांच में पता चला है कि यह नकली मसाला बड़े पैमाने पर ब्रांडेड पैकेट्स में भरकर बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। यह सिर्फ मिलावट नहीं, बल्कि हमारी रसोई और स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। ऐसे नकली मसाले आसानी से बाजार में मिल सकते हैं, इसलिए हर घर में सतर्कता जरूरी है।
नकली जीरा कैसे बन रहा था?
शुरुआती जांच में पता चला कि सौंफ या अन्य सस्ते बीजों पर सीमेंट और केमिकल की परत चढ़ाकर उन्हें असली जीरे जैसा दिखाया जा रहा था। इसके लिए दानों का रंग, बनावट और आकार बदल दिया जाता था ताकि आम ग्राहक नकली और असली में फर्क न कर सके। इसके बाद इन दानों को ब्रांडेड पैकेट्स में भरकर बाजार में बेचा जाता था। पैकेजिंग इतनी मिलती-जुलती थी कि ग्राहक आसानी से असली और नकली का अंतर नहीं समझ पाते।
मध्य प्रदेश में मिलावटखोरों ने सीमेंट और केमिकल लगी सौंफ को जीरे की तरह दिखाकर ब्रांडेड पैकेट्स में बाजार में बेचने का मामला पकड़ा गया है। यह नकली मसाला स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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पुलिस को मिली थी सूचना
इस फर्जी मसाले की सूचना उसी कंपनी के असली मालिक ने पुलिस को दी थी, जिनका मुख्यालय गुजरात में है। उन्होंने बताया कि ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में एक कोल्ड स्टोरेज में बड़े पैमाने पर मिलावटी मसाला तैयार करके बाजार में सप्लाई किया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने तुरंत छापा मारा और संदिग्ध बोरियों की जांच की।
छापे में क्या-क्या मिला?
पुलिस को गोदाम में 46 बोरियां नकली जीरे की, खाली ब्रांडेड पैकेट्स, सीलिंग मशीन और पैकिंग का पूरा सामान मिला। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि नकली मसाले की पैकिंग वहीं की जा रही थी। अधिकारी बता रहे हैं कि इस मिलावट में इस्तेमाल होने वाले सीमेंट और केमिकल स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं। बरामद सभी 46 बोरियों को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जांच के लिए भेज दिया है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि यह नकली मसाला कितने समय से बाजार में सप्लाई हो रहा था और किन-किन इलाकों में पहुंचा। जांच में सप्लाई चैन में शामिल अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
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स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, सीमेंट और केमिकल लगी सौंफ से बने नकली जीरे का सेवन करने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसमें एलर्जी, पेट की बीमारी, लीवर और किडनी पर असर जैसी समस्याएं शामिल हैं। इसके अलावा, ब्रांडेड पैकेट्स की नकल कर इसे बेचना कानूनन अपराध है।

कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून और कॉपीराइट एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में सप्लाई चैन और जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
मिट्टी वाली सरसों और अब सीमेंट लगे नकली जीरे के मामले यह दर्शाते हैं कि मिलावटखोर सीधे हमारी रसोई तक पहुंच चुके हैं। इसलिए हमेशा असली और भरोसेमंद ब्रांड का ही मसाला खरीदें और संदिग्ध दानों या पैकेट्स से दूरी बनाएं।

