मां बनने की सही उम्र, जानें भारत में महिलाएं कब कर रही हैं बच्चे की प्लानिंग

punjabkesari.in Thursday, Feb 26, 2026 - 05:25 PM (IST)

नारी डेस्क: पिछले पांच दशकों में भारत में परिवारों का आकार तेजी से छोटा हुआ है। अब महिलाएं औसतन दो से भी कम बच्चे जन्म दे रही हैं। यह बदलाव सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के कई देशों में भी देखा गया है। जैसे-जैसे महिलाओं की शिक्षा और आय बढ़ी, स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच बेहतर हुई, वैसे-वैसे परिवार और बच्चों की संख्या को लेकर फैसले भी बदल गए। इसका असर यह हुआ कि महिलाएं अब अपने बच्चे पैदा करने का समय भी पहले की तुलना में बदल रही हैं।

भारत में घट रही है टोटल फर्टिलिटी रेट (TFR)

टोटल फर्टिलिटी रेट (TFR) यह बताता है कि एक महिला अपने जीवन में औसतन कितने बच्चों को जन्म देती है। भारत में यह अब घटकर 1.9 रह गया है। इसका मतलब है कि औसतन हर महिला दो से भी कम बच्चे जन्म दे रही है। ग्रामीण इलाकों में यह दर शहरी इलाकों से थोड़ी ज्यादा है, लेकिन अब वहां भी जन्म दर लगभग रिप्लेसमेंट लेवल (2.1 बच्चे प्रति महिला) तक पहुंच चुकी है। डेमोग्राफर बताते हैं कि जब किसी देश का TFR 2.1 तक पहुंच जाता है, तो इसे रिप्लेसमेंट फर्टिलिटी कहा जाता है। इसका मतलब है कि आबादी लंबी अवधि में स्थिर रहती है और सिर्फ खुद को रिप्लेस करती है। भारत में यह दर इससे भी कम हो चुकी है, जिससे संकेत मिलता है कि आने वाले सालों में जनसंख्या बढ़ने की बजाय स्थिर या घटने की ओर जाएगी।

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दुनियाभर और भारत में बदलाव

दुनिया भर में महिलाओं की प्रजनन दर में गिरावट देखी जा रही है। भारत के उत्तर और पूर्वी राज्यों में, जहां पहले बच्चों की संख्या ज्यादा थी, अब परिवार छोटे हो रहे हैं। दक्षिण और पश्चिम भारत में यह बदलाव पहले ही आ चुका था। बिहार जैसे राज्य में भी, जो लंबे समय तक सबसे ज्यादा फर्टिलिटी वाला माना जाता था, अब औसतन बच्चों की संख्या तीन से नीचे आ चुकी है।

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किस उम्र में बन रही हैं मां?

National Family Health Survey (NFHS) 2021-22 के अनुसार भारतीय महिलाएं अब कम बच्चे पैदा कर रही हैं, लेकिन बहुत देर से मां नहीं बन रही हैं। पहले बच्चे का औसत जन्म 21 साल के आसपास हो रहा है। यह बदलाव मुख्य रूप से शादी की उम्र में बदलाव के कारण आया है।

अंतिम बच्चे की उम्र में बदलाव

पहले महिलाएं 30 के आखिरी वर्षों तक बच्चों को जन्म देती थीं। अब महिलाएं अपनी सारी प्रेग्नेंसी 20 के आखिरी हिस्से या 30 की शुरुआत में पूरी कर रही हैं। इससे आखिरी बच्चे के जन्म की औसत उम्र में लगभग 5 साल की गिरावट आई है। भारत में महिला स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवनशैली में बदलाव के चलते परिवार का आकार छोटा हो गया है। पहली बार मां बनने की उम्र में हल्की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अधिकांश महिलाएं अभी भी 21–25 साल की उम्र में पहली बार मां बन रही हैं। आखिरी बच्चे की उम्र पहले की तुलना में काफी घट गई है।

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कुल मिलाकर, महिलाएं जल्दी और योजना के साथ मातृत्व चुन रही हैं।  


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Content Editor

Priya Yadav

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