Covid Vaccine के बाद से अब क्यों तेजी आ रहे Heart और Brain Attack?
punjabkesari.in Monday, Apr 27, 2026 - 08:10 PM (IST)
नारी डेस्कः कोरोना का कहर और फिर इससे लड़ने के लिए कोविड वैक्सीन के बाद के बाद, लोगों को कई तरह की हैल्थ प्रॉब्लम्स का सामना करना पड़ रहा है। बहुत से लोगों को तो यह लगता है कि जब से कोविड की वैक्सीन ली है तब से लिवर लंग्स, हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक के मामले तेजी से बढ़ गए हैं लेकिन क्या सच में ऐसा हुआ है।
क्या सच में Covid Vaccine के बाद हार्ट अटैक-ब्रेन अटैक बढ़े?
रिपोर्ट्स की मानें तो हा कोविड के बाद हार्ट व ब्रेन अटैक जैसे मामले तेजी से बढ़े हैं लेकिन इसका मुख्य कारण कोविड से होने वाली इंफेक्शन को माना जाता रहा है ना कि इसकी वैक्सीन को तो ऐसे में लोगों के दिमाग में ये सवाल भी रहे कि फिर कोविड के बाद ही क्यों बढ़े हैं?
हैल्थ प्रॉब्लम्स के बढ़ने का कारण क्या है?
शरीर में सूजनःकोविड इंफेक्शन के बाद शरीर में बहुत सारी समस्याएं तेजी से बढ़ी हैं जैसेः बॉडी में इन्फ्लेमेशन (सूजन) बढ़ना क्योंकि कोविड के बाद शरीर में बहुत ज्यादा सूजन पैदा हुई। इससे ब्लड वेसल्स (नसें) प्रभावित होती हैं।
खून का गाढ़ा होनाः कोविड के बाद खून के थक्के (Clotting) बनने का खतरा बढ़ जाता है और यही थक्के हार्ट अटैक व स्ट्रोक का भी कारण बन सकते हैं।
दिल पर सीधा असरः वायरस दिल की मांसपेशियों और आट्ररीज (arteries) को प्रभावित कर सकता है।
लंबे समय तक असरः रिसर्च के अनुसार, कोविड होने के बाद, 3 साल तक हार्ट अटैक/स्ट्रोक का खतरा बढ़ा रह सकता है। Covid के बाद कुछ हफ्तों में हार्ट अटैक/स्ट्रोक का जोखिम 2–3 गुना तक बढ़ सकता है।

क्या Covid Vaccine इसकी वजह है?
ज्यादातर मामलों में कोविड वैक्सीन इसकी वजह नहीं है। वैज्ञानिकों के अनुसार, कोविड वैक्सीन से स्ट्रोक या हार्ट अटैक का सामान्य खतरा नहीं बढ़ता बल्कि वैक्सीन लेने से Covid की गंभीरता कम होती है।
फिर लोगों को क्यों लगता है कि कोविड वैक्सीन कारण है?
इसका सबसे बड़ा कारण लाइफस्टाइल खराब होना माना जा रहा है। Pandemic के बाद lifestyle पर सबसे ज्यादा असर पड़ा। लॉकडाउन के दौरान लोगों ने घर पर रहकर काम किया, एक्सरसाइज कम की जिसके चलते तेजी से वजन बढ़ा। इस दौरान काम को लेकर स्ट्रेस हुई। ये सारे कारण दिल पर असर डालते हैं। पहले से ही बीमारियां जैसे डायबिटीज, BP, मोटापा से ग्रस्त लोगों पर इसका ज्यादा प्रभाव दिखा।
कोविड खुद छुपा हुआ असर छोड़ गया। कुछ लोगों को तो कोविड का हल्का-फुल्का इंफेक्शन रहा और उन्हें पता भी नहीं चला लेकिन कुछ लोगों को कोविड का असर ज्यादा दिखा लेकिन बाद में हार्ट पर इसका असर पड़ा।
बहुत कम लोगों में लेकिन हां कोविड वेक्सीन के कुछ दुर्लभ लक्षण देखे गए। कुछ वैक्सीन में बहुत दुर्लभ क्लोटिंग या myocarditis देखा गया लेकिन ये बहुत ही कम मामले थे इसका सबसे बड़ा व मुख्य कारण कोविड इंफेक्शन को ही दिखा गया हालांकि ज्यादातर मामलों में वैक्सीन को सुरक्षित पाया गया। बहुत से लोगों को इस दौरान समय का भी भ्रम रहा। वैक्सीन के बाद अगर किसी को हार्ट अटैक हुआ को लोग उसे वैक्सीन से जोड़ देते हैं जबकि वो पहले से जोखिम में हो सकता है।

