40 की उम्र के बाद दिल का रखें खास ख्याल, हार्ट अटैक से बचने के लिए अपनाएं ये 7 जरूरी आदतें
punjabkesari.in Thursday, Jul 09, 2026 - 11:36 AM (IST)
नारी डेस्क: 40 वर्ष की उम्र पार करने के बाद शरीर में कई ऐसे बदलाव शुरू होते हैं, जो धीरे-धीरे दिल की सेहत को प्रभावित कर सकते हैं। बदलती जीवनशैली, तनाव, शारीरिक गतिविधि में कमी, बढ़ता वजन, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और खराब खानपान जैसी आदतें हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में समय रहते सतर्क रहना और नियमित स्वास्थ्य जांच कराना बेहद जरूरी हो जाता है।
कार्डियोलॉजिस्ट ने दी समय पर जांच कराने की सलाह
40 साल की उम्र के बाद हर व्यक्ति को अपनी हार्ट हेल्थ को लेकर गंभीर होना चाहिए। हालांकि आजकल 25 से 40 वर्ष के युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह असंतुलित जीवनशैली, धूम्रपान, शराब का सेवन, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी मानी जा रही है। डॉक्टर का कहना है कि सिर्फ वास्तविक उम्र नहीं, बल्कि आपकी बायोलॉजिकल एज भी मायने रखती है। कई लोग कम उम्र में ही ऐसी जीवनशैली अपना लेते हैं, जिससे उनका शरीर अपेक्षा से अधिक उम्र का दिखाई देने लगता है, जबकि कुछ लोग 50 की उम्र में भी पूरी तरह फिट रहते हैं।

किन लोगों को हर साल हार्ट चेकअप कराना चाहिए
अगर आपकी उम्र 40 साल से अधिक है, आपको डायबिटीज है, हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है या परिवार में किसी सदस्य को कम उम्र में हार्ट की बीमारी रह चुकी है, तो साल में कम से कम एक बार हार्ट हेल्थ चेकअप जरूर कराना चाहिए। इस दौरान डॉक्टर की सलाह पर ये जांच कराई जा सकती हैं
लिपिड प्रोफाइल
ब्लड शुगर टेस्ट
रूटीन ब्लड टेस्ट
टीएमटी (ट्रेडमिल टेस्ट)
जरूरत पड़ने पर सीटी कैल्शियम स्कोरिंग
सीटी कैल्शियम स्कोरिंग से यह पता लगाया जा सकता है कि दिल की धमनियों में कैल्शियम जमा हो रहा है या नहीं। इससे भविष्य में हार्ट अटैक के खतरे का अनुमान लगाने में मदद मिलती है।
हाई बीपी, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल को नजरअंदाज न करें
कि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल हार्ट अटैक के सबसे बड़े जोखिम कारकों में शामिल हैं। सामान्य तौर पर ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg के आसपास होना बेहतर माना जाता है। यदि यह लगातार अधिक रहता है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज शुरू करना जरूरी है। डायबिटीज के मरीजों को अपनी ब्लड शुगर नियंत्रित रखने के साथ-साथ साल में कम से कम एक बार HbA1c टेस्ट भी जरूर कराना चाहिए। यह जांच पिछले तीन महीनों के औसत ब्लड शुगर स्तर की जानकारी देती है।
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पेट की चर्बी भी बन सकती है खतरे की घंटी
विशेषज्ञों के अनुसार पेट के आसपास जमा होने वाली चर्बी, जिसे विसरल फैट कहा जाता है, दिल के लिए काफी नुकसानदायक होती है। इससे शरीर में सूजन बढ़ सकती है, फैटी लिवर की समस्या हो सकती है और हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है। स्वस्थ रहने के लिए पुरुषों की कमर 90 सेंटीमीटर से कम और महिलाओं की कमर 80 सेंटीमीटर से कम होनी चाहिए। इससे अधिक माप होने पर इसे चेतावनी का संकेत माना जाता है।
रोजाना की एक्सरसाइज दिल को रखती है मजबूत
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की गाइडलाइन के अनुसार, हर व्यक्ति को सप्ताह में कम से कम पांच दिन रोज 30 मिनट तक तेज चाल से पैदल चलना चाहिए। यानी सप्ताह में करीब 150 मिनट की शारीरिक गतिविधि दिल को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी मानी जाती है। यदि किसी कारण से लंबे समय तक बैठे रहना पड़ता है, तो हर घंटे कम से कम पांच मिनट का ब्रेक जरूर लें। इस दौरान थोड़ा टहलें, पानी पिएं या हल्की-फुल्की गतिविधि करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहता है और दिल पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता।

40 के बाद अपनाएं ये 7 जरूरी आदतें
साल में कम से कम एक बार हार्ट हेल्थ चेकअप जरूर कराएं। ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रण में रखें। रोज कम से कम 30 मिनट पैदल चलें या नियमित व्यायाम करें। पेट की चर्बी कम करने पर विशेष ध्यान दें। धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं। संतुलित और पौष्टिक भोजन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। लंबे समय तक लगातार बैठने से बचें और बीच-बीच में शरीर को सक्रिय रखें।
समय रहते सतर्क रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा
विशेषज्ञों का मानना है कि हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति से बचाव केवल दवाओं से नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से भी संभव है। नियमित जांच, संतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि और जोखिम कारकों पर नियंत्रण रखकर लंबे समय तक दिल को स्वस्थ बनाए रखा जा सकता है।

