Heatwave और तेज गर्मी से बढ़ सकता है हार्ट अटैक का रिस्क, ऐसे करें बचाव
punjabkesari.in Friday, May 22, 2026 - 11:35 AM (IST)
नारी डेस्क : देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। लगातार बढ़ता तापमान लोगों की सेहत पर गंभीर असर डाल रहा है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में एक बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या ज्यादा गर्मी हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ा सकती है? डॉक्टर के अनुसार, गर्मी सीधे तौर पर हार्ट अटैक का कारण नहीं बनती, लेकिन ज्यादा तापमान दिल पर अधिक दबाव जरूर डालता है। खासतौर पर वे लोग, जिन्हें पहले से हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज या अन्य गंभीर बीमारियां हैं, उन्हें इस मौसम में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
गर्मी और हार्ट का क्या है कनेक्शन?
डॉक्टर बताते हैं कि जब तापमान बहुत अधिक होता है, तो शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा मेहनत करता है। इस प्रक्रिया में हार्ट को शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने के लिए तेज़ी से काम करना पड़ता है। अधिक पसीना आने के कारण शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट प्रभावित हो सकते हैं। लंबे समय तक डिहाइड्रेशन रहने पर खून गाढ़ा होने लगता है, जिससे ब्लड क्लॉट बनने का खतरा बढ़ सकता है। यदि यह थक्का हार्ट की किसी आर्टरी में पहुंच जाए, तो हार्ट अटैक की स्थिति पैदा हो सकती है।

किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है?
गर्मी के मौसम में हर व्यक्ति को समान खतरा नहीं होता, लेकिन कुछ लोगों में हार्ट से जुड़ी परेशानियों का जोखिम अधिक देखा जाता है। खासतौर पर हाई बीपी और पहले से हार्ट की बीमारी से पीड़ित लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इसके अलावा बुजुर्ग, डायबिटीज़ के मरीज और लंबे समय तक धूप में रहने या बाहर काम करने वाले लोग भी ज्यादा जोखिम में रहते हैं, क्योंकि तेज गर्मी और डिहाइड्रेशन उनके शरीर और दिल पर अतिरिक्त दबाव डाल सकते हैं।
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कौन से लक्षण हो सकते हैं खतरनाक?
अगर तेज गर्मी के दौरान शरीर में ये लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत सावधान हो जाना चाहिए
अचानक बहुत ज्यादा पसीना आना
छाती में दर्द या दबाव महसूस होना
सांस फूलना और दिल की धड़कन तेज होना।
चक्कर आना या कमजोरी महसूस होना।

कैसे करें बचाव?
विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ आसान सावधानियां अपनाकर गर्मी के दुष्प्रभाव और हार्ट से जुड़े जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक तेज धूप में जाने से बचें
हल्के और ढीले कपड़े पहनें
ज्यादा कैफीन और शराब से दूरी बनाए रखें
बाहर काम करने के दौरान बीच-बीच में आराम करें।
हार्ट या बीपी की दवाएं डॉक्टर की सलाह के बिना बंद न करें।

ज्यादा गर्मी केवल थकान या डिहाइड्रेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल की सेहत पर भी गंभीर असर डाल सकती है। खासतौर पर हार्ट मरीजों, बुजुर्गों और हाई बीपी से पीड़ित लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। सही खानपान, पर्याप्त पानी और सावधानी से गर्मी के खतरों से बचा जा सकता है।

