BJP विधायक का हार्ट अटैक से निधन, इन लक्षणों को कभी न करें Ignore जा सकती है जान

punjabkesari.in Saturday, Jan 03, 2026 - 11:27 AM (IST)

नारी डेस्क:  उत्तर प्रदेश की राजनीति से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। बरेली की फरीदपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। हार्ट अटैक के बाद उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश की गई। अस्पताल में वेंटिलेटर, सीपीआर (CPR) जैसी सभी जरूरी मेडिकल सुविधाएं दी गईं, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि हम अक्सर दिल से जुड़ी चेतावनियों को हल्के में क्यों ले लेते हैं।

अटैक से पहले मिले थे संकेत, लेकिन समझने में हो गई देर

जानकारी के मुताबिक, हार्ट अटैक से पहले डॉ. श्याम बिहारी लाल को सीने में बेचैनी और असहजता महसूस हुई थी। हालांकि, शुरुआत में इसे गंभीर नहीं समझा गया। जब तक स्थिति की गंभीरता समझ आई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों का कहना है कि हार्ट अटैक अचानक नहीं आता। शरीर पहले ही हमें कुछ संकेत देने लगता है, जिन्हें पहचानना बेहद जरूरी होता है। यही समय ‘गोल्डन ऑवर’ कहलाता है, जिसमें सही इलाज मिलने पर जान बचाई जा सकती है।

जब दिल चेतावनी दे, तो उसे न करें नजरअंदाज

हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार, हार्ट अटैक से पहले शरीर कुछ साफ संकेत देता है। अगर इन लक्षणों के दिखते ही तुरंत मेडिकल मदद मिल जाए, तो कई मामलों में मरीज की जान बच सकती है।

हार्ट अटैक से पहले दिखने वाले आम लक्षण

सीने में भारीपन या दबाव, जैसे कोई वजन रखा हो। दर्द का फैलना, जो छाती से कंधे, बाएं हाथ या जबड़े तक जा सकता है। अचानक ठंडा पसीना आना, बिना किसी मेहनत के। सांस फूलना या घबराहट महसूस होना। बेचैनी और असहजता, जिसे अक्सर लोग गैस समझकर टाल देते हैं। याद रखें, सीने का हर दर्द गैस नहीं होता। ये लोग ज्यादा जोखिम में रहते हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कुछ लोग हार्ट अटैक के ज्यादा खतरे में होते हैं: हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोग। मोटापा और ज्यादा तनाव झेल रहे लोग। पहले से दिल की बीमारी वाले मरीज। अनियमित दिनचर्या और गलत खानपान अपनाने वाले लोग। इन लोगों को खासतौर पर सतर्क रहने की जरूरत होती है।

PunjabKesari

इमरजेंसी में क्या करें? ये कदम जान बचा सकते हैं

अगर आपको या आपके आसपास किसी को ऐसे लक्षण दिखें, तो घबराएं नहीं और तुरंत ये कदम उठाएं। तुरंत एम्बुलेंस या इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें। मरीज को खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल न ले जाएं। मरीज को आराम से बैठाएं या लिटाएं, ताकि दिल पर जोर न पड़े। डॉक्टर की सलाह से एस्पिरिन जैसी जरूरी दवा दी जा सकती है।

दिल से जुड़ी छोटी-सी चेतावनी भी बड़ी हो सकती है। समय पर पहचान और तुरंत इलाज ही जिंदगी बचा सकता है। खुद भी सतर्क रहें और अपनों को भी जागरूक करें।

 

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Priya Yadav

Related News

static