Ganesh Sthapana 2026: भगवान गणेश को बेहद प्रिय हैं ये 3 रंग, पूजा में जरूर करें शामिल

punjabkesari.in Monday, Sep 14, 2026 - 01:13 PM (IST)

नारी डेस्क : गणेश उत्सव के दौरान भक्त बप्पा को प्रसन्न करने के लिए उनकी विधि-विधान से पूजा करते हैं। उनके प्रिय भोग चढ़ाने से लेकर फूल, दूर्वा और सजावट तक हर चीज का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा में इस्तेमाल होने वाले रंगों का भी अपना महत्व होता है। भगवान गणेश को लाल, हरा और पीला रंग प्रिय माना जाता है। मान्यता है कि इन रंगों को पूजा और सजावट में शामिल करने से गणपति बप्पा की कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं इन तीनों रंगों का धार्मिक महत्व...

लाल रंग

लाल रंग को शुभता, ऊर्जा, साहस, उत्साह और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि गणेश पूजा में लाल रंग का विशेष महत्व बताया गया है। लाल गुड़हल का फूल भी भगवान गणेश को प्रिय माना जाता है। गणेश उत्सव के दौरान आप बप्पा को लाल रंग के फूल अर्पित कर सकते हैं। इसके अलावा गणपति की पोशाक, आसन या पूजा की सजावट में भी लाल रंग का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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हरा रंग

हरा रंग प्रकृति, हरियाली, ताजगी और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। गणेश पूजा में हरे रंग की दुर्वा चढ़ाने की परंपरा है और इसे बप्पा की पूजा में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। गणेश उत्सव में पूजा की थाली, सजावट या बप्पा के आसपास हरे रंग की प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं में हरा रंग भगवान गणेश के साथ भगवान शिव और माता पार्वती से भी जुड़ा माना जाता है।

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पीला रंग

सनातन परंपरा में पीले रंग को शुभ और मांगलिक माना जाता है। पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों में इस रंग का इस्तेमाल विशेष रूप से किया जाता है। पीला रंग ज्ञान, समृद्धि, सकारात्मकता और शुभता से जोड़ा जाता है। गणेश उत्सव में पीले फूल, वस्त्र या सजावट का इस्तेमाल किया जा सकता है। भगवान गणेश को पीले रंग के वस्त्र अर्पित करना भी शुभ माना जाता है।

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पूजा में रंगों का रखें ध्यान

गणेश उत्सव में लाल, हरे और पीले रंगों को अपनी पूजा और सजावट का हिस्सा बनाकर आप इसे और भी खूबसूरत बना सकते हैं। हालांकि, इन रंगों को लेकर बताई गई बातें धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसलिए इन्हें आस्था और परंपरा के अनुसार ही लें।


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Monika

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