महिला को हुआ किडनी स्टोन का दर्द और काटनी पड़ गई 8 ऊंगलिया, खतरनाक बीमारी से हालत खराब

punjabkesari.in Wednesday, Jan 14, 2026 - 06:11 PM (IST)

नारी डेस्क: शरीर में कभी भी किसी बीमारी का असर हो सकता है और कभी-कभी मामूली लक्षण भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। ऐसा ही एक डरावना मामला ब्रिटेन के स्वानसी (Swansea) शहर की 48 वर्षीय लुईस मार्शलसे के साथ हुआ। लुईस को तीन साल पहले किडनी स्टोन का ऑपरेशन कराया गया था। हाल ही में उन्हें फिर से वही तरह का तेज दर्द महसूस हुआ। जब वे अस्पताल गईं, तो डॉक्टरों ने इसे साधारण किडनी स्टोन का दर्द बताया और कहा कि यह छोटा है और अपने आप निकल जाएगा। उन्हें घर लौटने और ज्यादा चिंता न करने की सलाह दी गई। लेकिन उसी शाम लुईस की हालत अचानक बिगड़ गई। वह बार-बार बेहोश होने लगीं और उनके हाथ और पैर काले और बैंगनी रंग के होने लगे।

अस्पताल में हालात

घबराए परिवार ने तुरंत एंबुलेंस बुलाकर लुईस को अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचते ही उनकी हालत गंभीर हो गई। जब उन्होंने होश पाया तो चार दिन बीत चुके थे। जांच में पता चला कि उन्हें सेप्टिक शॉक (Septic Shock) हो गया था, न कि सिर्फ किडनी स्टोन।

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सेप्टिक शॉक और सेप्सिस क्या है?

सेप्सिस तब होता है जब शरीर किसी इंफेक्शन पर जरूरत से ज्यादा और खतरनाक तरीके से प्रतिक्रिया करता है। सेप्टिक शॉक सेप्सिस का सबसे खतरनाक स्टेज है। इसमें ब्लड प्रेशर गिर जाता है, अंगों तक खून का प्रवाह कम हो जाता है और दिल, किडनी जैसे जरूरी अंग ठीक से काम नहीं कर पाते। यह बैक्टीरिया, वायरस या फंगस की वजह से हो सकता है और इसे आम भाषा में ब्लड पॉइजनिंग भी कहा जाता है।

उंगलियां क्यों काटनी पड़ीं

लुईस की हालत गंभीर थी। डॉक्टरों को उनके दिल, दिमाग और महत्वपूर्ण अंगों को बचाने के लिए हाथ और पैरों में रक्त प्रवाह कम करना पड़ा। इससे हाथ और पैरों की टिश्यू खराब होने लगी। करीब दो हफ्ते बाद डॉक्टरों ने बताया कि दाहिने हाथ और पैर की उंगलियां बचाई नहीं जा सकतीं। सभी उंगलियां काट दी गईं। लुईस ने बताया कि सर्जरी के दौरान वे होश में थीं और अपनी उंगलियां कटते हुए देख रही थीं। उन्होंने कहा “यह किसी डरावनी फिल्म जैसा था, जिसे मैं कभी नहीं भूल सकती।”

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रिकवरी का सफर

सर्जरी के बाद लुईस छह हफ्ते तक अस्पताल में रहीं। उन्हें खाना बनाने, नहाने और सामान उठाने में मदद की जरूरत थी। दाहिने कान से सुनने की क्षमता भी कम हो गई। बाद में उन्हें प्रोस्थेटिक लैब भेजा गया, जहां उनके लिए नकली उंगलियां बनाई गईं।

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सेप्सिस कितना खतरनाक है

यूके में हर साल करीब 52,000 लोग सेप्सिस की वजह से मरते हैं। रिसर्च बताती है कि जिन लोगों को सेप्सिस से बचाया जाता है, उनमें लगभग 1% को अंगों को कटवाना पड़ता है।

सेप्सिस के शुरुआती लक्षण

सेप्सिस एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसके शुरुआती चेतावनी संकेत हैं

तेज बुखार या ठंड लगना

दिल की धड़कन तेज होना

सांस जल्दी चलना

अचानक भ्रम या कन्फ्यूजन

शरीर में असहनीय दर्द या बेचैनी

त्वचा का ठंडी-चिपचिपी या पसीने से भीगी होना

अत्यधिक कमजोरी

इंफेक्शन वाली जगह पर लालिमा, सूजन या दर्द

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कभी भी मामूली लक्षणों को नजरअंदाज न करें। अचानक तबीयत बिगड़ने, बेहोशी या हाथ-पैर का रंग बदलने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज और सावधानी जीवन बचा सकती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं है।   

 


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Content Editor

Priya Yadav

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