डॉक्टरों की चेतावनी! ये 5 दवाइयां खाने से पहले सोचो, Brain पर डाल रही बुरा असर
punjabkesari.in Monday, Feb 23, 2026 - 04:50 PM (IST)
नारी डेस्क: दवाएं हमारी सेहत सुधारने और बीमारियों से लड़ने में बेहद अहम भूमिका निभाती हैं। सिरदर्द से लेकर एंजायटी, एलर्जी या गंभीर दर्द तक हर समस्या के लिए दवाएं मौजूद हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ आम दवाओं का लंबे समय तक या बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल करने से दिमाग (ब्रेन) पर बुरा असर पड़ सकता है? अमेरिका के मिशिगन के न्यूरोसर्जन ने चेतावनी दी है कि कुछ ओवर-द-काउंटर (OTC) और प्रिस्क्रिप्शन दवाएं अगर लंबे समय तक ली जाएं, तो वे याददाश्त, सोचने-समझने की क्षमता और ब्रेन के कामकाज को प्रभावित कर सकती हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि कौन-सी दवाएं और कैसे असर डाल सकती हैं।
बेंजोडायजेपाइन्स (Benzodiazepines)
इन दवाओं में Alprazolam, Lorazepam और Diazepam जैसी दवाएं शामिल हैं। इन्हें आमतौर पर एंजायटी, पैनिक अटैक, अनिद्रा और मिर्गी के दौरे में दिया जाता है। कम समय के लिए ये दवाएं काफी असरदार होती हैं और मरीज को तुरंत राहत देती हैं। लेकिन अगर इन्हें लंबे समय तक लिया जाए तो याददाश्त कमजोर हो सकती है, सोचने की गति धीमी पड़ सकती है और इनकी लत भी लग सकती है। बुजुर्गों में इन दवाओं से गिरने और चोट लगने का खतरा भी बढ़ जाता है।

एंटीकॉलिनर्जिक दवाएं (Anticholinergic Drugs)
इनमें Diphenhydramine, Oxybutynin और कुछ एंटीडिप्रेसेंट्स शामिल हैं। ये दवाएं एलर्जी, सर्दी-जुकाम, ओवरएक्टिव ब्लैडर और कुछ मानसिक समस्याओं में दी जाती हैं। ये दवाएं दिमाग में मौजूद एसिटाइलकोलिन नामक केमिकल को ब्लॉक करती हैं, जो याददाश्त और सीखने की प्रक्रिया के लिए जरूरी होता है। लंबे समय तक इनका इस्तेमाल करने से भ्रम की स्थिति, ध्यान में कमी और यहां तक कि डिमेंशिया का खतरा भी बढ़ सकता है।
ओपिओइड्स (Opioids)
Oxycodone, Hydrocodone और Morphine जैसी दवाएं तेज दर्द, सर्जरी के बाद का दर्द या कैंसर के दर्द में दी जाती हैं। ये बहुत शक्तिशाली पेनकिलर होती हैं। हालांकि ये दर्द से राहत देती हैं, लेकिन लंबे समय तक इस्तेमाल करने से इनकी लत लग सकती है। रिसर्च में पाया गया है कि ज्यादा उपयोग से ब्रेन की संरचना में बदलाव आ सकता है और ग्रे मैटर कम हो सकता है। इससे निर्णय लेने की क्षमता और सोचने की शक्ति प्रभावित हो सकती है।
ये भी पढ़ें: ये लक्षण दिखें तो बढ़ रहा है थायरॉयड, तुरंत कराएं जांच
कीमोथेरेपी दवाएं (Chemotherapy Drugs)
Methotrexate और Cisplatin जैसी दवाएं कैंसर के इलाज में दी जाती हैं। ये जान बचाने वाली दवाएं हैं, लेकिन कुछ मरीजों को इलाज के दौरान या बाद में “कीमो ब्रेन” की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में मरीज को ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत, भूलने की आदत और सोचने की गति में कमी महसूस हो सकती है। कई मामलों में यह असर अस्थायी होता है, लेकिन कुछ लोगों में यह लंबे समय तक रह सकता है।
स्टिमुलेंट्स (Stimulants)
Amphetamines जैसी दवाएं ADHD (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर) और नार्कोलेप्सी में दी जाती हैं। डॉक्टर की निगरानी में ये दवाएं सुरक्षित हो सकती हैं। लेकिन अगर इन्हें बिना प्रिस्क्रिप्शन या ज्यादा मात्रा में लिया जाए तो चिंता बढ़ सकती है, नींद खराब हो सकती है, ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और दिमाग के डोपामाइन सिस्टम में असंतुलन हो सकता है।
क्यों जरूरी है सावधानी?
डॉक्टरों का कहना है कि इन दवाओं को पूरी तरह गलत नहीं कहा जा सकता, क्योंकि ये कई गंभीर बीमारियों में राहत देती हैं। समस्या तब होती है जब लोग इन्हें अपनी मर्जी से, लंबे समय तक या जरूरत से ज्यादा लेने लगते हैं। हर दवा का असर सिर्फ शरीर पर नहीं, बल्कि दिमाग पर भी पड़ सकता है। इसलिए कोई भी दवा लंबे समय तक लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

क्या करें?
बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें। दवा की सही डोज और अवधि का पालन करें। अगर याददाश्त, ध्यान या व्यवहार में बदलाव महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। ओवर-द-काउंटर दवाओं को भी हल्के में न लें। दवाएं जीवन बचाती हैं, लेकिन उनका गलत या लंबे समय तक इस्तेमाल नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसलिए जागरूक रहें और किसी भी दवा का उपयोग डॉक्टर की निगरानी में ही करें। आपकी ब्रेन हेल्थ आपकी सबसे बड़ी ताकत है इसे सुरक्षित रखना आपकी जिम्मेदारी है।

