दांतों में लगे कीड़े से राहत पाने के लिए अपनाएं ये 4 घरेलू उपाय, दर्द से मिल सकती है राहत
punjabkesari.in Saturday, Jul 11, 2026 - 01:16 PM (IST)
नारी डेस्क : सफेद और स्वस्थ दांत न केवल आपकी मुस्कान को आकर्षक बनाते हैं, बल्कि आपके अच्छी सेहत का भी संकेत होते हैं। लेकिन जब दांतों में कैविटी (Tooth Cavity) या सड़न शुरू हो जाती है, तो दर्द, संवेदनशीलता और खाने-पीने में परेशानी होने लगती है। आम भाषा में इसे दांतों में "कीड़े लगना" कहा जाता है, जबकि वास्तव में यह बैक्टीरिया द्वारा दांतों की ऊपरी परत (एनामेल) को नुकसान पहुंचाने से होने वाली समस्या है। कैविटी के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे दांतों की ठीक से सफाई न करना, मीठी चीजों का अधिक सेवन, मुंह में बैक्टीरिया का बढ़ना और खराब ओरल हाइजीन। शुरुआती अवस्था में कुछ घरेलू उपाय अस्थायी राहत दे सकते हैं, लेकिन यदि दर्द लगातार बना रहे या कैविटी गहरी हो जाए, तो तुरंत दंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
लौंग (Clove)
लौंग को दांत दर्द के लिए सबसे पुराने घरेलू उपायों में से एक माना जाता है। इसमें यूजेनॉल (Eugenol) नामक प्राकृतिक यौगिक पाया जाता है, जिसमें एंटीबैक्टीरियल और हल्के दर्द निवारक गुण होते हैं। प्रभावित दांत पर लौंग का तेल रुई की मदद से हल्के हाथों से लगाने या एक-दो लौंग चबाने से अस्थायी राहत मिल सकती है।

लहसुन (Garlic)
लहसुन में मौजूद एलिसिन (Allicin) नामक तत्व एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है। यह मुंह में मौजूद कुछ हानिकारक बैक्टीरिया की संख्या कम करने में मदद कर सकता है। लहसुन की एक कली को हल्का कुचलकर प्रभावित हिस्से पर कुछ मिनट के लिए लगाने से दर्द में अस्थायी राहत मिल सकती है।
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नमक के गुनगुने पानी से कुल्ला
गुनगुने पानी में नमक मिलाकर कुल्ला करना मुंह की सफाई बनाए रखने का एक आसान और प्रभावी तरीका माना जाता है। यह मुंह में मौजूद बैक्टीरिया को कम करने, सूजन घटाने और भोजन के फंसे हुए कणों को बाहर निकालने में मदद कर सकता है। दिन में 2–3 बार नमक के पानी से कुल्ला करने से दांतों और मसूड़ों को आराम मिल सकता है।

नींबू (Lemon)
नींबू विटामिन C का अच्छा स्रोत है और इसमें मौजूद कुछ प्राकृतिक तत्व बैक्टीरिया की वृद्धि को कम करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, नींबू अम्लीय (Acidic) होता है, इसलिए इसे सीधे दांतों पर बार-बार लगाने से दांतों के एनामेल को नुकसान पहुंच सकता है। यदि इसका उपयोग करें तो सीमित मात्रा में करें और बाद में साफ पानी से अच्छी तरह कुल्ला जरूर करें।
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कैविटी से बचने के लिए अपनाएं ये आदतें
दिन में कम से कम दो बार फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से ब्रश करें।
रोजाना डेंटल फ्लॉस का इस्तेमाल करें।
मीठी चीजों और शक्कर वाले पेय चीजों का सेवन सीमित करें।
हर 6 महीने में एक बार दंत चिकित्सक से दांतों की जांच कराएं।
भोजन के बाद साफ पानी से कुल्ला करने की आदत डालें।

घरेलू उपाय शुरुआती दर्द या हल्की परेशानी में कुछ समय के लिए राहत दे सकते हैं, लेकिन ये कैविटी को पूरी तरह ठीक नहीं कर सकते। यदि दांत में लगातार दर्द, सूजन, पस, या गहरा काला गड्ढा दिखाई दे, तो बिना देर किए दंत चिकित्सक से इलाज कराना जरूरी है। समय पर इलाज कराने से दांत को बचाया जा सकता है और आगे की जटिलताओं से भी बचाव होता है।

