अब दवाइयों से मिल सकती है छुट्टी! ये थेरेपी खराब Cholesterol को निकाल फेंकेगी बाहर

punjabkesari.in Friday, May 29, 2026 - 01:02 PM (IST)

नारी डेस्क : हार्ट की बीमारियों और बढ़े हुए बैड कोलेस्ट्रॉल से जूझ रहे करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ी राहतभरी खबर सामने आई है। वैज्ञानिकों ने ऐसी नई जीन थैरेपी विकसित करने का दावा किया है, जो सिर्फ एक बार लेने पर लंबे समय तक बैड LDL कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रख सकती है। अगर आने वाले बड़े ट्रायल्स भी सफल रहते हैं, तो भविष्य में मरीजों को जिंदगीभर कोलेस्ट्रॉल की दवाइयां खाने की जरूरत नहीं पड़ सकती।

स्टडी में क्या सामने आया?

नई जीन थैरेपी Verve-102 पर हुई रिसर्च में पाया गया कि यह शरीर में मौजूद बैड LDL कोलेस्ट्रॉल को 62 प्रतिशत तक कम करने में सफल रही। यह अध्ययन उन मरीजों पर किया गया था, जिन्हें जन्म से हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या थी या कम उम्र में हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ चुका था। शुरुआती ट्रायल में 35 मरीजों को शामिल किया गया। रिसर्च के दौरान जिन मरीजों को ज्यादा डोज दी गई, उनमें LDL कोलेस्ट्रॉल का स्तर औसतन 78 mg/dL तक कम हो गया। खास बात यह रही कि कई मरीजों में इसका असर लगभग एक साल तक बना रहा।

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हार्ट मरीजों के लिए क्यों अहम है यह रिसर्च?

All India Institute of Medical Sciences के कार्डियोलॉजी प्रोफेसर डॉ. अम्बुज रॉय के अनुसार, यह रिसर्च हार्ट डिजीज के इलाज में बड़ा बदलाव ला सकती है। उनका कहना है कि यह तकनीक शरीर में लंबे समय तक LDL कोलेस्ट्रॉल कम रखने में मदद कर सकती है।

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कैसे काम करती है यह Gene Therapy?

वैज्ञानिकों के मुताबिक यह थैरेपी लिवर में मौजूद PCSK9 जीन को स्थायी रूप से बंद कर देती है। यही जीन शरीर में कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाता है। इस प्रक्रिया में एडवांस “Base Editing” तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसे जीन एडिटिंग का बेहद सटीक और आधुनिक तरीका माना जाता है।

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क्यों खतरनाक है Bad Cholesterol?

हाई LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को दुनियाभर में हार्ट अटैक, स्ट्रोक और ब्लॉकेज की बड़ी वजह माना जाता है। कई मरीज दवाइयों के बावजूद पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह पाते। ऐसे में यह नई थैरेपी भविष्य में “वन टाइम ट्रीटमेंट” का विकल्प बन सकती है। हालांकि यह रिसर्च अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन राहत की बात यह है कि ट्रायल के दौरान कोई बड़ा सुरक्षा खतरा सामने नहीं आया। दवा कंपनी ने बताया है कि इस साल Verve-102 के दूसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल शुरू किए जाएंगे।


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Monika

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